Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
नोएडा के 12वें विशाल कांवड़ सेवा शिविर में पहुंचे Gauri Shiksha Foundation के चेयरमैन Mukesh Sharma राहुल गांधी की पोस्ट पर किरेन रिजिजू का पलटवार, कहा— "राहुल की सोच बदली, उम्मीद है महिला आरक्षण बिल ... पेट्रोल-डीजल के ताज़ा रेट जारी: दिल्ली, मुंबई से पटना तक जानें 8 अगस्त के दाम; क्रूड ऑयल पर ईरान-ओमा... जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के खिलाफ CIK का बड़ा एक्शन, सिम कार्ड दुरुपयोग और UAPA मामलों में कई जिलों ... कर्नाटक के कलबुर्गी में बाढ़ से बिगड़े हालात, उफनती कमलावती नदी में ट्रैक्टर पर शव ले जाकर हुआ अंतिम... बरेली में गजब कारनामा: संदिग्ध परिस्थितियों में गायब महिला दूसरे समुदाय के युवक के घर डबल बेड के नीच... कानपुर देहात में प्रेमी जोड़े को तालिबानी सजा: रस्सी से बांधकर लाठी-डंडों से पीटा, वीडियो वायरल होने ... यूपी में सियासी घमासान: "सपा गिरगिट की तरह रंग बदलती है"— मायावती और बृजेश पाठक का अखिलेश यादव पर ती... कांवड़ यात्रा नियम: सावन शिवरात्रि पर जल चढ़ाने के बाद भी रखें इन बातों का ध्यान, न करें ये गलतियां कश्मीरी विस्थापितों की वापसी पर संसदीय पैनल की रिपोर्ट: सुरक्षा व आजीविका के आकलन का निर्देश, मिलेगा...

पेमेंट नहीं हुई पूरी तो मरीज को डॉक्टरों ने ICU में रस्सियों से बांधा, वीडियो वायरल होने पर अस्पताल ने बताई असली वजह

69

मध्य प्रदेश के रतलाम जिले से एक मरीज का वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ था. इसमें एक 27 वर्षीय व्यक्ति ने एक निजी अस्पताल के प्रशासन पर आरोप लगाया कि बकाया न चुकाने के चलते उसे बंधक बना लिया गया था. अस्पताल वालों ने उसकी हालत पर भी तरस न खाया. उल्टा उसके परिवार को परेशान कर रहे थे कि पैसा लाओ. मरीज किसी तरह वहां से भाग निकला और बाहर आकर अस्पताल की सच्चाई बताई. इस पर अब अस्पताल की सफाई भी सामने आई है.

साथ ही अस्पताल प्रशासन ने पुलिस में शिकायत भी दर्ज करवाई है. यह घटना तब सामने आई जब मरीज, जिसका नाम बंटी निनामा बताया जा रहा है, बुधवार को जीडी अस्पताल के आईसीयू से कथित रूप से भाग निकला. सोशल मीडिया पर उसका वीडियो वायरल हुआ, जिसमें उसने अस्पताल वालों के व्यवहार के बारे में सबको चीख-चीखकर बताया था.

युवक ने आरोप लगाया कि अस्पताल के अधिकारियों ने उसकी पत्नी से कहा कि उसकी हालत गंभीर है और उसके इलाज के लिए महंगी दवाओं की जरूरत है. निनामा ने कहा, ‘मैंने स्टाफ से अपने परिवार के सदस्यों से मिलने की अनुमति मांगी, लेकिन उन्होंने मुझे बिस्तर से बांध दिया और मुझे अपने परिवार से मिलने नहीं दिया. किसी तरह मैं भागने में सफल रहा और बाहर आ गया.’

मरीज के आरोपों को खारिज किया

अस्पताल प्रशासन ने गुरुवार को जारी एक बयान में इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि निनामा अस्पताल को बदनाम करने की कोशिश कर रहा है. बयान में कहा गया कि निनामा को रविवार को अपने पड़ोसियों के साथ झगड़े में लगी चोटों के कारण सरकारी मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था. एक दिन बाद, उसे जीडी अस्पताल लाया गया.

मरीज ने हंगामा करना शुरू कर दिया

बुधवार को, निनामा को होश आया और उसने अस्पताल के स्टाफ से अपने परिवार के बारे में पूछना शुरू किया. साथ ही यह भी कहा, ‘मरीज ने हंगामा करना शुरू कर दिया और स्टाफ पर हमला किया और आईसीयू स्टाफ को जान से मारने की धमकी देने लगा. उसने आईसीयू छोड़ दिया और वीडियो बनाकर अस्पताल को बदनाम किया.’ अस्पताल प्रबंधन ने कहा कि उन्होंने निनामा के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.