Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Iran-Israel War Impact: ईरान युद्ध के कारण बढ़ सकते हैं पानी और कोल्ड ड्रिंक की बोतलों के दाम; भारतीय... मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड का बड़ा फरमान: "मुसलमानों के लिए इस्लामी उत्तराधिकार कानून अनिवार्य"; संपत्ति... विकसित भारत 2047: हरियाणा बनेगा देश का 'ग्रोथ इंजन'! उद्योग और युवाओं के कौशल पर सरकार का बड़ा दांव;... दिल्ली-देहरादून हाईवे पर 'आपत्तिजनक नारा' लिखना पड़ा भारी! दो युवतियों समेत 3 गिरफ्तार; माहौल बिगाड़ने... सावधान! दिल्ली में 48 घंटे बाद बरसेगा पानी, यूपी-राजस्थान में 'तूफान' जैसी हवाओं का अलर्ट; IMD ने पह... आगरा में 'जहरीली गैस' का तांडव! कोल्ड स्टोरेज से रिसाव के बाद मची भगदड़, जान बचाने के लिए खेतों की त... Bus Fire News: जैसलमेर से अहमदाबाद जा रही स्लीपर बस में लगी भीषण आग, एक यात्री झुलसा; खिड़कियों से क... कश्मीर में VIP सुरक्षा पर 'सर्जिकल स्ट्राइक'! फारूक अब्दुल्ला पर हमले के बाद हिला प्रशासन; अब बुलेटप... ईरान की 'हिट लिस्ट' में Google, Apple और Microsoft? अब टेक कंपनियों को तबाह करेगा तेहरान; पूरी दुनिय... दिल्ली में 'Zero' बिजली बिल वालों की शामत! खाली पड़े घरों की सब्सिडी छीनने की तैयारी; क्या आपका भी बं...

Madhya Pradesh में भारी बारिश,कई डैम के गेट खोले गए, 6 जिलों में रेड अलर्ट जारी

36

भोपाल समेत मध्य प्रदेश के कई जिलों में शुक्रवार से तेज बारिश (Rain) जारी है। तवा नदी के पांच, कलियासोत के तीन, और भदभदा डैम का एक गेट खोलना पड़ा है। अगले चार दिनों तक भारी से हल्की बारिश की संभावना जताई गई है। राजधानी भोपाल में 1.6 इंच, रायसेन में 2.4 इंच और अन्य जिलों में भी अच्छी खासी वर्षा रिकॉर्ड की गई है।

मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, यदि बारिश इसी तरह जारी रही तो और गेट खोलने की आवश्यकता पड़ सकती है। जबलपुर समेत प्रदेश के छह जिलों में शुक्रवार और शनिवार को बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया है। मानसून ट्रफ और साइक्लोनिक सर्कुलेशन के चलते सिस्टम बहुत ही मजबूत है, जिससे पूरे प्रदेश में 5 अगस्त तक भारी बारिश का अनुमान है।

इन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने नर्मदापुरम, पचमढ़ी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, बैतूल, सीहोर, रायसेन, सांची, भीमबेटका, उमरिया, बांधवगढ़, शहडोल, बाणसागर, अनूपपुर, और अमरकंटक में बिजली के साथ भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। वहीं, भोपाल में भी बिजली के साथ मध्यम बारिश होने की संभावना है। बैरागढ़, राजगढ़, शाजापुर, विदिशा, निवाड़ी, ओरछा, टीकमगढ़, छतरपुर, खजुराहो, पन्ना, सतना, चित्रकूट, मैहर, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, दमोह, हरदा, देवास, कटनी, बालाघाट, सिवनी, डिंडोरी, मंडला, पांढुर्णा, गुना, अशोकनगर, सागर, आगर, उज्जैन, मंदसौर, नीमच, खंडवा, बुरहानपुर, इंदौर, और दतिया में भी हल्की आंधी और बारिश की संभावना है।

प्रदेश के छह जिलों में रेड अलर्ट
मध्य प्रदेश में मौजूदा मौसम प्रणाली के चलते जबलपुर, छतरपुर, पन्ना, कटनी, डिंडौरी और मंडला जिलों में भारी बारिश का Red Alert जारी किया गया है। सीहोर कलेक्टर ने स्कूलों और आंगनबाड़ियों के लिए छुट्टी घोषित कर दी है, जबकि भोपाल में कलियासोत, भदभदा और कोलार डैम के गेट खोले गए हैं। नर्मदापुरम में तवा डैम के 11 में से 5 गेट खोले गए हैं।

मौसम विभाग की रिपोर्ट
मौसम विभाग की सीनियर वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन के अनुसार, मानसून ट्रफ प्रदेश से थोड़ी ऊपर है और साइक्लोनिक सर्कुलेशन अरब सागर की ओर है। एक अन्य साइक्लोनिक सर्कुलेशन भी सक्रिय है। इस कारण अगले चार दिनों में प्रदेश में कहीं भारी और कहीं हल्की बारिश होने की संभावना है। प्रदेश में इस सीजन में 51 फीसदी, यानी 18.9 इंच बारिश हो चुकी है, और जुलाई में कोटे से ज्यादा पानी गिर चुका है। अगस्त में भी भारी बारिश की उम्मीद है।

बारिश का ताजा आंकड़ा
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, रायसेन में सबसे ज्यादा 2.4 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा सीधी में 1.9 इंच, भोपाल में 1.6 इंच, नर्मदापुरम के पचमढ़ी में 1.4 इंच, सतना में 1.7 इंच और टीकमगढ़ में 1 इंच बारिश हुई है। अन्य जिलों में भी कहीं तेज तो कहीं हल्की Rain दर्ज की गई है।

सीहोर में स्कूल और आंगनबाड़ी के लिए अवकाश
सीहोर कलेक्टर प्रवीण सिंह ने लगातार हो रही भारी वर्षा को देखते हुए आज 2 अगस्त 2024 को स्कूल और आंगनबाड़ियों के लिए छुट्टी घोषित की है। यह अवकाश केवल छात्र-छात्राओं के लिए होगा; शिक्षक और स्कूल स्टाफ अपने निर्धारित समय पर ड्यूटी पर मौजूद रहेंगे।

कोलार डैम के गेट खोले गए
कोलार डैम के वाटर लेवल को नियंत्रित रखने के लिए दो गेट पहले ही खोले गए थे और अब दो और गेट खोले गए हैं। कुल मिलाकर कोलार डैम के चार गेट सात मीटर तक खोले गए हैं। कलेक्टर प्रवीण सिंह और कार्यपालन यंत्री हर्ष जौनवाल ने नागरिकों से अपील की है कि वे कोलार नदी, कोलार नहर और बांध प्रभावित क्षेत्रों में न जाएं और किसी भी गतिविधि से बचें।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.