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MP में भाजपा की प्रचंड जीत के सूत्रधार डॉ नरोत्तम मिश्रा, यूं ही नहीं कहलाते बीजेपी के संकटमोचक..

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 लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को मध्य प्रदेश में मिली बम्पर जीत से बीजेपी नेताओं में खुशी का माहौल है। लेकिन इस ऐतिहासिक सफलता का सबसे बड़ा श्रेय सही मायनों में जिस नेता को जाता है। वह मप्र बीजेपी न्यू जॉइनिंग टोली के संयोजक और पूर्व गृहमंत्री डॉ नरोत्तम मिश्रा हैं।

बीजेपी के संकटमोचक माने जाते हैं डॉ नरोत्तम मिश्रा, काँग्रेस के बड़े नेताओं के साथ 3 विधायक 6 पूर्व विधायकों को जॉइन कराई बीजेपी।

बीजेपी के संकटमोचक माने जाने वाले पूर्व गृहमंत्री डॉ नरोत्तम मिश्रा को केंद्रीय नेतृत्व ने न्यू ज्वाइनिंग टोली का प्रदेश संयोजक बना कर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी थी। इस जिम्मेदारी को निभाते हुए डॉ नरोत्तम मिश्रा ने प्रदेश भर में करीब 4 लाख से ज्यादा काँग्रेस कार्यकर्ताओं को बीजेपी की सदस्यता दिलवाई। खासतौर पर पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस के बड़े नेता सुरेश पचौरी, कांग्रेस विधायक रामनिवास रावत, कमलेश शाह और निर्मल सप्रे समेत 6 पूर्व विधायक, एक महापौर, 205 पार्षद,सरपंच और 500 पूर्व जनप्रतिनिधियों को भाजपा में लाने में सफल रहे।

बीजेपी के मिशन 29 में सबसे बड़ा रोड़ा कमलनाथ के गढ़ छिंदवाड़ा को माना जा रहा था। जिसे लेकर प्रदेश नेतृत्व से लेकर केंद्रीय नेतृत्व तक सबकी निगाहें टिकी हुई थीं। छिंदवाड़ा में भी काँग्रेस और कमलनाथ को कमज़ोर करने में डॉ नरोत्तम मिश्रा की विशेष रणनीति कारगर साबित हुई । जिसके तहत कमलनाथ के सबसे करीबी दीपक सक्सेना को बीजेपी जॉइन कराई गई। इसके साथ ही कमलनाथ के अमरवाड़ा विधायक कमलेश शाह समेत कई पार्षद , महापौर और हज़ारों कार्यकर्ताओं को भी बीजेपी जॉइन कराकर काँग्रेस का मनोबल पाताल में पहुंचाने का काम भी डॉ नरोत्तम मिश्रा ने ही किया। जिसका परिणाम ये रहा कि लंबे अरसे बाद एक बार फिर छिंदवाड़ा में बीजेपी को ऐतिहासिक जीत मिली।

एक ही दिन में 1 लाख से ज्यादा कार्यकर्ताओं को बीजेपी ज्वाइन कराकर बनाया रिकॉर्ड। काँग्रेस ने माना हार की बड़ी वजह बने नरोत्तम।

इतना ही नहीं न्यू ज्वाइनिंग टोली के संयोजक के तौर पर डॉ नरोत्तम मिश्रा ने पूरे प्रदेश में जिस अभियान की शुरुआत की उसके चलते एक दिन में काँग्रेस और दूसरे दलों के एक लाख से ज्यादा नेता और कार्यकर्ताओं को बीजेपी ज्वाइन कराकर नया कीर्तिमान स्थापित किया है। यही वजह है कि लोकसभा चुनावों में ऐतिहासिक हार के बाद कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कांग्रेस की हार की बड़ी वजह डॉ नरोत्तम मिश्रा की बताया है। पटवारी ने कहा कि नरोत्तम मिश्रा ने जिस तरह कांग्रेस के नेताओं और कार्यकर्ताओं को बीजेपी में शामिल करवाया उससे कांग्रेस कार्यकर्ताओं का मनोबल टूट गया , और मप्र में काँग्रेस को करारी हार का सामना करना पड़ा।

केंद्रीय नेतृत्व के भरोसे पर एक बार फिर खरे उतरे नरोत्तम, मिल सकती है बड़ी जिम्मेदारी।

लोकसभा चुनावों के नतीजों ने ये साबित कर दिया कि बीजेपी के केंद्रीय नेतृत्व ने जो भरोसा जता कर बड़ी जिम्मेदारी डॉ नरोत्तम मिश्रा को दी थी, उस भरोसे पर नरोत्तम मिश्रा पूरी तरह से खरे उतरे हैं। लोकसभा में 100% परिणाम देने के बाद ये माना जा रहा है कि डॉ नरोत्तम मिश्रा को संगठन में जल्द ही कोई बड़ी जिम्मेदारी भी दी जा सकती है।

*2020 में भी डॉ नरोत्तम मिश्रा बने थे बीजेपी के संकटमोचक, बीजेपी की कराई थी सत्ता में वापसी।

इससे पहले साल 2020 में जब मध्य प्रदेश में कमलनाथ की सरकार थी और भाजपा विपक्ष में थी, उस वक्त भी डॉ नरोत्तम मिश्रा भाजपा के लिए संकटमोचक बने थे। उस वक्त बीजेपी के ऑपरेशन लोटस को डॉ नरोत्तम मिश्रा ने ही पूरी तरह से एग्जीक्यूट किया था। जिसके परिणाम स्वरूप मध्य प्रदेश की सत्ता में भारतीय जनता पार्टी की वापसी हुई थी और शिवराज सिंह चौहान एक बार फिर से मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री बन गए। इसके साथ ही जब-जब शिवराज सरकार विधानसभा में मुश्किल में पड़ी डॉ नरोत्तम मिश्रा ने हर बार उन मुश्किलों को आसान किया। अपनी इन्हीं खूबियों के चलते डॉ नरोत्तम मिश्रा को केंद्रीय नेतृत्व भी बेहद पसंद करता है, अब मध्य प्रदेश की जनता को उम्मीद है कि जल्द ही डॉ नरोत्तम मिश्रा को एक नई भूमिका में देखेंगे।

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