Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Maihar Golamath Temple: मैहर का वो अनोखा मंदिर जहाँ नहीं है एक भी जोड़, महाशिवरात्रि पर उमड़ा श्रद्ध... Viral Wedding: सोशल मीडिया पर परवान चढ़ा प्यार, 3.8 फीट की दुल्हन और 4.2 फीट के दूल्हे की बनी 'परफेक्... Mahashivratri 2026: दूल्हा बनकर निकले पातालेश्वर महादेव, माता पार्वती संग रचाया ब्याह; बारात में जमक... Indian Currency Update: अब भारतीय सिक्के पर दिखेगी 'वंदे भारत' ट्रेन, सरकार ने जारी किया 100 रुपये क... Mahakaleshwar Temple Decoration: 4 देशों के फूलों से महका महाकाल का दरबार, बेंगलुरु के 200 कलाकारों ... Ujjain Mahakal Darshan: महाशिवरात्रि पर 44 घंटे खुले रहेंगे बाबा महाकाल के पट, भस्म आरती में दिखा अद... Indian Navy Rescue: भारतीय नौसेना ने बीच समंदर में जापानी नाविक को किया एयरलिफ्ट, 200 किमी दूर से ऐस... Delhi EOL Vehicle News: दिल्ली में पुरानी गाड़ियों पर 'सर्जिकल स्ट्राइक', अब बिना नोटिस सीधे स्क्रैप... UP Politics: पूर्व मंत्री अनीस खान समेत 100 से ज्यादा दिग्गज आज थामेंगे सपा का दामन, अखिलेश यादव की ... Ghaziabad Crime News: गाजियाबाद में रिश्तों का कत्ल, ढाई साल की बेटी से अश्लील हरकत करते पिता को मां...

शादी के बाद विदाई पर लड़कियां क्यों फेंकती हैं चावल, क्या है इसकी धार्मिक मान्यता

47

हिंदू शादी में कई तरह की रस्में की जाती हैं. कुछ रस्मों को शादी से पहले किया जाता है और कुछ रस्मों को शादी के दौरान और बाद में किया जाता है. हर रस्म का अपना एक अलग खास महत्व माना जाता है, इसलिए ही ये सभी रस्में अभी तक निभाई जा रही हैं. हिंदू शादी में सबसे ज्यादा भावुक करने वाली रस्म होती है लड़की की विदाई की रस्म और इस दौरान पीछे चावल फेंकने का रिवाज होता है. हर हिंदू शादी में यह रस्म काफी खास मानी जाती है. लेकिन ये रस्म क्यों निभाई जाती है इसके पीछे की वजह जानते है.

कैसे होती है ये रस्म

शादी होने के बाद दुल्हन की विदाई के समय यह चावल फेंकने की रस्म की जाती है. जब दुल्हन अपने मायके को छोड़कर ससुराल के लिए जाती है, तभी यह रस्म दुल्हन से कराई जाती है. इस रस्म में दुल्हन अपने दोनों हाथों की हथेलियों को मिलाकर उनमें चावल भरती है और हाथों में भरे हुए उन चावल को अपने सिर के ऊपर से ले जाकर पीछे की ओर फेंकती है.

दुल्हन के द्वारा फेंके गए चावलों को नीचे गिरने से बचाना होता है, इसलिए दुल्हन के साथ साथ उसके पीछे उसके परिवार की महिलाएं और सहेलियां होती हैं. इन सभी के हाथों में आंचल या दुपट्टा फैला हुआ होता है, जिसमें दुल्हन के द्वारा पीछे फेंके गए चावल गिरते रहते हैं. ये रस्म पांच बार दोहराई जाती है. इस रस्म के दौरान दुल्हन को पीछे मुड़कर नहीं देखना होता है.

इस रस्म के पीछे की मान्यता

हिंदू धर्म में लड़कियों को मां लक्ष्मी का रूप माना जाता है. माना जाता है कि शादी के बाद जब लडकियां विदा होकर ससुराल जाती हैं तो वे अपने परिवार को चावल के रूप में धन-संपत्ति, समृद्धि और दुआएं देती हैं. इसलिए लड़की की विदाई के समय सिर के ऊपर से चावल फेंकने की रस्म कराई जाती है और इन चावलों को लड़की के घर वाले अपने पास सहेज कर रखते हैं

होती है बुरी नजर से रक्षा

इस रस्म को बुरी नजर से मायके की रक्षा से भी जोड़ा जाता है. माना जाता है कि मायके को बुरी नजर से बचाने के लिए ही दुल्हन विदाई के समय अपने सिर के ऊपर से चावल फेंकती है. इस रस्म के द्वारा दुल्हन अपने परिवार के प्रति उनसे मिले प्यार, दुलार और सम्मान के लिए मायके वालों का आभार व्यक्त करती है.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.