Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Calcutta High Court Decision: कलकत्ता हाई कोर्ट का सख्त आदेश: बीमारी के अलावा नहीं मिलेगी छुट्टी, जज... Trump Resort Intrusion: डोनाल्ड ट्रंप के रिसॉर्ट में घुसपैठ की कोशिश, सीक्रेट सर्विस ने 20 साल के सं... Business News: होली फेस्टिवल पर इकोनॉमी में उछाल: 80,000 करोड़ रुपये के कारोबार से झूम उठेंगे कारोबा... पंजाब के उद्योग मंत्री संजीव अरोड़ा की उद्योगपति सज्जन जिंदल से मुलाकात; राजपुरा में इस्पात क्षेत्र ... Digital Arrest Awareness: PM मोदी का देश को संदेश, डिजिटल अरेस्ट के फ्रॉड से कैसे बचें? जानें बैंक अ... Security Alert: 8 संदिग्धों की गिरफ्तारी से बड़ा खुलासा, पाकिस्तान-बांग्लादेश से जुड़े तार, कई शहरों... मेरठ वालों की बल्ले-बल्ले! पीएम मोदी ने शुरू की मेरठ मेट्रो, अब दिल्ली पहुंचने में लगेगा एक घंटे से ... Maharashtra Politics: राज्यसभा चुनाव से पहले आदित्य ठाकरे ने क्यों छेड़ा NCP विलय का मुद्दा? MVA के ... Crime News: गले पर चाकू और बेटी पर छोड़ा कुत्ता, मां को बचाने थाने पहुंची मासूम बच्ची; पुलिस ने ऐसे ... बड़ी खबर: अदालत के आदेश के बाद स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ कड़ा एक्शन, पुलिस ने शुरू की घटनास्...

पंजाब की बसों में सफर करने वाली महिलाओं के लिए जरूरी खबर, हुआ नया ऐलान

20

पंजाब में सरकारी बसों में सफर करने वाली महिलाओं के  लिए एक अच्छी खबर है। पनबस-पी.आर.टी.सी. ठेका कर्मचारी संघ ने 24 फरवरी को राज्य भर के बस अड्डों को बंद करने के अपने एक्शन प्लान को फिलहाल वापस ले लिया है।

यूनियन का कहना है कि वह पंजाब सरकार को एक और मौका दे रहे हैं क्योंकि रविवार को छुट्टी वाले दिन अधिकारियों ने एक विशेष बैठक बुलाकर उनकी मांगों पर विचार करने का आश्वासन दिया है। हालांकि, यूनियन नेताओं ने साफ कर दिया है कि अगर उनकी मांगों को जल्द पूरा नहीं किया गया इस में फेरबदल किया गया तो वह आने वाले दिनों में पूरे पंजाब के बस अड्डे बंद करेंगे। यूनियन के प्रधान रेशम सिंह और जनरल सचिव शमशेर सिंह ने कहा कि सरकार बनी को 3 साल हो चुके है पर अब तक ठेका कर्मचारियों को पक्का करने के लिए कोई नोटिफिकेशन जारी नहीं की गई। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार ठेका कर्मचारियों की मांगों को लेकर नजरअंदाज कर रही है। अधिकारियों और नेताओं के साथ कई बार समझौते होने के बावजूद पनबस-पी.आर.टी.सी. मांगों को लेकर टाल-मटोल करती है, जिस कारण यूनियन को बार-बार संघर्ष करने का रास्ता अपनाने में मजबूर होना पड़ता है।

शमशेर सिंह ने कहा कि इस संबंध में यूनियन ने 24 फरवरी को बस स्टैंड बंद करने सहित पटियाला में राज्य स्तरीय विरोध प्रदर्शन करने की योजना बनाई थी, लेकिन अचानक बुलाई गई बैठक के बाद अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि अनुबंधित कर्मचारियों की मांगों के संबंध में जल्द ही आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.