Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
हैदराबाद से पैदल चलने के तनाव में बेकाबू हुआ था हाथी! इंदौर पुलिस की कार्रवाई, महावत गिरफ्तार ग्वालियर में MITS की बीटेक छात्रा ने हॉस्टल में लगाई फांसी, सहेली को वाट्सऐप पर भेजा "बाय" और लिखा म... मंडला में इंसानियत की दर्दनाक मिसाल: पालतू मुर्गे को बचाने 30 फीट गहरे कुएं में उतरे बुजुर्ग, डूबने ... प्रथम विश्व युद्ध में ब्रिटिश हुकूमत को दिया था ₹35 हजार का कर्ज! सीहोर के परिवार को ब्रिटेन सरकार न... इंदौर पुलिस में हड़कंप: फर्जी गवाह और विवेचना में लापरवाही पर पूर्व थाना प्रभारी दिनेश वर्मा का डिमो... मध्य प्रदेश: श्रीकृष्ण की 64 कलाओं और 14 विद्याओं से निखरेगी Gen Z प्रतिभा, ₹1 लाख छात्रवृत्ति पर छि... इंदौर में कलयुगी बेटी की करतूत: मां के खाते से उड़ाए मृत पिता के ₹80 लाख, कोर्ट के आदेश पर बेटी-दामा... वेस्टइंडीज का 26 साल पुराना सपना टूटा! Port of Spain टेस्ट में पाकिस्तान की धमाकेदार जीत, बाबर-शफीक ... राजपाल यादव की बढ़ीं मुश्किलें: शाहजहांपुर की दो संपत्तियां होंगी नीलाम, सेंट्रल बैंक का ₹16.61 करोड... पाकिस्तान में नेताओं के झूठे हलफनामे पर कसेगा शिकंजा: चुनाव आयोग बदलने जा रहा है 2017 के कड़े नियम

सीधी घटना पर कमलनाथ ने सरकार को घेरा, कहा – आदिवासी लड़कियों की सुरक्षा के लिए विशेष टास्क फोर्स का करें गठन…

43

सीधी। मध्य प्रदेश के सीधी जिले की घटना पर पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा सीधी ज़िले में स्कॉलरशिप का झाँसा देकर सात आदिवासी छात्राओं से बलात्कार का समाचार अत्यंत व्यथित करने वाला है। पुलिस का कहना है कि और भी लड़कियाँ इसका शिकार हो सकती हैं अर्थात बलात्कार पीड़ित आदिवासी लड़कियों की संख्या 7 से अधिक भी हो सकती है।
देश अब तक भूला नहीं है कि इसी सीधी ज़िले में एक आदिवासी युवक के सिर पर भाजपा के नेता ने पेशाब की थी।

क्या मध्य प्रदेश में आदिवासी समुदाय की लड़कियाँ निर्भय होकर कॉलेज में पढ़ाई भी नहीं कर सकतीं? ऐसे हालात में “बेटी पढ़ाओ, बेटी बचाओ” के नारे का क्या अर्थ रह जाता है? मध्य प्रदेश पहले ही आदिवासी अत्याचार और महिलाओं पर अत्याचार में नंबर वन है। कोई दिन ऐसा नहीं जाता जब मध्य प्रदेश में आदिवासियों पर अत्याचार का समाचार सामने न आता हो।

मैं मुख्यमंत्री से अनुरोध करता हूँ कि सभी पीड़ित छात्राओं को समुचित आर्थिक सहायता दी जाए। इस मामले की उच्च स्तरीय जाँच की जाए। बेटियों से अत्याचार में शामिल किसी भी व्यक्ति को नहीं बख़्शा जाए? मुख्यमंत्री प्रदेश में आदिवासी बच्चियों की सुरक्षा के लिए विशेष टास्क फ़ोर्स का गठन करें ताकि आदिवासी समाज की बच्चियां समाज की मुख्यधारा में शामिल हो सकें और अपने भविष्य का निर्माण कर सकें।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.