Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Iran-Israel War Impact: ईरान युद्ध के कारण बढ़ सकते हैं पानी और कोल्ड ड्रिंक की बोतलों के दाम; भारतीय... मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड का बड़ा फरमान: "मुसलमानों के लिए इस्लामी उत्तराधिकार कानून अनिवार्य"; संपत्ति... विकसित भारत 2047: हरियाणा बनेगा देश का 'ग्रोथ इंजन'! उद्योग और युवाओं के कौशल पर सरकार का बड़ा दांव;... दिल्ली-देहरादून हाईवे पर 'आपत्तिजनक नारा' लिखना पड़ा भारी! दो युवतियों समेत 3 गिरफ्तार; माहौल बिगाड़ने... सावधान! दिल्ली में 48 घंटे बाद बरसेगा पानी, यूपी-राजस्थान में 'तूफान' जैसी हवाओं का अलर्ट; IMD ने पह... आगरा में 'जहरीली गैस' का तांडव! कोल्ड स्टोरेज से रिसाव के बाद मची भगदड़, जान बचाने के लिए खेतों की त... Bus Fire News: जैसलमेर से अहमदाबाद जा रही स्लीपर बस में लगी भीषण आग, एक यात्री झुलसा; खिड़कियों से क... कश्मीर में VIP सुरक्षा पर 'सर्जिकल स्ट्राइक'! फारूक अब्दुल्ला पर हमले के बाद हिला प्रशासन; अब बुलेटप... ईरान की 'हिट लिस्ट' में Google, Apple और Microsoft? अब टेक कंपनियों को तबाह करेगा तेहरान; पूरी दुनिय... दिल्ली में 'Zero' बिजली बिल वालों की शामत! खाली पड़े घरों की सब्सिडी छीनने की तैयारी; क्या आपका भी बं...

हवस का पुजारी ही क्यों…हवस का पादरी और मौलाना क्यों नहीं….? पं. धीरेंद्र शास्त्री का बड़ा बयान

21

छतरपुर: बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने एक बार सनानत धर्म को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म में सबसे बड़ा पुजारी होता है और उसके लिए कहावत की गई है- हवस का पुजारी। पं धीरेंद्र शास्त्री ने सवाल उठाते हुए कहा कि हवस का पुजारी ही क्यों? हवस का पादरी क्यों नहीं और हवस का मौलाना क्यों नहीं कहते?

दरअसल, बागेश्वर धाम परिसर में सफाई का कार्यक्रम रखा गया था जहां बागेश्वर धाम सरकार ने भी सफाई की। मंदिर के परिक्रमा मार्ग में वो झाड़ू लगाते दिखे।  इसके बाद मीडिया से बातचीत करते हुए बागेश्वर महाराज ने कहा सनातन धर्म में सबसे बड़ा पुजारी होता हैं और उसके लिए कहावत की गई हैं- हवस का पुजारी हवस के पुजारी की जगह हवस का पादरी या हवस का मौलना क्यों नहीं कहते।

वहीं आज से नवरात्रि शुरू हो रहे हैं। इस पर बागेश्वर महाराज ने कहा कि लोग नौ दिन तक दुर्गा दुर्गा बोलते हैं, 10 दिन मुर्गा मुर्गा। दुर्गा पूजा को लेकर कहा कि सबसे पहले घर में बैठी नारी का सम्मान करना चाहिए।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.