Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Iran-Israel War Impact: ईरान युद्ध के कारण बढ़ सकते हैं पानी और कोल्ड ड्रिंक की बोतलों के दाम; भारतीय... मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड का बड़ा फरमान: "मुसलमानों के लिए इस्लामी उत्तराधिकार कानून अनिवार्य"; संपत्ति... विकसित भारत 2047: हरियाणा बनेगा देश का 'ग्रोथ इंजन'! उद्योग और युवाओं के कौशल पर सरकार का बड़ा दांव;... दिल्ली-देहरादून हाईवे पर 'आपत्तिजनक नारा' लिखना पड़ा भारी! दो युवतियों समेत 3 गिरफ्तार; माहौल बिगाड़ने... सावधान! दिल्ली में 48 घंटे बाद बरसेगा पानी, यूपी-राजस्थान में 'तूफान' जैसी हवाओं का अलर्ट; IMD ने पह... आगरा में 'जहरीली गैस' का तांडव! कोल्ड स्टोरेज से रिसाव के बाद मची भगदड़, जान बचाने के लिए खेतों की त... Bus Fire News: जैसलमेर से अहमदाबाद जा रही स्लीपर बस में लगी भीषण आग, एक यात्री झुलसा; खिड़कियों से क... कश्मीर में VIP सुरक्षा पर 'सर्जिकल स्ट्राइक'! फारूक अब्दुल्ला पर हमले के बाद हिला प्रशासन; अब बुलेटप... ईरान की 'हिट लिस्ट' में Google, Apple और Microsoft? अब टेक कंपनियों को तबाह करेगा तेहरान; पूरी दुनिय... दिल्ली में 'Zero' बिजली बिल वालों की शामत! खाली पड़े घरों की सब्सिडी छीनने की तैयारी; क्या आपका भी बं...

शव ले जाने के लिए रात भर एम्बुलेंस मांगता रहा परिवार… अस्पताल ने एक न सुनी

14

उत्तर प्रदेश के कौशाम्बी में एंबुलेंस की आस में रातभर परिवार मरीज के शव को लेकर बैठा रहा, लेकिन उन्हें मदद नहीं मिली. मेडिकल कॉलेज की लापरवाही की वजह से परिवार को परेशानी का सामना करना पड़ा. आरोप है कि मेडिकल कॉलेज मंझनपुर में मरीज की मौत के बाद उसके शव को घर ले जाने के लिए परिवार के सदस्य सुबह तक एम्बुलेंस की मांग करते रहे, लेकिन मेडिकल कॉलेज की तरफ से कोई मदद नहीं मिली.

सुबह जब चीफ मेडिकल अफसर टहलने निकले तो उन्होंने एंबुलेंस के लिए परेशान परिवार को देखा. उनका हाल जाना और परेशानी सुनने के बाद अस्पताल के स्टाफ को फटकार लगाई और एम्बुलेंस का इंतजाम कराया. इसके बाद मरीज का परिवार शव के साथ घर पहुंचे और उसका अंतिम संस्कार किया. कड़ा धाम थाना क्षेत्र के बड़नावां गांव के सुरेमन की मौत की वजह से पहले ही परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल था. कई दिनों तक अस्पताल में रहने के बाद भी युवक की जान नहीं बच सकी.

सुरेमन एक दिन साइकिल से बाजार जाते समय गुलामीपुर स्थित निजी गेस्ट हाउस के पास बाइक से टक्कराकर घायल हो गया. इसके बाद उसे मेडिकल कॉलेज मंझनपुर में भर्ती कराया गया. भर्ती कराने के 25वें दिन मंगलवार की रात उसकी सांसें थम गईं और मौत हो गई. मृतक के परिवार वाले रात भर एम्बुलेंस के लिए अस्पताल से मदद की गुहार लगाते रहे, लेकिन स्टाफ ने उनसे सीधे मुंह बात तक न की.

क्या बोले सुरेमन के परिजन?

सुरेमन के परिजन का कहना था कि सुबह चीफ मेडिकल अफसर डॉ. एसके शुक्ला नहीं आते तो एम्बुलेंस नहीं मिल पाती. उन्होंने स्टॉफ के व्यवहार पर नाराजगी जाहिर की.

खराब हो गई थी गाड़ी

चीफ मेडिकल अफसर डॉ. एसके शुक्ला ने स्टाफ को दोबारा इस तरह की लापरवाही न करने की चेतावनी देकर छोड़ दिया. उन्होंने कहा कि वाहन में खराबी आ गई थी, इसलिए रात को व्यवस्था नहीं हो सकी. सुबह वाहन उपलब्ध करा दिया गया था.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.