Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
बालाघाट में घर में घुसकर सो रही महिला को उठा ले गया बाघ: कान्हा बफर जोन में दिल नहला देने वाला हादसा... पन्ना में दर्दनाक हादसा: 9 माह की गर्भवती महिला और अजन्मे बच्चे की मौत, एनीमिया बनी वजह; पति पर लापर... इंदौर ने नम आंखों से दी वीर सपूत को अंतिम विदाई, मेजर हमजा आरिफ सैन्य सम्मान के साथ सुपुर्द-ए-खाक ग्वालियर में गुमशुदा तोते 'शकुंतला' के लिए 50 हजार का इनाम: ढोल-लाउडस्पीकर से तलाश में जुटा ओझा परिव... इंदौर में महज 7 दिन में टूटा शादी का बंधन, फैमिली कोर्ट ने तलाक की अर्जी को दी मंजूरी रतलाम में एग्रीमेंट वाली शादी का खौफनाक अंत: 3rd फ्लोर से रस्सी के सहारे भाग रही थी 23 साल की दुल्हन... छतरपुर में हॉस्टल की बड़ी लापरवाही! छत फांदकर एक साथ भागे 3 छात्र; मचा हड़कंप, परिजनों के उड़े होश गोरखपुर में दिल दहला देने वाली घटना, बहन से छेड़छाड़ का विरोध करने पर 9 वर्षीय मासूम की पीट-पीटकर हत... Vपप्पू यादव की प्रेस कॉन्फ्रेंस में हंगामा: चाकू लेकर पहुंचा युवक, समर्थकों ने दबोचा; सांसद बोले— 'म... Solar Eclipse 2027: 75 साल बाद सऊदी अरब में दिखेगा पूर्ण सूर्य ग्रहण, 21वीं सदी की सबसे बड़ी खगोलीय ...

सोशल मीडिया पर NO अश्लील कंटेंट! रोक लगाने के लिए तगड़ी तैयारी कर रही सरकार

37

रणवीर इलाहाबदिया के भौंडे कटेंट पर सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणियों से जागी केंद्र सरकार सोशल मीडिया इंफ्लूएंसर के लिए कोड ऑफ कंडक्ट लाने की तैयारी में है. इस कोड का पालन 5 से 50 लाख वाले फॉलोअर्स वाले इंफ्लूएंसर्स को करना होगा, ताकि भविष्य में इंडियाज गॉट लेटेंट जैसे शो से देशभर में लोगों की भावनाएं आहत न हो. साथ ही इंफ्लूएंसर्स को कंटेंट की रेटिंग भी देना अनिवार्य होगा.

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और ओटीटी के कंटेंट को लेकर सरकार विभिन्न स्तरों पर कदम उठा रही है. बच्चों को अश्लील-अभद्र कटेंट से दूर रखने के नियम का मसौदा, ओटीटी प्लेटफार्मों के स्व-नियामक निकायों के लिए एडवाइजरी और डिजिटिल इंडिया विधेयक का मसौदा तैयार करने पर काम चल रहा है.

कोर्ट ने मांगा सरकार से जवाब

इस बीच सामने आए इंडियाज गॉट लेटेंट के विवाद ने सोशल मीडिया की एक और बदसूरत तस्वीर देश की जनता के सामने पेश की है, जिसके मद्देनजर सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में इलाहाबदिया की याचिका पर सुनवाई के दौरान तीखी आलोचना की. साथ ही केंद्र सरकार से विशेष तौर पर पूछा कि भौंडे कंटेंट पर लगाम कसने के लिए सरकार क्या कदम उठा रही है. इसकी जानकारी अगली सुनवाई में अदालत को दी जाए.

सरकार जवाब की तैयारी की दिशा में सोशल मीडिया इंफ्लूएंसर्स के लिए कोड ऑफ कंडक्ट लाने के लिए कमर कस चुकी है, ताकि इस पहल से इंफ्लूएंसर्स सार्वजनिक किए जाने वाले कंटेंट से भौंडेपन, अश्लीलता, अभद्रता और गाली-गलौज को दूर रखें या फिर कटेंट को रेटिंग देकर यह स्पष्ट कर दें कि पोस्ट या पब्लिश कंटेंट का स्तर क्या है. सूत्रों के मुताबिक कोड ऑफ कंडक्ट में रेटिंग एक से पांच तक रखी जा सकती है.

कोड ऑफ कंडक्ट होगा जारी

सरकार के सूत्रों के मुताबिक सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय सोशल मीडिया इंफ्लूएंसर्स के लिए कोड ऑफ कंडक्ट जारी करेगा. इसमें इंफ्लूएंसर्स को रेटिंग के अलावा डिस्क्लेमर भी देना होगा. जैसा कि आपने फिल्मों की शुरुआत में नशीली वस्तुओं, हिंसक सीन के संबंध में देखा होगा. रेटिंग से अश्लीलता, फूहड़ता और भौंडेपन का दायरा भी कोड ऑफ कंडक्ट में तय होगा. पांच से 50 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स वाले इंफ्लूएंसर के लिए इसमें कोई माफी नहीं होगी और शिकायतों पर तत्काल संबंधित प्राधिकार, पुलिस, प्रशासन या अन्य एजेंसी द्वारा कदम उठाया जाएगा.

उल्लंघन करने पर क्या सजा दी जाएगी

कोड ऑफ कंडक्ट के उल्लंघन पर देश में लागू मौजूदा आपराधिक कानून और विशेष कानून के तहत कदम उठाया जाएगा. यह कानून जुर्माने और सजा के प्रावधान वाले हैं. पांच लाख से नीचे वाले इंफ्लूएंसर्स के लिए पहली गलती पर चेतावनी, दूसरे पर जुर्माने और तीसरे पर कानूनी कदम उठाए जाने पर विचार किया जा रहा है. याद रहे कि संसदीय समिति ने भी सोशल मीडिया पर फैली अश्लीलता पर सवाल उठाए थे. जबकि अब सरकार को सुप्रीम कोर्ट के सामने जवाब देना है कि आखिर सोशल मीडिया पर किस तरह से मजाक के नाम पर भौंडेपन को इजाजत मिली हुई है. सरकार क्या कर रही है, क्या कदम उठाए गए हैं.

सूचना एवं प्रौद्योगिकी (आईटी) मंत्रालय ने पिछले महीने 3 जनवरी को सोशल मीडिया पर खुलेआम परोसे जाने वाली अश्लीलता और भौंडे कंटेंट से 18 साल के कम उम्र के बच्चों को दूर रखने के लिए डिटिजल पर्सनल डेटा प्रोटैक्शन कानून-2023 के नियमों का मसौदा जारी किया था. इसमें नाबालिगों को सोशल मीडिया पर अकाउंट खोलने के लिए पैरेंट्स की सहमति अनिवार्य की गई है. सुझावों और आपत्तियों पर विचार के बाद जल्द इसे लागू किया जाएगा. दूसरी ओर सोशल मीडिया पर अश्लीलता रोकने के लिए केंद्र सरकार मौजूदा आईटी एक्ट की जगह डिजिटल इंडिया बिल लाने पर काम कर रही है.

नए कानून में यू-ट्यूबर, डिजिटल प्लेटफॉर्म और सोशल मीडिया यूजर्स को रेगुलेट करने के प्रावधान रहेंगे. करीब-करीब 15 महीने से काम किया जा रहा है. सभी पहलुओं पर विशिष्ट प्रावधान लाने के लिए विशेषज्ञों से राय ली गई है. क्योंकि यह प्रावधान दूरसंचार, सूचना प्रौद्योगिकी और सूचना एवं प्रसारण क्षेत्र से जुड़े होंगे और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के गवर्नेंस की व्यवस्था भी इसमें की जाएगी.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.