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शहडोल ओपीएम की सोडा फैक्ट्री में क्लोरीन गैस का रिसाव, 12 बेहोश, 40 चपेट में

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 शहडोल। ओरिएंट पेपर मिल की सोडा फैक्टी में शनिवार रात करीब साढ़े आठ बजे क्लोरीन गैस का रिसाव हो गया। हादसे में 12 लोगों को सांस लेने में तकलीफ होने के चलते शहडोल के मेडिकल कालेज अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

40 लोगों को खांसी, आंखों में जलन और उल्टी की शिकायत के बाद अमलई स्थित स्वास्थ्य केंद्र भेजकर इलाज कराया गया। ज्वाइंट कलेक्टर दिलीप पांडे के मुताबिक, फैक्ट्री में हुए गैस रिसाव से 10 से 12 लोग चपेट में आए थे। सभी की हालत में सुधार है और स्थिति नियंत्रण में है। गैस के ज्यादा रिसाव से लोग घबरा गए। कुछ देर तक अफरा-तफरी जैसे हालात भी बने।

घबराहट इस कदर हुई कि खुद को सुरक्षित करने के लिए जगह तक ढूंढने लगे। बता दें कि गैस कई बार निकल चुकी है। शनिवार की रात कुछ ज्यादा मात्रा में ही गैस का रिसाव हो गया था।

खराब मरम्मत और सुरक्षा की अनदेखी के कारण हुआ गैस रिसाव

अनुपपुर जिले में संचालित ओपीएम अमलाई के कास्टिक सोडा फैक्ट्री में शनिवार की रात 30 टीपीडी एचसीएल प्लांट में क्लोरीन गैस का रिसाव नोजल से हुआ है।खराब मरम्मत और सुरक्षा के मापदंडों की अनदेखी के कारण ऐसा हुआ है।यहां तैनात अधिकारी-कर्मचारियों की लापरवाही सामने आई है।घटना के बाद जिला प्रशासन की टीम के जांच में यह तथ्य सामने आया है।

12 लोग मेडिकल कालेज शहडोल में भर्ती

पाइप लाइन में जहां से गैस सप्लाई होती है,उसके नोजल में आई खराबी के कारण यह घटना हुई, जिसमें 20 लोग प्रभावित हुए है।आंखों में जलन आदि की शिकायत होने लगी का किया निरीक्षण,दी हिदायतथीं।12 लोगों को मेडिकल कालेज शहडोल में भर्ती कराना पड़ा है।अब सभी की स्थिती सामान्य है। आधे घंटे के अंदर गैस के रिसाव को कंट्रोल कर लिया गया।

गैस के रिसाव के लिए प्रबंधन ही जिम्मेदार

कंट्रोल करने में देरी होती तो बड़ी घटना हो सकती थी, जिसके लिए प्रबंधन ही जिम्मेदार है।शहडोल जिले की सीमा बरगवा अमलाई में कागज कारखाने के सहायक उपक्रम के रुप में कास्टिक सोडा यूनिट संचालित है।घटना के बाद रविवार को अनूपपुर कलेक्टर हर्षल पंचोली, जिला पंचायत सीईओ तन्मय वशिष्ट, एसडीएम दीपशिखा भगत, संयुक्त कलेक्टर दिलीप पांडेय, एग्जीक्यूटिव इंजीनियर सुगंध प्रताप सिंह सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी एवं प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम ने निरीक्षण किया। कास्टिक सोडा यूनिट के प्रबंधक अविनाश वर्मा और अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।

अधिकारी-कर्मचारियों को सावधानी बरतने के निर्देश

इस दौरान कंपनी के अधिकारी-कर्मचारियों को सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं। कलेक्टर हर्षल पंचोली ने बताया कि प्रभावितों से मुलाकात की है।अब सभी की हालत खतरे से बाहर है।कंपनी के अधिकारी-कर्मचारियों को सुरक्षा पर ध्यान देने के निर्देश दिए हैं ।

जिन कारणों से दिक्कत हुई,उसमें सुधार कराएंगे

कलेक्टर ने यह भी कहा कि जिन कारणों से यहां पर दिक्कत हुई है,उसमें सुधार कराया जाएगा।कुछ लापरवाही तो हुई है,जिसकी बारीकी से जांच होगी।प्लांट के आसपास के इलाके में रहने वाले लोगों को इस तरह की स्थिति से निपटने के लिए उपकरण उपलब्ध कराया जाएगा।इस मौके नगर परिषद बरगवां अमलाई अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के साथ विधायक प्रतिनिधि अभिषेक गुप्ता भी उपस्थित रहे।

महाप्रबंक को आया चक्कर

सोडा फैक्ट्री में हुए गैस रिसाव मामले की जांच करने जब कलेक्टर अपनी टीम के साथ प्लांट के अंदर पहुंचे तो कंपनी के महाप्रबंधक अविनाश शर्मा अचेत हो गए और चक्कर खाकर गिए गए।उसी समय उनके सहयोगी अधिकारियों ने बेहाेशी की हालत में अस्तपात ले जाकर ीाभर्ती कराया।घटना के समय वहां फैक्ट्री में एम्बूलेंस भी नही थी।दूसरे वाहन से जीएम को अस्पताल में भर्ती कराया गया।अब उनकी हालत में सुधार है।सवाल यह उठता है कि कंपनी के जीएम को एंबूलेंस नहीं मिल पाई तो सामान्य कर्मचारियों का क्या हाल होता होगा।इस घटना के दौरान संयुक्त कलेक्टर सहित सभी अधिकारी मौजूद रहे।

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