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शहर में तापमान बढ़ने की एक बड़ी वजह आई सामने

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जबलपुर। मौसम का पारा जैसे-जैसे बढ़ता है हम अपने घर-दफ्तर को ठंडा करने की कोशिश उतनी करने लगते हैं। कूलर-एयर कंडीशन को ठंडा रखने के लिए लगातार चलाते हैं। इसमें एयर कंडीशन से कमरे का अंदर भले तापमान गिर जाता है, लेकिन मौसम में एयर कंडीशन से निकली ऊष्मा से गर्माहट बढ़ जाती है। शहर में फिलहाल तीन लाख से ज्यादा एयर कंडीशन चल रहे हैं जिसका असर जाहिर है कि तापमान पर नजर आ रहा है। यहां पारा 42 डिग्री के आसपास बना रहता है। विशेषज्ञ मानते हैं कि दो टन का एक एयर कंडीशन हर घंटे करीब चार हजार जल ऊष्मा बाहर फेंकता है वहीं एयर कंडीशन के पंखों के आसपास करीब चार डिग्री तापमान बढ़ जाता है।

पर्यावरण के लिए कई घातक गैस निकलती है

 

एयर कंडीशन के चलने से मौसम में बदलाव को लेकर ट्रिपलआइटी डीएम के मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के सहायक प्राध्यापक डा.तुषार चौधरी ने बताया कि अमूमन हर कोइ डेढ़ से दो टन का एयर कंडीशन घर और दफ्तर में लगवाता है। इससे कमरा जरूर ठंडा होता है लेकिन पर्यावरण के लिए कई घातक गैस निकलती है। उनके शोध के मुताबिक दो टन का एयर कंडीशन का आउटर से हर घंटे चार हजार किलो जूल या आठ किलोवाट की ऊष्मा निकलती है। वहीं कार्बन डाइआक्साइड करीब 1.3 किलोग्राम निकलती है। डा. तुषार ने कहा कि पर्यावरण के लिए आवश्यक है कि पांच स्टार रेटिंग वाले एयर कंडीशन ही ले। इससे एक- दो किलोवाट ऊष्मा का अंतर आ जाता है।

 

आसपास का क्षेत्र होता है गर्म

जिस जगह एयर कंडीशन का आउटर लगा होता है उसके आसपास के तीन फीट का क्षेत्र अन्य जगह की तुलना में अधिक गर्म होता है। हवा ठंडी लेने के लिए एयर कंडीशन के आउटर काे खुली जगह में रखा जाता है जिस वजह से उसकी गर्म हवा तेज हवा के साथ बहकर आसपास के क्षेत्र में घुलकर गर्म करती है।

 

दस प्रतिशत बढ़ी मांग

 

अधीक्षण यंत्री शहर संजय आरोरा ने बताया कि शहर में तापमान बढ़ने के साथ ही एयर कंडीशन और कूलर चलने लगते हैं जिस वजह से बिजली की मांग करीब दस प्रतिशत तक बढ़ जाती है। वैसे जहां 25 से 26 लाख यूनिट हर दिन की खपत होती है गर्म दिनों में 30 से 32 लाख यूनिट तक खपत हो जाती है। बिजली विभाग के अनुसार शहर में सवा तीन लाख घरेलू उपभोक्ता है जिनके यहां करीब एक लाख 25 हजार से ज्यादा एसी लगे हुए हैं। इसके साथ ही 55 हजार व्यावसायिक उपभोक्ताओं के बीच डेढ़ लाख से ज्यादा एसी लगाए गए हैं। इसके अलावा शहर के विभिन्न शासकीय कार्यालयों में एसी की संख्या 50 हजार से ज्यादा है। इस तरह तीन लाख से ज्यादा एसी से निकलने वाली गर्म हवा से वातावरण प्रभावित हो रहा है।

 

एसी की गर्मी से पांच डिग्री बढ़ा

 

एयर कंडीशन की गर्मी से तापमान में बढ़ोतरी को समझने के लिए शासकीय साइंस कालेज के पर्यावरण विभाग पहुंचे। यहां विज्ञानी डा. आर के श्रीवास्तव ने शासकीय साइंस कालेज के हरेभरे परिसर थर्मामीटर की मदद से तापमान जांचा। पर्यावरण विभाग विभाग के विभागाध्यक्ष डा. आर के श्रीवास्तव ने दोपहर करीब 1.28 मिनट पर तापमान 36 डिग्री जांचा। इसके बाद वे कुछ दूरी पर लगे एयर कंडीशन के आउटर के करीब पहुंचे और थर्मामीटर से वहां का तापमान जांचा। थर्मामीटर ने एक बजकर 36 मिनट पर तापमान 41 डिग्री दिखाया। यानी करीब 50 फीट दूर थर्मामीटर ने डेढ टन एसी के आउटर के करीब तीन फीट दूर करीब 1.36 बजे तापमान जांचा तो 41 डिग्री मिला। साइंस कालेज के प्राचार्य डा.एके महोबिया ने कक्ष में जब डेढ़ बजे थर्मामीटर से तापमान जांचा, तो 21 डिग्री मिला। कमरे में दो एयर कंडीशन चालू थे।

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