Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Dhanbad News: 1 घंटे में जमींदोज हुए 4 मकान! धनबाद के लोयाबाद में भू-धंसान से दहशत; ग्रामीणों ने की ... Deoria Viral Video: बुजुर्ग का पैर पकड़कर एक्सरसाइज कराते दिखे यूपी के मंत्री सूर्य प्रताप शाही; वीड... Jodhpur Air Force Station: 'वीर गार्डियन 2026' में दिखा तेजस और F-2A का दम; एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ... Maharashtra Politics News: लातूर के होटल आमेर में खूनी वारदात; परली के शेख मन्सूर अली की हत्या, CCTV... Bareilly Nagar Nigam Action: खसरा संख्या 220-221 की जमीन पर अवैध कब्जे; नोटिस के बाद हड़कंप, वसूला ज... Katihar Express Viral Video: रात में कोलकाता जा रही ट्रेन के कोच में दिखा सांप; यात्रियों में मची अफ... IIT Bombay Suicide News: 22 साल के साहिल वाकोडे सुसाइड केस की जांच क्राइम ब्रांच को सौंपी; प्रोफेसर ... Lawrence Bishnoi Gang News: नेपाल भाग गए थे 5 लाख के इनामी बदमाश; जोधपुर के होटल से अफीम, रिवॉल्वर औ... Punjab News Today: पंजाब में फिर ठप होगी बस सेवा! 22 सितंबर से सड़कों पर नहीं उतरेंगी PUNBUS और PRTC... Ludhiana Firing News: गृह प्रवेश की पार्टी में ताबड़तोड़ फायरिंग; 15-20 बदमाशों ने बरसाईं गोलियां, 2...

शराब नीति पर केजरीवाल ने किताब में क्या लिखा था जो हो गया वायरल? अन्ना ने दिलाया याद

37

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को आबकारी नीति से जुड़े धनशोधन मामले में 28 मार्च तक प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की हिरासत में हैं. इस पर अन्ना हजारे की प्रतिक्रिया सामने आई है. उन्होंने केजरीवाल की किताब ‘स्वराज’ की कुछ पंक्तियां भी शेयर की हैं. जो अब वायरल हो रही हैं. इसमें केजरीवाल ने शराब नीति को लेकर कुछ बातें लिखी हैं, जिसके जरिए अन्ना हजारे ने केजरीवाल को घेरा.

अन्ना हजारे ने कहा, ”दिल्ली सरकार की शराब नीति और उसके जरिए किये गये भ्रष्टाचार के मामले में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी से मुझे बेहद दुख हुआ. भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़े गए देश के सबसे बड़े “जन लोकपाल” आंदोलन में मेरे साथी रहे अरविंद केजरीवाल का भ्रष्टाचार के मामले गिरफ्तार होना सबसे बडी विडंबना है. जिन बातों के खिलाफ लड़ने में मैंने मेरी पूरी जिंदगी बिताई, केजरीवाल ने उसका उल्टा करके करोड़ों लोगों का विश्वास तोड़ा.”

उन्होंने कहा कि यह अब स्पष्ट हो चुका है कि एक पवित्र आंदोलन को राजनीतिक फायदे के लिये इस्तमाल किया गया. अन्ना हजारे ने कहा कि केजरीवाल के मुख्यमंत्री बनने के बाद नई शराब नीति को लेकर मैंने उन्हें दो बार चिट्ठी लिखी थी. मुझे दुख होता है कि उन्होंने मेरी बात नहीं मानी और अब वो इसमें गिरफ्तार हो गए.

अन्ना ने केजरीवाल की किताब ‘स्वराज’ की कुछ पंक्तियां शेयर करते हुए उन्हे घेरा. अन्ना ने कहा राजनीति में जाने से पहले आपने (केजरीवाल) ‘स्वराज’ नाम से एक किताब लिखी थी. इस किताब की प्रस्तावना आपने मुझसे लिखवाई थी. इस ‘स्वराज’ नाम की किताब में आपने ग्रामसभा शराब नीति के बारे में बड़ी-बड़ी बातें लिखी थीं. किताब में आपने जो लिखा है, वह आपको याद दिलवाता हूं.

‘गांवों में शराब की लत’

समस्या: वर्तमान समय में शराब की दुकानों के लिए राजनेताओं की सिफारिश पर अधिकारियों जद्वारा लाइसेंस दे दिया जाता है. वे प्राय रिश्वत लेकर लाइसेंस देते हैं. शराब की दुकानों के कारण भारी समस्याएं पैदा होती हैं. लोगों का पारिवारिक जीवन तबाह हो जाता है. विडम्बना यह है कि जो लोग इससे सीधे तौर पर प्रभावित होते हैं, उन्हें इस बात के लिए कोई नहीं पूछता कि क्या शराब की दुकान खुलनी चाहिए या नहीं? इन दुकानों को उनके ऊपर थोप दिया जाता है.

सुझाव: शराब की दुकान खोलने का कोई लाइसेंस तभी दिया जाना चाहिए जब ग्रामसभा इसकी मंजूरी दे और ग्रामसभा की संबंधित बैठक में वहां उपस्थित 90 प्रतिशत महिलाएं इसके पक्ष में मतदान करें. ग्रामसभा में उपस्थित महिलाएं साधाराण बहुमत से मौजूदा शराब की दुकानों का लाइसेंस भी रद्द करवा सकें…. (‘स्वराज- अरविंद केजरीवाल’)

‘सीएम बनते ही भूले आदर्श विचारधारा’

आपने इस किताब में कितनी आदर्श बातें लिखीं थीं. तब आप से बड़ी उम्मीद थी. लेकिन राजनीति में एंट्री करते ही जब आप सीएम बने तो इस आदर्श विचारधारा को भूल गए. इसीलिए दिल्ली में आपकी सरकार ने नई शराब नीति बनाई. आपकी शराब नीति से ऐसा लगता है जैसे इसकी बिक्री और इसे पीने वालों को बढ़ावा मिल सकता है. गली-गली में शराब की दुकानें खुलवाई जा सकती हैं. इससे भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिल सकता है. यह बात जनता के हित में नहीं हैं. फिर भी आपने ऐसी शराब नीति लाने का निर्णय लिया.

‘सच आएगा जनता के सामने, दोषी को मिलेगी सजा’

अन्ना हजारे ने आगे कहा कि केजरीवाल के मामले से मैं हैरान और हताश हूं. इस सारे मामले कि अंत तक जाकर जांच होनी चाहिए. मुझे आशा है कि पूरे जांच के बाद सच जनता के सामने आएगा और दोषी को सजा मिलेगी. एक आंदोलन राजनीतिक महत्वाकांक्षा के लिये तबाह किया गया, इस चीज का बहुत दुख है. आज उस आंदोलन का राजनीतिक विकल्प भी असफल हुआ है, ये दुर्भाग्यपूर्ण है.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.