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कागजों में बताया मृत, छह साल से चक्कर काटने के बाद भी स्वयं को जिंदा साबित करने भटक रहा बुजुर्ग

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सिवनी। मुख्यालय से लगी ग्राम पंचायत बोरदई के बुजुर्ग सुमनलाल चौधरी के जीवन में वर्ष 2018 के पहले तक सब कुछ ठीक चल रहा था। निराश्रित पेंशन का लाभ भी मिल रहा था, लेकिन इसके बाद सुमतलाल कर्मचारियों की लापरवाही की वजह से कागजों में मृत घोषित हो गया। जनपद पंचायत सीइओ रेखा देशमुख का कहना है कि त्रुटि‍ के कारण बुजुर्ग के साथ ऐसा हुआ है। भोपाल से ही बुजुर्ग का नाम जुड़ पाएगा। इसके लिए जरूरी कार्रवाई की जा रही है।

शासन की योजना का लाभ नहीं मिल रहा

अब बुजुर्ग सुमतलाल को शासन की योजना का लाभ नहीं मिल रहा है। वहीं उसे स्वयं के जिंदा साबित करने एक कार्यालय से दूसरे कार्यालय भटकना पड़ रहा है। छह साल से चक्कर काटने के बाद भी बुजुर्ग कागजों में फिर जीवित नहीं हो पाया है।

कागजों में उन्हें मृत बताकर आईडी बंद कर दी गई

बोरदई निवासी सुमन लाल चौधरी (65 वर्ष) ने बताया कि उसे निराश्रित पेंशन योजना का लाभ मिल रहा था। जब वर्ष 2018 के बाद से लाभ मिलना बंद हो गया तो उन्होंने पंचायत से इसकी जानकारी ली।जब उन्हे पता चला कि कागजों में उन्हें मृत बताकर आईडी बंद कर दी गई तो उनके होश उड़ गए।इसके बाद से वह स्वयं को जिंदा साबित करने जतन कर रहे है लेकिन अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई है। ग्राम पंचायत के सचिव व रोजगार सहायक ने बताया कि बुजुर्ग की आईडी उनके स्तर से चालू नहीं हो पाएगी।

कलेक्टर दे चुकी हैं निर्देश

जनपद कार्यालय और ग्राम पंचायत के चक्कर काटने के बाद भी छह सालों में कोई कार्रवाई नहीं हुई तो सुमनजाल ने हालही में जनसुनवाई में कलेक्टर संस्कृति जैन को आवेदन देकर अपनी पीड़ा बताई। इस पर कलेक्टर ने लापरवाह कर्मचारी के विरुद्ध कार्रवाई करने की बात कही साथ ही बुजुर्ग की पेंशन चालू करने के लिए निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए हैं।इसके बाद भी अब तक ना तो लापरवाह कार्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई हुई है ना ही बुजर्ग कागजों में जीवित हो पाया है और ना ही उसे पेंशन मिलना शुरू हुई है।

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