Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Iran-Israel War Impact: ईरान युद्ध के कारण बढ़ सकते हैं पानी और कोल्ड ड्रिंक की बोतलों के दाम; भारतीय... मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड का बड़ा फरमान: "मुसलमानों के लिए इस्लामी उत्तराधिकार कानून अनिवार्य"; संपत्ति... विकसित भारत 2047: हरियाणा बनेगा देश का 'ग्रोथ इंजन'! उद्योग और युवाओं के कौशल पर सरकार का बड़ा दांव;... दिल्ली-देहरादून हाईवे पर 'आपत्तिजनक नारा' लिखना पड़ा भारी! दो युवतियों समेत 3 गिरफ्तार; माहौल बिगाड़ने... सावधान! दिल्ली में 48 घंटे बाद बरसेगा पानी, यूपी-राजस्थान में 'तूफान' जैसी हवाओं का अलर्ट; IMD ने पह... आगरा में 'जहरीली गैस' का तांडव! कोल्ड स्टोरेज से रिसाव के बाद मची भगदड़, जान बचाने के लिए खेतों की त... Bus Fire News: जैसलमेर से अहमदाबाद जा रही स्लीपर बस में लगी भीषण आग, एक यात्री झुलसा; खिड़कियों से क... कश्मीर में VIP सुरक्षा पर 'सर्जिकल स्ट्राइक'! फारूक अब्दुल्ला पर हमले के बाद हिला प्रशासन; अब बुलेटप... ईरान की 'हिट लिस्ट' में Google, Apple और Microsoft? अब टेक कंपनियों को तबाह करेगा तेहरान; पूरी दुनिय... दिल्ली में 'Zero' बिजली बिल वालों की शामत! खाली पड़े घरों की सब्सिडी छीनने की तैयारी; क्या आपका भी बं...

दिल्ली सरकार या LG: MCD में एल्डरमैन नियुक्ति का अधिकार किसको? सुप्रीम कोर्ट का फैसला कल

45

दिल्ली में MCD में एल्डरमैन की नियुक्ति के अधिकार को लेकर पिछले साल से ही दिल्ली सरकार और एलजी के बीच घमासान छिड़ा हुआ है. दिल्ली सरकार का कहना था कि एल्डरमैन की नियुक्ति का अधिकार दिल्ली सरकार को है, आम आदमी पार्टी इस मामले को सुप्रीम कोर्ट ले गई थी, जिसके बाद अब सोमवार यानी 5 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट इस मामले पर अपना फैसला सुनाएगी.

आम आदमी पार्टी और उपराज्यपाल वीके सक्सेना के बीच रिश्ते हमेशा तीखे नजर आते हैं, पिछले साल 17 मई को एलजी और दिल्ली सरकार के बीच एल्डरमैन को लेकर बहस छिड़ गई थी. दिल्ली सरकार का कहना था कि एलजी ने MCD में 10 एल्डरमैन (मनोनीत पार्षद) बिना कैबिनेट के साथ बातचीत किए नियुक्त कर दिए, जिसके बाद पिछले साल दिल्ली सरकार इस मुद्दे को सुप्रीम कोर्ट लेकर गई थी.

15 महीने से फैसला सुरक्षित

दिल्ली की केजरीवाल सरकार का कहना था कि पहले भी दिल्ली में एल्डरमैन की नियुक्ति चुनी हुई सरकार करती रही है, अभी भी ये सरकार का अधिकार है. सुप्रीम कोर्ट ने मई 2023 में इस मामले की सुनवाई करके फैसला सुरक्षित रख लिया था, यानी लगभग 15 महीने से अधिक फैसला रिजर्व करने के बाद सुप्रीम कोर्ट अब 5 अगस्त को इस मामले पर अपना फैसला सुनाएगी.

दिल्ली सरकार ने याचिका में क्या कहा

इस मामले पर जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस जेबी पारदीवाला की बेंच फैसला सुनाएगी. दिल्ली सरकार ने पिछले साल सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिका में दावा किया कि 1991 में संविधान के अनुच्छेद 239AA के लागू होने के बाद यह पहली बार है कि निर्वाचित सरकार को पूरी तरह से दरकिनार करके एलजी ने एल्डरमैन का नामांकन किया. सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल मार्च में इस मामले में दिल्ली के एलजी वीके सक्सेना से जवाब मांगा था.

CJI ने की थी टिप्पणी

पिछले साल सुनवाई के दौरान ही सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ ने टिप्पणी की थी कि एलजी के एल्डरमैन को नियुक्त किए जाने से एमसीडी के लोकतांत्रिक तरीके से काम करने में अस्थिर हो सकती है. हालांकि, मई 2023 में कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया.

वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी, अधिवक्ता शादान फरासत और नताशा माहेश्वरी दिल्ली सरकार की ओर से पेश हुए थे और एडिशिनल सॉलिसिटर जनरल संजय जैन एलजी की ओर से पेश हुए थे.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.