Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
नौकरी का सुनहरा अवसर: छत्तीसगढ़ सरकार के 'नवा बिहान' प्रोजेक्ट से जुड़ने का मौका, ₹18,000 तक वेतन; जा... हाहाकार! जशपुर में तेज रफ्तार का कहर: बस पलटने से बिछ गई लाशें, 25 यात्री घायल; अपनों को तलाशती रही ... बड़ी खबर: नेशनल हाईवे पर खूनी टक्कर, बलौदाबाजार के पास हादसे में 4 की मौत; अस्पताल में मची अफरा-तफरी... Bareilly Salman Suicide Case: बरेली के सलमान ने ढाबे में चाकू से रेत डाली अपनी ही गर्दन; चलती गाड़ी ... MP में जमीन विवादों पर नई व्यवस्था: संपदा पोर्टल से ऑनलाइन दर्ज होगी शिकायत, रजिस्ट्री से पहले दिखेग... बड़वानी को मिला '3D' फेम नया कप्तान; IPS पद्म विलोचन शुक्ला संभालेंगे कमान, अवैध हथियारों और चोरी पर... पूर्व विधायक अरुण वर्मा की विवादित टिप्पणी: होली को बताया 'घिनौना त्योहार', भगवान विष्णु और हिरण्यकश... MP BJP News Today: कांग्रेस से बीजेपी में आए काबिल नेताओं को मिलेगा बड़ा मौका; वीडी शर्मा ने संगठन म... बड़ी साजिश नाकाम! लॉरेंस बिश्नोई गैंग के निशाने पर था एमपी का यह बड़ा व्यापारी, 10 करोड़ न देने पर प... गोंगपा में बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक! पार्टी विरोधी काम करने वालों की खैर नहीं, सिवनी के इन दिग्गज पदाधि...

गाजा में AI से हवाई हमले कर रहा इजराइल, UN के बयान से हड़कंप

18

पिछले छह महीने से गाजा में जारी जंग के दौरान इज़राइल अपने दुश्मनों की जानकारी जुटाने और उसके आधार पर टारगेट को चुनने एवं उसे नष्ट करने में आर्टिफिसियल इंटेलिजेंस का जमकर इस्तेमाल कर रहा है. इजराइली सिक्योरिटी से जुड़े लोगों के मुताबिक इजराइल ने गास्पेल नाम से एक AI सिस्टम विकसित किया है.

गास्पेल सिस्टम के जरिए डिजिटल डेटा, ड्रोन फ़ुटेज, सैटेलाइट इमेज, काॉल रिकार्ड्स, सोशल मीडिया एवं दूसरे अन्य तरीके से उपलब्ध सूचनाओं के आधार पर टार्गेट का चयन किया जाता है. AI तकनीक के जरिए एक दिन में कई 100 टारगेट का चयन करना संभव हो पाता है जो सामान्यतः किसी सेना के लिए नामुमकिन जैसा है. इसके अलावा इजराइल के पास Lavender एवं दूसरे अन्य AI प्रोग्राम मौजूद है जिनका सेना युद्धक्षेत्र में इस्तेमाल कर रही है.

किताब से इजराइली रणनीति का हुआ खुलासा

इजराइल के सबसे रहस्यमय और शक्तिशाली इंटेलिजेंस यूनिट – 8200 के चीफ की लिखी किताब इन दिनों काफी चर्चा में है. The Human Machine team नाम से लिखी यह किताब युद्ध में आर्टिफिसियल इंटेलिजेंस के बारे में विस्तार से बताती है. इजराइली इंटेलिजेंस चीफ ने वैसे तो यह किताब वर्ष 2021 में लिखी थी लेकिन इजराइली सेना द्वारा AI के प्रयोग के बाद सबका ध्यान इस ओर गया.

लेखक के तौर पर उन्होंने अपना नाम ब्रिगेडियर जनरल वाई.एस. बताया है जोकि उनके असली नाम का संक्षिप्त यानी इनिशियल लेटर है. इजराइली इंटेलिजेंस चीफ के मुताबिक टार्गेट का चयन करने वाली AI मशीन इन बातों को भी अपने डेटा में रखती है कि कौन व्यक्ति बार-बार अपने मोबाइल फ़ोन या हैंडसेट या फिर फोन नंबर बदल रहा है, कौन बार-बार अपनी लोकेशन या एड्रेस चेंज कर रहा है.

व्हाट्सएप ग्रुप में अगर किसी संदिग्ध व्यक्ति जुड़ा है तो वो संभावित टारगेट हो सकता है. इजराइली डिफेंस फोर्स की दलील है कि AI सिस्टम भले ही टारगेट चुनता हो लेकिन अंतिम फैसला वरिष्ठ सैन्य अधिकारी ही लेते हैं. हाल के दिनों में इजराइली बमबारी में अंततराष्ट्रीय संस्थाओं से जुड़े कार्यकर्ताओं के मारे जाने के बाद से IDF की पूरी रणनीति एवं फैसलों पर दुनिया भर में सवाल उठने लगे हैं.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.

Please Pay your remaining balance to remove this banner !
इस बैनर को हटाने के लिए कृपया अपनी बकाया राशि का भुगतान करें !