Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Iran-Israel War Impact: ईरान युद्ध के कारण बढ़ सकते हैं पानी और कोल्ड ड्रिंक की बोतलों के दाम; भारतीय... मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड का बड़ा फरमान: "मुसलमानों के लिए इस्लामी उत्तराधिकार कानून अनिवार्य"; संपत्ति... विकसित भारत 2047: हरियाणा बनेगा देश का 'ग्रोथ इंजन'! उद्योग और युवाओं के कौशल पर सरकार का बड़ा दांव;... दिल्ली-देहरादून हाईवे पर 'आपत्तिजनक नारा' लिखना पड़ा भारी! दो युवतियों समेत 3 गिरफ्तार; माहौल बिगाड़ने... सावधान! दिल्ली में 48 घंटे बाद बरसेगा पानी, यूपी-राजस्थान में 'तूफान' जैसी हवाओं का अलर्ट; IMD ने पह... आगरा में 'जहरीली गैस' का तांडव! कोल्ड स्टोरेज से रिसाव के बाद मची भगदड़, जान बचाने के लिए खेतों की त... Bus Fire News: जैसलमेर से अहमदाबाद जा रही स्लीपर बस में लगी भीषण आग, एक यात्री झुलसा; खिड़कियों से क... कश्मीर में VIP सुरक्षा पर 'सर्जिकल स्ट्राइक'! फारूक अब्दुल्ला पर हमले के बाद हिला प्रशासन; अब बुलेटप... ईरान की 'हिट लिस्ट' में Google, Apple और Microsoft? अब टेक कंपनियों को तबाह करेगा तेहरान; पूरी दुनिय... दिल्ली में 'Zero' बिजली बिल वालों की शामत! खाली पड़े घरों की सब्सिडी छीनने की तैयारी; क्या आपका भी बं...

झुंझुनूं: 14 को निकाला बाहर, एक अफसर की मौत, अब खदान से बाहर आएंगे 150 मजदूर

53

राजस्थान के झुंझुनूं स्थित कोलिहान खदान हादसे में बड़ा अपडेट सामने आया है. बीती रात यहां हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड (HCL) की खदान में लिफ्ट मशीन 1800 फीट नीचे गिर पड़ी थी, जिस कारण विजिलेंस टीम समेत 15 अधिकारी लिफ्ट के अंदर फंस गए थे. लिफ्ट में फंसे 14 लोगों को बाहर निकाल लिया गया है. लेकिन एक अधिकारी उपेंद्र पाण्डेय की मौत हो गई है. अब खदान के अंदर फंसे 150 मजदूरों को बाहर निकाला जाएगा.

पुलिस ने बताया कि बाहर निकाले गए लोगों में से 4 की हालत नाजुक थी, जिसके चलते उन्हें जयपुर रेफर कर दिया गया है. वहीं, एक अधिकारी की मौत हो गई है. डॉक्टरों की टीमें पहले से ही आपात स्थिति के लिए तैयार थीं. लिफ्ट से बाहर निकालते ही सभी घायलों को तुरंत मेडिकल सुविधा दी गई. एसपी ने बताया कि 150 मजदूरों को भी अब बाहर निकाला जाएगा.

विजिलेंस टीम मंगलवार शाम को खदान में उतरी थी. खदान से निकलते वक्त करीब रात 8:10 बजे लिफ्ट की चेन टूट गई. जिस कारण लिफ्ट में मौजूद सभी 15 लोग उसमें फंस गए. जिस जगह लिफ्ट फंसी है, खदान में उसी के पीछे 150 से ज्यादा मजदूर भी काम कर रहे थे. वे सब भी इस लिफ्ट हादसे के कारण खदान के अंदर ही फंस गए थे.

हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड की ओर से 1967 में यहां तांबा खनन शुरू किया गया था. 24 मिलियन टन अयस्क यहां से निकाला जा चुका है. इसमें 16 मिलियन टन खनन किया जाना अभी बाकी है.

लिफ्ट के अलावा अंदर जाने का कोई विकल्प नहीं

स्थानीय वर्कर्स ने बताया कि खदान काफी गहरी है. यहां तीन मीटर प्रति सेकंड की रफ्तार से लिफ्ट नीचे जाती है. लिफ्ट से ही अंदर जाया जा सकता है. इसके अलावा कोई और विकल्प नहीं है. यह लिफ्ट लोहे के रस्सों पर चलती है. आने-जाने के लिए दो अलग- अलग लिफ्ट हैं. खदान में जाने से पहले हर मजदूर की मेडिकल जांच की जाती है. इसके बिना अंदर खदान में जाने की अनुमति नहीं मिलती. खेतड़ी तांबा खदान में कर्मचारियों की दो जगह हाजिरी होती है. खदान में प्रवेश करने पर भी और बाहर निकलने पर भी, ताकि कर्मचारी के सुरक्षित होने का पता चल सके.

किसी को गंभीर चोट नहीं

देर रात 1 बजे मौके पर पहुंचे नौमकाथाना कलेक्टर शरद मेहरा ने बताया कि फिलहाल सब कुछ नॉर्मल है. कोई कैजुअलिटी नहीं है. छोटी-मोटी इंजरी हो सकती है, किसी को गंभीर चोट नहीं आई है. एसपी प्रवीण नायक नूनावत ने बताया कि एक से दो घंटे में सभी को बाहर निकाल लिया जाएगा. खेतड़ी के विधायक धर्मपाल गुर्जर ने बताया कि प्रशासन की तरफ से पहले से ही बाहर एंबुलेंस और डॉक्टरों का इंतजाम किया गया है. घायलों को तुरंत मेडिकल सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.