Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Indore News: डिजिटल पेमेंट पर टैक्स की मार! इंदौर में व्यापारियों का प्रदर्शन, 10 लाख उपभोक्ताओं को ... Eco Friendly Ganesha: पीओपी को कहो ना! बुरहानपुर में बंट रही फिटकरी की गणेश प्रतिमाएं, पानी को शुद्ध... Chhatarpur Bribe Case: भगवान की कसम 2 लाख और 5 किलो शुद्ध घी दो; रिश्वतखोर पटवारी सस्पेंड, ऑडियो वाय... MP High Court Relief: सागर जहरीली शराब कांड के आरोपी को हाईकोर्ट से बड़ी राहत; बुलडोजर कार्रवाई पर र... Sagar Poisonous Liquor Case: जहरीली शराब कांड के फरार आरोपी सिद्धार्थ कुशवाहा की भाभी का शस्त्र लाइस... Palamu Police Action: मॉडिफाइड गाड़ियों से रौब दिखाने वालों पर पुलिस का शिकंजा; मेदिनीनगर में 20 वाह... Madhya Pradesh News: आगर मालवा में उफनते नाले में बही श्रद्धालुओं से भरी कार; 3 बच्चों समेत 8 लोगों ... Bhiwani Crime News: रेंज रोवर गाड़ी पर गोलीबारी के मामले में पुलिस का एक्शन, सीसीटीवी फुटेज खंगाल रह... Sewa Sankalp Abhiyan Bhiwani: भिवानी की गोशालाओं में पशु स्वास्थ्य कैंप और हवन का आयोजन, लंपी बीमारी... Mayor Shyam Lal Bansal Panchkula: निगम कार्यालयों की नई बिल्डिंग और ट्रांसफर हुए 9 सेक्टर, सीएम सैनी...

महंगाई के मोर्चे पर सरकार के लिए अच्छी खबर, रिटेल के बाद थोक महंगाई भी घटी

36

महंगाई के मोर्चे पर सरकार और RBI के लिए अच्छी खबर है. जुलाई महीने के लिए थोक महंगाई के आंकड़े जारी हो गए हैं जिसके मुताबिक पिछले महीने में थोक महंगाई दर घटकर 2.04 फीसदी रही है जो आरबीआई और सरकार के लिए राहत की सांस लेने की वजह बन सकती है. इससे पिछले महीने यानी जून में होलसेल इंफ्लेशन रेट 3.36 फीसदी रहा था और ये 16 महीने का ऊंचा स्तर था.

अनुमान से भी कम रही होलसेल महंगाई दर

रॉयटर्स का अनुमान था कि जुलाई में भारत की थोक महंगाई दर 2.39 फीसदी पर रह सकती है और असली आंकड़ा तो इससे नीचे का ही है. इसका असर रिजर्व बैंक की अगली मौद्रिक नीति के फैसलों में शायद देखा जा सकता है और आरबीआई अपनी ब्याज दरें भी घटाने के बारे में सोच सकता है. महंगाई को कण्ट्रोल करना सरकार के लिए काफी समय से चुनौती बनी हुई थी.

यहां बढ़ी महंगाई

प्राइमरी आर्टिकल्स की महंगाई दर जुलाई में घटकर 3.08 फीसदी पर आ गई है जो जून में 8.80 फीसदी पर थी. फ्यूल एंड पावर सेगमेंट की महंगाई दर में इजाफा देखा गया है और ये 1.72 फीसदी पर आई है जो जून में 1.03 फीसदी पर रही थी. मैन्यूफैक्चर्ड प्रोडक्ट्स सेगमेंट की महंगाई दर में भी तेजी आई है. जुलाई में विनिर्माण उद्योग के उत्पादों की थोक महंगाई दर 1.58 फीसदी पर रही है जो जून में 1.43 फीसदी पर थी.

सोमवार 12 अगस्त को जारी आंकड़ों में खुदरा मुद्रास्फीति 3.54 फीसदी पर रही थी. ये इसका 59 महीने या 5 साल का निचले स्तर रहा है. पहली राहत तो आरबीआई को इसी से मिली क्योंकि महंगाई दर के बेस आंकड़ों में सीपीआई इंफ्लेशन या खुदरा महंगाई दर का वेटेज थोक महंगाई से ज्यादा रहता है. रिजर्व बैंक के गवर्नर ने अपनी ताजा क्रेडिट पॉलिसी में भी कहा है कि आरबीआई के तय महंगाई लक्ष्य (4 फीसदी) के लिए मुख्य रूप से इस साल के बाकी महीनों के आंकड़ों पर नजर रखनी जरूरी है.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.