Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
बदल जाएगा चांदनी चौक! अब नहीं दिखेगा बिजली के तारों का मकड़जाल, रेखा सरकार के इस नए प्लान से चमकेगी ... रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना: गैस रेगुलेटर ठीक करते ही भभकी आग, घर में मची चीख-पुकार और जिंदा जल गई... बड़ी खबर: शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद पर कड़ा शिकंजा! मेडिकल रिपोर्ट में हुई यौन उत्पीड़न की पुष्टि... Kashmir News: कश्मीर में बदलाव की नई तस्वीर, बंदूक की जगह अब खिलाड़ियों के स्किइंग बोर्ड दिखा रहे है... खौफनाक सच! जिस एक्सप्रेसवे पर दौड़ती हैं गाड़ियां, उसके नीचे दफन है मासूम टिल्लू; 6 साल बाद पिता ने ... Ajit Pawar Death Case: अजित पवार मौत मामला: हादसा या बड़ी साजिश? CID जांच में अब तक हुए ये बड़े खुला... Crime News: नौकरानी ने रची ‘स्पेशल 26’ वाली कहानी, ED की फर्जी रेड डालकर साफ कर दिया मालिक का घर Justice For Tillu: मासूम टिल्लू केस: 100 DNA टेस्ट के बाद अब NHAI और मौसम विभाग से मांगी गई मदद, क्य... बड़ी खबर: AI समिट के खिलाफ प्रदर्शन करने वालों पर दिल्ली पुलिस का बड़ा एक्शन! 5 आरोपियों की रिमांड प... अजब-गजब: 37 साल से नहीं सोए और 16 साल तक रहे मौन! बागपत के इस पुजारी की तपस्या देख विज्ञान भी हैरान

रमजान का पहला रोजा कल, जानें क्या है सहरी और इफ्तार का सही समय

63

Ramadan 2024: इस्लाम धर्म का सबसे महत्वपूर्ण रमजान का महीना होता है. कल 12 मार्च से रमजान का महीना शुरू हो जाएगा और इसी दिन रमजान का पहला रोजा रखा जाएगा. इस्लाम धर्म में रोजा रखने का मतलब है, खुद को खुदा के लिए समर्पित करना. ये रोजा पूरे एक महीने तक सूर्योदय से लेकर सूर्यास्त रखा जाता है. इसके साथ ही रमजान के महीने में सहरी और इफ्तार की परंपरा भी निभाई जाती है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि सहरी और इफ्तार की परंपरा कैसे निभाई जाती है. जानने के लिए पढ़ें ये लेख…

इस्लामिक परंपराओं के अनुसार, रमजान के महीने में रोजा रखने वाले अगर सुबह सूर्योदय से पहले कुछ खा लेते हैं तो उसे सहरी कहते हैं और पूरे दिन इबादत कर शाम को सूर्यास्त के बाद खुदा से दुआ करने के बाद उपवास तोड़ा जाता है, जिसे इफ्तार कहा जाता है. रोजे के दौरान कुछ भी खाने या पीने की अनुमति नहीं होती है. आइए जानते हैं कि किस शहर में कितने बजे सहरी और इफ्तार की परंपरा निभाई जाएगी.

ये है सहरी और इफ्तार का समय

Ramdaan

जानें क्यों खास है रमजान का महीना

इस्लाम धर्म में रमजान का महीना सबसे पाक और महत्वपूर्ण माना गया है. मुस्लिम समाज के लोग इस पूरे महीने रोजा यानी उपवास रखते हैं और अपना ज्यादा से ज्यादा समय अल्लाह की इबादत में बिताते हैं और अल्लाह का शुक्रिया अदा करते हुए इस महीने के आखिर में ईद-उल-फितर मनाते हैं. जिसे मीठी ईद भी कहा जाता है. इस्लामिक मान्यताओं के अनुसार, रमजान का महीना इतना पाक इसलिए माना गया है क्योंकि इस महीने में पैगंबर मोहम्मद साहब को साल 610 में लैलतुल-कद्र के मौके पर इस्लाम धर्म की पवित्र किताब कुरआन शरीफ मिली थी. बताया जाता है कि रमजान के महीने में तरावीह की नमाज अदा की जाती है. इस नमाज की खास बात ये है कि रमजान की पूरी अवधि में इमाम साहब तरावीह की नमाज में पूरा कुरआन सुनाते हैं.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.