Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
बालाघाट में घर में घुसकर सो रही महिला को उठा ले गया बाघ: कान्हा बफर जोन में दिल नहला देने वाला हादसा... पन्ना में दर्दनाक हादसा: 9 माह की गर्भवती महिला और अजन्मे बच्चे की मौत, एनीमिया बनी वजह; पति पर लापर... इंदौर ने नम आंखों से दी वीर सपूत को अंतिम विदाई, मेजर हमजा आरिफ सैन्य सम्मान के साथ सुपुर्द-ए-खाक ग्वालियर में गुमशुदा तोते 'शकुंतला' के लिए 50 हजार का इनाम: ढोल-लाउडस्पीकर से तलाश में जुटा ओझा परिव... इंदौर में महज 7 दिन में टूटा शादी का बंधन, फैमिली कोर्ट ने तलाक की अर्जी को दी मंजूरी रतलाम में एग्रीमेंट वाली शादी का खौफनाक अंत: 3rd फ्लोर से रस्सी के सहारे भाग रही थी 23 साल की दुल्हन... छतरपुर में हॉस्टल की बड़ी लापरवाही! छत फांदकर एक साथ भागे 3 छात्र; मचा हड़कंप, परिजनों के उड़े होश गोरखपुर में दिल दहला देने वाली घटना, बहन से छेड़छाड़ का विरोध करने पर 9 वर्षीय मासूम की पीट-पीटकर हत... Vपप्पू यादव की प्रेस कॉन्फ्रेंस में हंगामा: चाकू लेकर पहुंचा युवक, समर्थकों ने दबोचा; सांसद बोले— 'म... Solar Eclipse 2027: 75 साल बाद सऊदी अरब में दिखेगा पूर्ण सूर्य ग्रहण, 21वीं सदी की सबसे बड़ी खगोलीय ...

ठेकेदार समय से नहीं बना पाया स्टेडियम, अब रोज 1000 देगा जुर्माना; 3 साल पहले पूरा होना था काम

45

उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में खिलाड़ियों के भविष्य को ध्यान में रखकर प्रदेश सरकार के द्वारा साल 2018 में करीब 6 करोड़ 29 लाख रुपए की लागत से स्टेडियम की नीव रखी गई थी. जिसे साल 2022 में पूरा करना था. स्टेडियम की बात करें तो यह स्टेडियम खेलो इंडिया योजना के तहत खिलाड़ियों को बढ़ावा देने के लिए था. जो एक पैन इंडियन स्पोर्ट स्कॉलरशिप प्रोग्राम है जो सालाना सभी खेलों के 1000 प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को फंडिंग देता है. गाजीपुर में इस स्टेडियम के अधूरे होने के कारण अभी तक यह योजना धरातल पर नहीं आ पाई है.

जानकारी के मुताबिक, स्टेडियम को साल 2022 में खेल विभाग को ट्रांसफर हो जाना चाहिए था जिससे भारत सरकार के खेलो इंडिया योजना के तहत खिलाड़ियों को कई तरह के खेल, जिसमें क्रिकेट, वॉलीबॉल, हैंडबॉल, बास्केटबॉल, हॉकी, फुटबॉल, एथलेटिक्स इत्यादि के खेलों के खिलाड़ियों को बढ़ावा मिलता. लेकिन स्टेडियम का काम पूरा होना तो दूर, तय समय से भी 3 साल अधिक हो जाने के बाद भी स्टेडियम पूर्ण रूप से सभी मानकों पर पूरा नहीं हुआ. जिसके कारण आज तक यह खेल विभाग को ट्रांसफर नहीं हो पाया है.

2022 में पूरा होना था काम

स्टेडियम को बनाने वाली कार्यवाही संस्था, जिसे 2022 में स्टेडियम को पूर्ण कर लेना था. लेकिन जब दिसंबर 2023 तक यह पूर्ण नहीं हो पाया तब शासन के द्वारा संस्था पर 1000 रुपए प्रतिदिन का जुर्माना लगाया गया. जो आज तक लगातार चल रहा है. काम को लेकर जनवरी महीने में एक टीम जब स्टेडियम पहुंची तो उसने बहुत सारे काम अधूरे पाए. जिसमें फील्ड के समतलीकरण के साथ ही ड्रिप सिंचाई ,वॉलीबॉल का कोर्ट और इत्यादि काम अभी पूरे नहीं हुए हैं.

काम करने वाली संस्था पर लगा जुर्माना

जिला खेल अधिकारी अरविंद यादव ने कहा कि शासन की मंशा के अनुसार यह स्टेडियम 2022 में पूर्ण हो जाना चाहिए था. लेकिन अभी तक पूर्ण नहीं हुआ है, इस स्टेडियम में बहुत सारे काम आज भी अधूरे हैं और काम करने वाली संस्था को कई बार नोटिस भी दिया गया. लेकिन संस्था ने अभी तक इसे पूर्ण नहीं किया है. वहीं उन्होंने यह भी कहा कि दिसंबर 2023 से 1000 रुपए प्रतिदिन का जुर्माना लगाया गया है और यह जुर्माना उस दिन तक चलेगा जिस दिन तक संस्था इसे पूरा कर खेल विभाग को हैंडओवर करेगा.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.