Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
बालाघाट में घर में घुसकर सो रही महिला को उठा ले गया बाघ: कान्हा बफर जोन में दिल नहला देने वाला हादसा... पन्ना में दर्दनाक हादसा: 9 माह की गर्भवती महिला और अजन्मे बच्चे की मौत, एनीमिया बनी वजह; पति पर लापर... इंदौर ने नम आंखों से दी वीर सपूत को अंतिम विदाई, मेजर हमजा आरिफ सैन्य सम्मान के साथ सुपुर्द-ए-खाक ग्वालियर में गुमशुदा तोते 'शकुंतला' के लिए 50 हजार का इनाम: ढोल-लाउडस्पीकर से तलाश में जुटा ओझा परिव... इंदौर में महज 7 दिन में टूटा शादी का बंधन, फैमिली कोर्ट ने तलाक की अर्जी को दी मंजूरी रतलाम में एग्रीमेंट वाली शादी का खौफनाक अंत: 3rd फ्लोर से रस्सी के सहारे भाग रही थी 23 साल की दुल्हन... छतरपुर में हॉस्टल की बड़ी लापरवाही! छत फांदकर एक साथ भागे 3 छात्र; मचा हड़कंप, परिजनों के उड़े होश गोरखपुर में दिल दहला देने वाली घटना, बहन से छेड़छाड़ का विरोध करने पर 9 वर्षीय मासूम की पीट-पीटकर हत... Vपप्पू यादव की प्रेस कॉन्फ्रेंस में हंगामा: चाकू लेकर पहुंचा युवक, समर्थकों ने दबोचा; सांसद बोले— 'म... Solar Eclipse 2027: 75 साल बाद सऊदी अरब में दिखेगा पूर्ण सूर्य ग्रहण, 21वीं सदी की सबसे बड़ी खगोलीय ...

लोकसभा चुनाव को लेकर राजस्थान और गुजरात की बार्डर पर लगी झाबुआ पुलिस की पैनी निगाहें

32

झाबुआ। झाबुआ जिले की सीमाएं राजस्थान व गुजरात से एकदम सटी हुई हैं। ऐसे में बार्डर क्षेत्र चुनाव के समय हमेशा चुनौतीपूर्ण बन जाता है। कमोबेश इस बार भी यही स्थिति है। झाबुआ जिले के जवाबदार अधिकारी बार-बार निरीक्षण करते हुए वहां पैनी निगाह रख रहे हैं। चुनाव घोषित होने के पहले से ही सीमावर्ती जिले के प्रशासनिक अधिकारियों के बीच बैठकें आयोजित हो रही हैं।

इन बैठकों में वारंटियों की सूची एक दूसरे को देने और सीमा पर शांति स्थापित रखने के साथ हर तरह की अवांछित ग्री नहीं आने देने के मामले में योजना बनाई जा रही है। तीनों ही राज्यों में लोकसभा चुनाव भी अलग-अलग चरणों में होने जा रहे हैं। भौगोलिक व प्रशासनिक रूप से भले ही तीनों प्रदेश अलग-अलग है। मगर सामाजिक, आर्थिक व राजनीतिक रिश्तें एकदम निकट के हैं।

गुजरात में 2001 में हुए गोधरा कांड ने सभी को भयभीत कर दिया था। उस कांड से जुड़ा एक आरोपित झाबुआ में आकर रहने लगा था। झाबुआ में आटो चलाते हुए उसने अपने तमाम दस्तावेज भीसाम बना लिए थे। झाबुआ में किसी को कानों-कान उसके बारे में खबर नहीं थी। 11 साल तक वह झाबुआ में रहा।

जब गुजरात पुलिस उसे गिरफ्तार करने के लिए झाबुआ आई तो स्थानीय पुलिस को उसके बारे में सूचना मिली। डकैती, हत्या, चोरी आदि की वारदातों के मामले में आए दिन गुजरात, राजस्थान आदि राज्यों की पुलिस जिले में आती रहती है। हर रोज बड़ी संख्या में यातायात आवागमन तीनों राज्यों के बीच होता है।

झाबुआ जिले में वारदात को अंजाम देकर आपराधिक तत्व गुजरात व राजस्थान राज्य में चले जाते हैं। ऐसे में उन्हें ढूंढना पुलिस के लिए मुश्किल हो जाता है। जिले की 60 प्रतिशत आबादी मजदूरी करने के लिए नियमित गुजरात व राजस्थान आती-जाती रहती है।

एक नजर में

-3 राज्य आपस में सटे हुए

-11 मुख्य रास्तें बार्डर के

– 23 किमी झाबुआ से दूर गुजरात बार्डर

– 45 किमी झाबुआ से राजस्थान बार्डर

यह है खतरा

– अपराधी बार्डर पार कभी भी कर जाते है

– अवैध सामग्री का हस्तांतरण आसान

– रेल व सड़क मार्ग से पहुंचना आसान

 

बार्डर मीटिंग हुई

सीमावर्ती जिलों व राज्यों में निष्पक्ष व शांतिपूर्ण तरीके से चुनाव करवाने के लिए 29 मार्च को वर्चुअल बार्डर मीटिंग आयोजित की गई थी। इस मीटिंग में झाबुआ एसपी पद्म विलोचन शुक्ल, आलीराजपुर एसपी राजेश व्यास, छोटा उदयपुर गुजरात एसपी राजेन्द्रसिंह चुराश्मा, दाहोद एसपी राजदीपसिंह झाला, बड़वानी एसपी पुनित गेहलोत, राजस्थान बांसवाड़ा के एएसपी डॉ. राजेश भारद्वाज आदि मौजूद थे।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.