Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Mumbai Kalachowki Accident: मुंबई में गणेशोत्सव के दौरान बड़ा हादसा; पेयजल स्टॉल में करंट लगने से 8 ... Vrindavan News Today: रमणरेती क्षेत्र में श्रद्धालुओं की भीड़ बेकाबू; आश्रम की रेलिंग टूटने से घायल ... Mumbai BMW Flyover Accident: मरीन ड्राइव कोस्टल रोड पर तड़के 5 बजे भीषण हादसा; अनियंत्रित होकर पलटी ... Delhi Ridge Area Protection: अरावली श्रृंखला के सबसे हरे-भरे क्षेत्र को कानूनी संरक्षण, जानिए दिल्ली... Delhi Crime & Accident News: रोड नंबर-3 पर दर्दनाक सड़क हादसा, ऑटो सवार तीन लोगों की मौत और तीन घायल Indore Congress Press Conference: इंदौर में बोले कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी; 'छात्रों की गूंज' कार... Madhya Pradesh News Today: कूनो के बाद गांधीसागर बना चीतों का नया ठिकाना; मुख्यमंत्री मोहन यादव ने द... Haryana Industrial CLU Rules: कम चौड़ाई वाले रास्तों की समस्या होगी दूर, जानिए सेल्फ-मेड पंचायती रास... Sonepat Crime News: बिजली निगम के कर्मचारी पर भ्रष्टाचार का शिकंजा, 2 लाख की रिश्वत लेते ALM गिरफ्ता... CIA Raid in Rewari: एसपी हेमेन्द्र मीणा के निर्देश पर अवैध तेल भंडारण पर छापा, एक शख्स हिरासत में और...

डोनाल्ड ट्रंप के तेवरों का मारा, जेलेंस्की बेचारा…यूक्रेन के पास अब क्या-क्या है ऑप्शन?

40

रूस-यूक्रेन में शांति की कवायद कर रहे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निशाने पर वोल्दोमीर जेलेंस्की हैं. पुतिन के मुलाकात से पहले ट्रंप सीधे तौर पर जेलेंस्की के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है. एक तरफ ट्रंप जेलेंस्की को तानाशाह बता रहे है तो वहीं दूसरी तरफ उनके सियासी अधिकार पर ही सवाल उठा रहे हैं. अमेरिका के सहयोग से रूस जैसे बड़े देश के खिलाफ युद्ध की घोषणा करने वाले जेलेंस्की ट्रंप के इस रूख से परेशान नजर आ रहे हैं.

गुरुवार को मामले में तब नया मोड़ आया, जब ट्रंप के दूत से यूक्रेन में जेलेंस्की ने एक विशेष गुहार लगाई. जेलेंस्की का कहना था कि शांति वार्ता चलने तक अमेरिका कोई भी प्रेस कॉन्फ्रेंस न करे, जिससे यूक्रेन की मुसीबत और ज्यादा बढ़ जाए.

जेलेंस्की को ट्रंप ने कैसे मुसीबत में डाल दिया है?

हथियारों का संकट- अमेरिका जिस तरीके से यूक्रेन पर हमलावर है, उससे यूक्रेन में हथियारों का संकट छा गया है. कीव इंडिपेंडेट के मुताबिक अगर ट्रंप अपना रूख यूक्रेन को लेकर नहीं बदलते हैं, तो यूक्रेनी सैनिको को हथियार संकट का सामना करना पड़ सकता है.

यूक्रेन को लड़ने के लिए अमेरिका से रियायत पर मोर्टार, बारूद, आर्टिलरी मशीन और आधुनिक हथियार मिलते रहे हैं. इन हथियारों की वजह से ही रूस के खिलाफ यूक्रेन मोर्चेबंदी पर है. अमेरिका अगर हाथ पीछे खींच लेता है तो यूक्रेन का संकट बढ़ सकता है.

रूस को मिलेगा बूस्टर- रूस की सेना जहां एक तरफ युद्ध से घिरी हुई है, वहीं उस पर दुनिया के देशों ने बड़े प्रतिबंध लगा रखे हैं. प्रतिबंध की वजह से रूस को बड़ा आर्थिक नुकसान हो रहा है. अमेरिका से रिश्ते सामान्य होने के बाद प्रतिबंध हटने की बात कही जा रही है.

ऐसे में आने वाले वक्त में रूस युद्ध को लेकर और ज्यादा अग्रेसिवि होगा, जो यूक्रेन के लिए खतरनाक है.

जेलेंस्की के पास अब ऑप्शन क्या-क्या है?

डोनाल्ड ट्रंप यूक्रेन को लेकर जिस फॉर्मूले पर समझौता करना चाह रहे हैं, उसे मान लें. ट्रंप का कहना है कि 2014 के बाद जो यूक्रेन था, उसे ही वापस मिलेगा. यूक्रेन का कहना है कि रूस ने 2014 में जो क्रीमिया पर कब्जा किया था, उसे दे तभी बात बनेगी. सबसे बड़ा पेच यहीं पर फंसा हुआ है.

रूस का कहना है कि जेलेंस्की नाटो की सदस्यता को लेकर कोई प्रस्ताव न रखे. ट्रंप भी इसे ठंडे बस्ते में रखना चाहते हैं, लेकिन जेलेंस्की का कहना है कि इस प्रस्ताव को फिलहाल के लिए भले टाल दे, लेकिन हमेशा के लिए खारिज न करे. ऐसा करने पर रूस और ज्यादा यूक्रेन पर हावी हो जाएगा.

जेलेंस्की के लिए इन दोनों प्रस्तावों को मानना आसान नहीं है. उनके देश में ही विरोध हो जाएगा. विपक्षी सांसदों ने खुलकर सैन्य और जमीन के साथ समझौता न करने की बात कही है.

जेलेंस्की के पास एक ऑप्शन चुनाव कराने की है. रूस और अमेरिका लगातार जेलेंस्की की सत्ता को लेकर सवाल उठा रहे हैं. ट्रंप ने कहा है कि जेलेंस्की को सिर्फ 4 फीसद लोग ही चाहते हैं. हालांकि, चुनाव कराना जेलेंस्की के लिए आसान नहीं होगा.

बाहरी हस्तक्षेप और आंतरिक स्थिति उनके पक्ष में ज्यादा नहीं है. अमेरिका के बदले रूख से जेलेंस्की पहले से ही बैकफुट पर चल रहे हैं. ऐसे में फिलहाल चुनाव कराना उनके लिए व्यक्तिगत रूप से नुकसानदेह साबित हो सकता है.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.