Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Mahashivratri 2026: विदेशी फूलों से महका बाबा महाकाल का दरबार, 44 घंटे तक लगातार होंगे दर्शन; जानें ... Tantrik Kamruddin Case: 8 लोगों का कातिल तांत्रिक कमरुद्दीन, अवैध संबंध और तंत्र-मंत्र के खौफनाक खेल... Delhi News: दिल्ली में नकली और घटिया दवाओं पर बड़ा एक्शन, स्वास्थ्य मंत्री ने 10 फर्मों के खिलाफ दिए... Mumbai Mayor Action: मुंबई की मेयर बनते ही एक्शन में ऋतु तावड़े, अवैध बांग्लादेशियों और फर्जी दस्ताव... ED Action: कोयला घोटाले के आरोपियों पर ईडी का शिकंजा, 100 करोड़ से अधिक की प्रॉपर्टी अटैच Last Cabinet Meeting: मोदी सरकार की आखिरी कैबिनेट बैठक खत्म, किसानों और युवाओं के लिए हुए ये बड़े ऐल... Amit Shah News: अमित शाह का राहुल गांधी पर पलटवार, बोले- 'ट्रेड डील से किसानों को नहीं होगा कोई नुकस... PM Modi in Guwahati: असम में गरजे पीएम मोदी, बोले- 'सत्ता से बाहर होकर कांग्रेस और जहरीली हो गई' Noida Metro News: नोएडा वासियों के लिए बड़ी खुशखबरी, सेक्टर-142 और बॉटनिकल गार्डन मेट्रो कॉरिडोर को ... Noida School Bomb Threat: नोएडा के स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी देने वाले गैंग का भंडाफोड़, STF न...

भोपाल की जेल में क्यों नहीं रहना चाहते सिमी के आतंकी? कोर्ट में लगाई साबरमती भेजने की अर्जी

13

मध्य प्रदेश में बंद सिमी के 11 आतंकियों को भोपाल की जेल रास नहीं आ रही. इन आतंकियों ने सुरक्षा का हवाला देते हुए साबरमती जेल भेजने की अर्जी कोर्ट में लगाई है. यह आतंकी पहले साबरमती जेल में ही बंद थे और सुरंग खोद कर भागने की कोशिश कभी कर चुके हैं. हालांकि उस समय पकड़े जाने और मध्य प्रदेश में भी इनके खिलाफ मामले होने की वजह से इन्हें भोपाल की जेल में शिफ्ट कर दिया गया था.

फांसी की सजा होने के बाद से अपनी मौत का इंतजार कर रहे इन आतंकियों ने भोपाल की जेल में कई बार आंदोलन भी किया है. साल 2008 में अहमदाबाद में हुए बम धमाकों के मामले में दोषी इन आतंकियों की अर्जी कोर्ट ने स्वीकार कर ली है. इस मामले में अगली सुनवाई 30 सितंबर को होनी है. इस बीच कोर्ट ने मध्य प्रदेश सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. बता दें कि इन आतंकियों का मास्टर माइंड सफदर नागौरी है.

2013 में की थी भागने की कोशिश

साल 2013 तक ये आतंकी गुजरात की साबरमती जेल में ही बंद थे. हालांकि 2013 में इन आतंकियों ने जेल से भागने की योजना बनाई थी. इसके लिए 20 मीटर लंबी सुरंग भी खोद डाली थी. गनीमत रही कि समय रहते जेल प्रबंधन को खबर हो गई और ये आतंकी पकड़े गए थे. साल 2017 में इन आतंकियों को मध्य प्रदेश में दर्ज मामलों की सुनवाई के लिए भोपाल लाया गया था. यहां आने के बाद से ही इन आतंकियों को भोपाल की जेल रास नहीं आ रही.

कई बार कर चुके हैं सुविधाओं के लिए आंदोलन

माना जा रहा है कि इन्हें साबरमती जेल में ज्यादा सुविधाएं मिलती थी, जबकि भोपाल जेल में इन्हें कड़ी निगरानी में रखा गया है. ऐसे हालात में ये आतंकी लगातार आरोप लगाते रहे हैं कि इस जेल में उनकी जान को खतरा है. ये आतंकी अपनी हर पेशी में आरोप लगाते हैं कि उन्हें अंधेरे कमरे में नजरबंद करके रखा जाता है. यहां उनकी धार्मिक स्वतंत्रता छीन ली गई है. यही नहीं, इन आतंकियों ने यह भी आरोप लगाए थे कि पेशी पर ले जाने के दौरान इनका एनकाउंटर किया जा सकता है.

साल 2022 में हो चुकी है फांसी

उसके बाद से ही इनकी पेशी अब वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए होती है. ये आतंकी कई बार सामूहिक नमाज पढ़ने, न्यूज पेपर और लाइब्रेरी सुविधा के लिए भूख हड़ताल कर चुके हैं. सिमी के इन 11 आतंकियों में से मास्टरमाइंड सफदर नागोरी सहित छह आतंकियों को अहमदाबाद बम ब्लास्ट मामले में फरवरी 2022 में फांसी की सजा सुनाई गई थी. इस मामले में इन्होंने क्षमा याचिका भी लगाई है.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.