Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
MP Dairy Shifting Project: रतौना-हफसिली डेयरी प्रोजेक्ट में निगम का कड़ा एक्शन, जमा राशि भी की गई रा... Dr. Harisingh Gour University: स्टैनफोर्ड और एल्सेवियर की सूची में सागर यूनिवर्सिटी के 12 प्रोफेसर श... Ramanujganj Van Vatika: तीन महीने में पूरी होगी रामानुजगंज वन वाटिका की तस्वीर, ओपेन जिम और चिल्ड्रे... Raipur Health News: नवरात्रि उपवास में गरबा के साथ कैसे रखें सेहत का ख्याल? जानिए एनर्जी बढ़ाने के आ... Bhilai News: सीएम के कार्यक्रम में बच्चों को घंटों बैठाए रखने पर विवाद, कांग्रेस ने की कार्रवाई की म... Raipur Crime News: आमानाका थाना क्षेत्र में 3 साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म, AIIMS का सिक्योरिटी गार्... Bastar Local Products: दंतेवाड़ा के जैविक चावल और वनोपज को मिली नई पहचान, महिला FPO ने शुरू किया ब्र... Kavirdha News: कवर्धा में किसानों का बड़ा आंदोलन खत्म, गन्ने का भाव बढ़कर हुआ 425 रुपये, सरकार ने मा... Kanker News: कांकेर के सीएएफ कैंप में अनोखी पहल, जवान रूपधर चौहान अपने हाथों से बना रहे हैं मां दुर्... Jagdalpur News: बस्तर बाढ़ पीड़ितों के लिए प्रशासन का बड़ा कदम, 25 करोड़ से अधिक की राहत राशि सीधे ख...

जयपुर में जर्जर स्कूल पर एक्शन: पुराने भवन से 50 मीटर दूर ग्रामीण के मकान में शिफ्ट हुई कक्षाएं, 16 बच्चे पहुंचे

20

जयपुर (राजस्थान): राजधानी जयपुर के रामपुरा-कंवरपुरा गांव में लंबे समय से जर्जर हालत में पड़े राजकीय प्राथमिक विद्यालय भवन को लेकर उपजे विवाद के बाद प्रशासन ने छात्रों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए त्वरित कदम उठाया है।

प्रशासन ने बच्चों की जान जोखिम में डालने के बजाय स्कूल को पुराने जर्जर परिसर से लगभग 50 मीटर दूर स्थित एक ग्रामीण के निजी मकान में अस्थायी रूप से स्थानांतरित कर दिया है। शनिवार सुबह 16 से अधिक छात्र-छात्राएं नए सुरक्षित स्थान पर पढ़ाई के लिए पहुंचे, जहां दो शिक्षकों ने नियमित रूप से उनकी कक्षाएं संचालित कीं।

⚔️ निरीक्षण के दौरान ग्रामीणों और टीम में हुआ था विवाद, सुरक्षा बनी प्राथमिकता

स्थानांतरण की पृष्ठभूमि और तात्कालिक कारण:

  • जर्जर भवन की चिंता: रामपुरा-कंवरपुरा का सरकारी स्कूल भवन वर्षों से अत्यंत खस्ताहाल स्थिति में था, जिसे लेकर ग्रामीण लगातार बच्चों की सुरक्षा पर गहरी चिंता जता रहे थे।

  • निरीक्षण पर तीखी बहस: शुक्रवार को जब संबंधित निरीक्षण टीम स्कूल की स्थिति का जायजा लेने पहुंची, तो ग्रामीणों और अधिकारियों के बीच व्यवस्थाओं को लेकर तीखा विवाद हो गया।

  • तत्काल शिफ्टिंग का निर्णय: हालात को भांपते हुए और बच्चों की शारीरिक सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए प्रशासन ने पुराने भवन में पठन-पाठन पूरी तरह बंद करने का आदेश दिया।

🏠 किराने की दुकान वाले कमरे में लगी बच्चों की क्लास, ग्रामीण ने दी जगह

अस्थायी व्यवस्था का स्वरूप:

  • ग्रामीण की पहल: गांव के ही एक संवेदनशील ग्रामीण ने बच्चों की शिक्षा बाधित न हो, इसके लिए अपने मकान का कमरा प्रशासन को उपलब्ध कराया।

  • कक्षा का संचालन: जिस कमरे में पूर्व में एक किराने की दुकान संचालित होती थी, उसे साफ-सुथरा कर अब अस्थायी कक्षा का रूप दे दिया गया है।

  • शिक्षकों की उपस्थिति: नई व्यवस्था लागू होते ही शनिवार को शिक्षक समय पर पहुंचे और बच्चों का सुचारू अध्यापन कार्य शुरू कराया।

🏗️ ग्रामीणों की दो टूक मांग: गांव में ही बने नया सर्वसुविधायुक्त स्कूल भवन

स्थायी समाधान और ग्रामीणों की अपेक्षाएं:

  • अस्थायी हल नाकाफी: ग्रामीणों ने साफ तौर पर कहा कि किसी के घर या दुकान में स्कूल चलाना केवल एक तात्कालिक प्रबंध है, यह स्थायी समाधान नहीं हो सकता।

  • गांव में ही निर्माण की मांग: छोटे बच्चों को पढ़ाई के लिए गांव से बाहर भेजना संभव नहीं है; इसलिए सरकार को अविलंब इसी गांव में मजबूत, सुरक्षित और आधुनिक सुविधाओं से लैस नए स्कूल भवन का निर्माण शुरू कराना चाहिए।

  • शिक्षा विभाग पर निगाहें: अब ग्रामीणों और अभिभावकों की नजरें शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन पर टिकी हैं कि नए भवन के लिए बजट आवंटन और निर्माण प्रक्रिया कब तक पूरी की जाती है।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.