Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
आसाराम के बेटे नारायण साईं को सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं: गुजरात हाईकोर्ट वापस भेजा मामला, 3 महीने म... "राजनीति में आकर भी अंडों से डर लगता है?" TMC सांसद महुआ मोइत्रा को सुप्रीम कोर्ट से झटका, याचिका खा... छिंदवाड़ा में सीएम मोहन यादव का कड़ा एक्शन, शिकायतों पर CMHO, तहसीलदार और पटवारी तत्काल सस्पेंड NEET 2026 धांधली: परीक्षा से 3 दिन पहले लीक हुए थे पेपर! CBI चार्जशीट में NTA विषय विशेषज्ञों और सीक... E20 इथेनॉल पेट्रोल पर सियासत तेज: राहुल गांधी बोले— 'जनता की जेब से चुरा रहे पैसे', पेट्रोलियम मंत्र... महाराष्ट्र राजनीति में बड़ा उलटफेर: अजित पवार की NCP की रणनीति संभालेंगे प्रशांत किशोर? सुनेत्रा पवा... अतीक अहमद के बेटों उमर और अली को मिली हाईकोर्ट से पैरोल, छोटे भाई आबान के जनाजे में होंगे शामिल गाजियाबाद 4 साल की मासूम से रेप-हत्या मामला, सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद दो प्राइवेट अस्पताल ₹12 ल... मुंबई के मुलुंड में पूरी सड़क ही हो गई 'गायब'! BJP विधायक मिहिर कोटेचा ने दर्ज कराई शिकायत, BMC से म... अतीक अहमद के सबसे छोटे बेटे आबान की सड़क हादसे में मौत: झांसी जेल में बंद भाई अली से मिलने जाते वक्त...

रोड नहीं तो वोट नहीं… सांसद ने जिस गांव को लिया गोद, वहां सड़क भी नहीं बनी; अब वोट का बहिष्कार

40

लोकसभा चुनाव 2024 का शंखनाद हुआ तो भागलपुर के एक गांव में विरोध की ज्वाला भड़कने लगी. ऐसा इसलिए क्योंकि ग्रामीणों की सालों की मांग सांसद के द्वारा पंचायत को गोद लेने के बावजूद भी नहीं पूरी हो सकी है. अब लोगों ने वोट बहिष्कार करने का निर्णय लिया है. भागलपुर का जगतपुर पंचायत का जपतैली गांव विकास से कोसों दूर है. गांव में सड़क नहीं रहने के कारण लोगों ने इस बार वोट का ही बहिष्कार करने का निर्णय लिया है.

खास बात यह है कि जगतपुर पंचायत को सांसद ने गोद लिया था, लेकिन हालात यह है कि नेशनल हाइवे से गांव तक जाने के लिए पगडंडी का सहारा लेना पड़ता है. बारिश होने पर तो हालात बदतर हो जाते हैं. जनप्रतिनिधियों द्वारा इस गांव को विकास के मानचित्र पर रखा ही नहीं गया.

रोड नहीं तो वोट नहीं का लगाया बोर्ड

अब लोकसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान होने के बाद गांव के लोगों में आक्रोश की आग धड़कने लगी है. ग्रामीणों ने गांव के दोनों छोर पर बैनर लगा दिया है. उसमें लिखा है कि रोड नहीं तो वोट नहीं देंगे. जपतैली गांव के लोग यहां एनएच से गांव तक 500 मीटर की सड़क की मांग कर रहे हैं.

गांव में हैं 1800 से अधिक मतदाता

ग्रामीणों की मानें तो न तो पूर्व सांसद और उनके पड़ोसी बुलो मंडल ने ध्यान दिया था, न ही निवर्तमान सांसद अजय मंडल ने ध्यान दिया है. वहीं मजबूरन नाव का सहारा लेकर लोगों को गांव आना पड़ता है. कई बार हादसे में बच्चों की जान भी गई है, जिसके बाद गांव के 1800 से अधिक मतदाताओं ने वोट बहिष्कार का मन बना लिया है.

हालांकि, TV9 भारतवर्ष की लोगों से यह अपील है कि ज्यादा से ज्यादा संख्या में अपने मताधिकार का प्रयोग जरूर करें. लोकतंत्र के महापर्व में हिस्सा लें साथ ही मतदान के लिए दूसरों को भी जागरूक करें.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.