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पीरियड्स होने पर छोटी छोटी बात पर रोने क्यों लग जाती हैं लड़कियां?

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पीरियड्स से पहले या उसके बाद या फिर पीरियड्स के दौरान कुछ महिलाओं को असहनीय दर्द का सामना करना पड़ता है. हालांकि पीरियड्स महिलाओं के लिए जरूरी होता है लेकिन हर महीने इसकी वजह से महिलाओं को काफी सारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है. जहां एक तरफ पीरियड्स की वजह से महिलाओं को पेट दर्द, कमर दर्द, बदन दर्द , सर्दी खांसी जुकाम जैसी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है वहीं कुछ लड़कियां इस दौरान काफी ज्यादा इमोश्नल हो जाती हैं. वो किसी भी छोटी बात पर रोना शुरू कर देती हैं. वहीं इसके पीछे की वजह कोई समझ नहीं पाता है और लड़कियों के रोने को ड्रामा या फिर एक्टिंग बता दिया जाता है. पीरियड्स के दौरान कई महिलाएं या फिर लड़कियां ऐसी हैं जिन्हें एक दम से इस दौरान रोना आ जाता है. वहीं एक रिसर्च के मुताबिक करीब 70 प्रतिशत महिलाएं, PMS यानि कि प्री मेंसुरेशन सिंड्रोम के फिजिकल और इमोशनल लक्षणों को महसूस करती हैं. जिसकी वजह से उन्हें छोटी से छोटी बात पर भी स्ट्रेस, एंग्जायटी हो जाती है.

पीरियड्स के दौरान महिलाओं के शरीर के अंदर बहुत सारे बदलाव चल रहे होते हैं. ऐसे में उन्हें कभी सिर दर्द, कभी पैर दर्द तो कभी शरीर के किसी और हिस्से में दर्द हो रहा होता है. ऐसे में लड़कियां हर छोटी बात पर चिड़चिड़ी हो जाती हैं और रोने लग जाती हैं लेकिन आखिर रोने के पीछे वजह क्या है, आइए जानते हैं इसके बारे में.

पीरियड्स के दौरान बिना किसी बात के भी रोने क्यों लगती हैं महिलाएं

हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना ये होता है कि पीरियड्स के दौरान रोना, दुखी होना या परेशान होने का कोई कारण नहीं है. इस समय में ओवैलुशन के बाद बॉडी में एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन लेवल काफी कम हो जाता है और केमिकल न्यूरोमीटर में ये दो हार्मोन्स सेरोटोनिन के प्रोडक्शन को एकदम धीमा कर देते हैं. जो मुश्किल दिनों में रोने का कारण बनते हैं, आइए जानते हैं इसके अन्य कारण.

1.लो सेरोटोनिन लेवल

सेरोटोनिन एक ऐसा हॉर्मोन है जो आपके मूड को लाइट और आपको हैप्पी रखता है. वहीं पीरियड्स के दौरान इस हॉर्मोन में कमी आ जाती है जिस वजह से लड़कियों का मूडएकदम से अपसेट हो जाता है और वो रोने भी लग जाती हैं.

2.चैन की नींद न ले पाना

पीरियड्स के दौरान ये सबसे बड़ी समस्या है कि महिलाएं इस दौरान चैन की नींद नहीं ले पाती हैं. ऐसे में नींद पूरी न होने का प्रभाव सीधा उनके मूड पर पड़ता है.नींद पूरी न होने की वजह से महिलाएं पूरे दिन चिड़चिड़ा महसूस करने लगती हैं और वो किसी भी बात पर रोना शुरू कर देती हैं.

3.एपेटाइट में बदलाव

पीरियड्स के दौरान महिलाएं को पेट में असहनीय दर्द होने लगता है वहीं इसके साथ साथ उन्हें पेट दर्द और ब्लोटिंग की समस्या भी रहती है. वहीं इस दौरान उन्हें मीठी चीजें और कार्बोहाइड्रेट वाली चीजों की क्रेविंग होती रहती है. लेकिन कई बार ब्लोटिंग या फिर पेट दर्द की वजह से अपनी पसंदीदा चीज न खा पाने की वजह से उन्में चिड़चिड़ापन बढ़ जाता है.

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