Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Iran-Israel War Impact: ईरान युद्ध के कारण बढ़ सकते हैं पानी और कोल्ड ड्रिंक की बोतलों के दाम; भारतीय... मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड का बड़ा फरमान: "मुसलमानों के लिए इस्लामी उत्तराधिकार कानून अनिवार्य"; संपत्ति... विकसित भारत 2047: हरियाणा बनेगा देश का 'ग्रोथ इंजन'! उद्योग और युवाओं के कौशल पर सरकार का बड़ा दांव;... दिल्ली-देहरादून हाईवे पर 'आपत्तिजनक नारा' लिखना पड़ा भारी! दो युवतियों समेत 3 गिरफ्तार; माहौल बिगाड़ने... सावधान! दिल्ली में 48 घंटे बाद बरसेगा पानी, यूपी-राजस्थान में 'तूफान' जैसी हवाओं का अलर्ट; IMD ने पह... आगरा में 'जहरीली गैस' का तांडव! कोल्ड स्टोरेज से रिसाव के बाद मची भगदड़, जान बचाने के लिए खेतों की त... Bus Fire News: जैसलमेर से अहमदाबाद जा रही स्लीपर बस में लगी भीषण आग, एक यात्री झुलसा; खिड़कियों से क... कश्मीर में VIP सुरक्षा पर 'सर्जिकल स्ट्राइक'! फारूक अब्दुल्ला पर हमले के बाद हिला प्रशासन; अब बुलेटप... ईरान की 'हिट लिस्ट' में Google, Apple और Microsoft? अब टेक कंपनियों को तबाह करेगा तेहरान; पूरी दुनिय... दिल्ली में 'Zero' बिजली बिल वालों की शामत! खाली पड़े घरों की सब्सिडी छीनने की तैयारी; क्या आपका भी बं...

महाकोशल-विंध्य के डेढ़ लाख से ज्यादा श्रमिकों को मिलेगा 24 घंटे उपचार

28

जबलपुर। महाकोशल और विंध्य क्षेत्र में कार्यरत पंजीकृत श्रमिकों सहित कम वेतन प्राप्त करने वाले निजी कर्मचारियों के लिए सुखद समाचार है। इएसआइ योजना में सम्मिलित इन श्रमिकों और कर्मचारियों को शीघ्र ही 24 घंटे उपचार की सुविधा मिलेगी। इसके लिए 100 बिस्तर वाला अस्पताल बनाने के लिए जबलपुर में जगह चिन्हित कर ली गई है। कृषि विश्वविद्यालय की पांच एकड़ जमीन पर बीमा या इआइसीएस अस्पताल को आकार दिया जाएगा।

स्वीकृति प्राप्त होते ही निर्माण कार्य की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी जाएगी

इस पर सैद्धांतिक सहमति बनने के बाद जमीन आवंटन का प्रस्ताव राजस्व विभाग के प्रमुख सचिव को भेज दिया गया है। स्वीकृति प्राप्त होते ही अस्पताल की संरचना और निर्माण कार्य की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी जाएगी। अस्पताल के बनने से महाकोशल और विंध्य क्षेत्र में पंजीकृत डेढ़ लाख से अधिक न्यून वेतन वाले निजी कर्मचारियों को उपचार की बेहतर सुविधा उपलब्ध होगी।

इसलिए रिछाई के पास ढूंढा स्थान

केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के सहयोग से बीमा अस्पताल बनाया जाना है। जिला प्रशासन की ओर से बीमा अस्पताल के दो स्थान प्रस्तावित किए गए थे। लेकिन शहर और आसपास के जिलों में इएसआइ योजना के लाभार्थियों में बड़ी संख्या आैद्योगिक श्रमिकों की है। रिछाई और अधारताल औद्योगिक क्षेत्र है। यहां कार्यरत श्रमिकों की सुविधा की दृष्टि से बीमा अस्पताल के लिए रिछाई फ्लाईओवर के पास स्थित कृषि विश्वविद्यालय की भूमि को उपयुक्त पाया गया। सतना, कटनी से आने वाले लोगों के लिए भी यह स्थान सुविधानक है। इसलिए महाराजपुर वीकल मोड़ से अधारताल रेलवे स्टेशन की ओर जाने वाले मार्ग पर रिछाई फ्लाईओवर से पहले अस्पताल बनाने पर सहमति बनी है। यह स्थान कृषि विवि के भंडार गृह से लगा हुआ है।

सुबह चार, शाम को दो घंटे खुलती है डिंस्पेंसरी

कर्मचारी राज्य बीमा योजना के अंतर्गत पात्र कर्मचारियों और उनके स्वजन के उपचार के लिए अभी महाकोशल और विंध्य क्षेत्र में डिंस्पेंसरी संचालित होती है। यह डिस्पेंसरियां जबलपुर सहित निवार, सतना, कटनी और शहडोल जिले के अमलई में है। मैहर और कैमोर में भी डिंस्पेंसरी प्रारंभ करने स्वीकृति प्राप्त हुई है। डिंस्पेंसरियां अभी दो पारियों में संचालित होती है। जहां, सुबह सुबह 7:30 से पूर्वान्ह 11:30 और शाम 4:30 से 6:30 बजे तक मरीजों की जांच और उपचार होता है। 100 बिस्तर के प्रस्तावित बीमा अस्पताल में रूटीन ओपीडी के साथ ही आकस्मिक सेवा कक्ष होगा। हर वक्त चिकित्सक उपलब्ध रहेंगे। मेडिसिन, शिशु, स्त्री, अस्थि, नेत्र सहित समस्त प्रकार के विशेषज्ञ उपचार की सुविधा रहेगी।

इनके लिए बड़ी सौगात है

ईएसआइ योजना में 21 हजार रुपये या इससे मासिक आय वाले कर्मचारियों को नि:शुल्क उपचार की सुविधा प्राप्त होती है। बीमित कर्मचारी के साथ ही उस पर निर्भर स्वजन को भी नि:शुल्क उपचार मिलता है। योजना में शारीरिक रूप से अक्षम व्यक्तियों के लिए न्यूनतम वेतन सीमा 25 हजार रुपये प्रतिमाह तक है। योजना के अंतर्गत औद्योगिक क्षेत्र में स्थापित कारखानों के श्रमिकों और कम वेतन वाले कर्मचारियों को अभी बीमा डिस्पेंसरियों में सीमित उपचार ही मिल पाता है। आकस्मिक स्थिति में डिंस्पेंसरी में उपचार की सुविधा नहीं है।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.