Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Iran-Israel War Impact: ईरान युद्ध के कारण बढ़ सकते हैं पानी और कोल्ड ड्रिंक की बोतलों के दाम; भारतीय... मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड का बड़ा फरमान: "मुसलमानों के लिए इस्लामी उत्तराधिकार कानून अनिवार्य"; संपत्ति... विकसित भारत 2047: हरियाणा बनेगा देश का 'ग्रोथ इंजन'! उद्योग और युवाओं के कौशल पर सरकार का बड़ा दांव;... दिल्ली-देहरादून हाईवे पर 'आपत्तिजनक नारा' लिखना पड़ा भारी! दो युवतियों समेत 3 गिरफ्तार; माहौल बिगाड़ने... सावधान! दिल्ली में 48 घंटे बाद बरसेगा पानी, यूपी-राजस्थान में 'तूफान' जैसी हवाओं का अलर्ट; IMD ने पह... आगरा में 'जहरीली गैस' का तांडव! कोल्ड स्टोरेज से रिसाव के बाद मची भगदड़, जान बचाने के लिए खेतों की त... Bus Fire News: जैसलमेर से अहमदाबाद जा रही स्लीपर बस में लगी भीषण आग, एक यात्री झुलसा; खिड़कियों से क... कश्मीर में VIP सुरक्षा पर 'सर्जिकल स्ट्राइक'! फारूक अब्दुल्ला पर हमले के बाद हिला प्रशासन; अब बुलेटप... ईरान की 'हिट लिस्ट' में Google, Apple और Microsoft? अब टेक कंपनियों को तबाह करेगा तेहरान; पूरी दुनिय... दिल्ली में 'Zero' बिजली बिल वालों की शामत! खाली पड़े घरों की सब्सिडी छीनने की तैयारी; क्या आपका भी बं...

20 स्टेशनों के शुरू हुई कम्प्यूटरीकृत पार्सल मैनेजमेंट सुविधा, देखें लिस्‍ट

27

जबलपुर। रेलवे में यात्रियों और आम लोगों को पार्सल की सुविधा दी गई, लेकिन इनमें आई कमियों का अध्ययन कने के बाद इन्हें दूर करने नए बदलाव किए। पश्चिम मध्य रेलवे में कंप्यूटराइज्ड डिजिटल तकनीकी को बढ़ावा दिया गया, जिसके बाद इन जोन में कम्प्यूटरीकृत तकनीकी का विस्तार किया गया। जोन के 20 रेलवे स्टेशनों में पार्सलों की बुकिंग कम्प्यूटरीकृत पार्सल प्रबंधन प्रणाली (पार्सल मैनेजमेंट सिस्टम) से की जा रही है। जोन के तीनों मंडलों पर 20 रेलवे स्टेशनों पर पार्सल प्रबंधन प्रणाली की सुविधा है। इनमें जबलपुर मंडल में जबलपुर, कटनी, कटनी मुड़वारा, कटनी साउथ, सतना, रीवा, दमोह, सागर, नरसिंहपुर एवं गाडरवारा स्टेशनों पर पीएमएस उपलब्ध है।

पार्सल यातायात एवं लगेज को ट्रैक करना काफी आसान

 

रेलवे का दावा है कि इस प्रणाली से पार्सल यातायात एवं लगेज को ट्रैक करना काफी आसान हो गया है। सामान लोड होते ही बुक करने वाले व्यक्ति के मोबाइल पर मेसेज आता और गंतव्य पर पहुंचने की भी जानकारी होती है। पार्सल प्रबंधन प्रणाली से रेल कर्मचारियों को भाड़े की ऑटोमेटिक गणना और मानवीय गलतियों में कमी होगी तथा ग्राहकों को परिवहन के दौरान पार्सलों के वर्तमान स्थिति की सटीक जानकारी और साथ ही बुकिंग एवं वजन में कम समय लगेगा।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.