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राज के बेटे को राहत, रडार पर शिवसेना के बागी.. उद्धव ठाकरे के ‘स्पेशल-65’ कितने मजबूत?

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महाराष्ट्र में लंबे इंतजार के बाद उद्वव ठाकरे ने शिवसेना के 65 उम्मीदवारों की सूची जारी की है. उद्धव की लिस्ट में अधिकांश उम्मीदवार कोकण, ठाणे, मुंबई और मराठवाड़ा के हैं. उद्धव ने उम्मीदवारों की सूची जारी कर एक तीर से कई निशाने एक साथ साधा है. मसलन, महिम सीट पर उम्मीदवार उताकर उद्धव राज ठाकरे को राहत दे दी है.

वहीं 2022 में शिवसेना से बगावत करने वाले सभी नेताओं के खिलाफ उद्धव ने मजबूत मोर्चेबंदी की कोशिश की है. मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के खिलाफ दिवंगत शिवसैनिक अनंत दीघे के भतीजे केदार दीघे को उतारा है.

सावंत के सहारे राज के बेटे को राहत

महिम सीट पर राज ठाकरे ने अपने बेटे अमित ठाकरे को मैदान में उतारा है. महिम सीट पर शिवसेना (शिंदे) के सदा सारवंकर मैदान में हैं. 2009 को छोड़ दिया जाए तो 1990 से इस सीट पर शिवसेना जीतती रही है. 2009 में राज ठाकरे की पार्टी को जीत मिली थी.

2019 में राज ठाकरे की पार्टी को यहां पर 42,690 वोट मिले थे. सदा सारवंकर के खिलाफ महेश सावंत को उतारकर उद्धव ने राज की राह आसान कर दिया है. कहा जा रहा है कि त्रिकोणीय मुकाबले में राज के बेटे चुनाव जीत भी सकते हैं.

2019 में आदित्य ठाकरे के वर्ली से लड़ने पर राज ने उम्मीदवार नहीं उतारे थे. ऐसे में उद्धव इस दांव को राज के सियासी कर्ज अदा करने के रूप में देखा जा रहा है.

रडार पर बागी, सबकी घेराबंदी मजबूत

उद्धव के रडार में बागी ज्यादा हैं. एकनाथ शिंदे से लेकर मंत्रियों तक की उद्धव ने घेराबंदी कर दी है. पचोरा सीट पर बागी किशोर अप्पा पाटील मैदान में हैं. यहां उद्धव ने अपने परिवार से जुड़े वैशाली सूर्यवंशी को उतारा है. शिंदे के मजबूत गढ़ ठाणे पर राजन विचारे को उतारा गया है.

मंत्री अब्दुल सत्तार की सीट सिलोड पर सुरेश बनकर मैदान में उतरे हैं. शिंदे के मुखर समर्थक संजय शिरशाट की संभाजीनगर मध्य पर राजू शिंदे को सिंबल दिया गया है. मंत्री दादा जी भुसे की मालेगांव आउटर पर अक्षय हिरे ताल ठोकेंगे.

बगावत के वक्त भरत गोगोवले ने शिंदे का पक्ष मजबूती से रखा था. उनके महाड सीट पर स्नेहल जगताप को उतारा गया है. शिवसेना (यूबीटी) ने पिछली बार की सभी जीती हुई सीट पर उम्मीदवार उतारे हैं.

बॉलीवुड के गढ़ में भी उतारे उम्मीदवार

बांद्रा को बॉलीवुड का गढ़ माना जाता है. अधिकांश बॉलीवुड स्टार इन्हीं विधानसभा सीटों पर अपना मत डालते हैं. 2019 में कांग्रेस को यहां से जीत मिली थी. इस बार शिवसेना (यूबीटी) ने यहां से प्रत्याशी उतारा है.

बांद्रा पूर्व से उद्धव ने वरुण सरदेसाई को उम्मीदवार बनाया है. गोरेगांव सीट पर भी उद्धव ने उम्मीदवार उतारा है. यहां भी बॉलीवुड के लोग रहते हैं.

हाल के सालों में बॉलीवुड नकारात्मक कारणों से सुर्खियों में रहा है. ऐसे में उद्धव की पार्टी यहां से लड़कर बॉलीवुड को साधना चाहती है.

बुरे वक्त में जिसने दिया साथ, उसे भी टिकट

2022 के बगावत के वक्त जिन नेताओं ने पार्टी का साथ दिया. उन सबको पहली लिस्ट में ही जगह दी गई है. मसलन, दिंडोसी से सुनील प्रभु, विक्रोली से सुनील राउत (संजय राउत के भाई), परभनी से राहुल पाटिल को उम्मीदवार बनाया गया है.

इसी तरह बालापुर से नितिन देशमुख, कन्नड से उदय राजपूत और अंधेरी ईस्ट से ऋतुजा लटके को उम्मीदवार बनाया गया है. पूर्व में चुनाव हार चुके नेताओं को भी उद्धव ने जगह दी है.

20 नाम होल्ड पर, इनमें विदर्भ की ज्यादा सीटें

शिवसेना (उद्धव) कुल 85 सीटों पर उम्मीदवार उतारेगी. इसकी घोषणा भी हो गई है. उद्धव ने अभी तक 65 नाम घोषित किए हैं. 20 नाम अभी होल्ड पर है. कहा जा रहा है कि कुछ घंटों में इन नामों की भी घोषणा कर दी जाएगी.

उद्धव की पार्टी ने इस बार नए लोगों पर भरोसा जताया है. पुराने चेहरे के बदले नए और युवा नेताओं को मौका दिया गया है. 65 में से 8 टिकट दलित समुदाय को दिया गया है. इसके अलावा मराठवाड़ा और ओबीसी का भी खास ख्याल रखा गया है.

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