Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Iran-Israel War Impact: ईरान युद्ध के कारण बढ़ सकते हैं पानी और कोल्ड ड्रिंक की बोतलों के दाम; भारतीय... मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड का बड़ा फरमान: "मुसलमानों के लिए इस्लामी उत्तराधिकार कानून अनिवार्य"; संपत्ति... विकसित भारत 2047: हरियाणा बनेगा देश का 'ग्रोथ इंजन'! उद्योग और युवाओं के कौशल पर सरकार का बड़ा दांव;... दिल्ली-देहरादून हाईवे पर 'आपत्तिजनक नारा' लिखना पड़ा भारी! दो युवतियों समेत 3 गिरफ्तार; माहौल बिगाड़ने... सावधान! दिल्ली में 48 घंटे बाद बरसेगा पानी, यूपी-राजस्थान में 'तूफान' जैसी हवाओं का अलर्ट; IMD ने पह... आगरा में 'जहरीली गैस' का तांडव! कोल्ड स्टोरेज से रिसाव के बाद मची भगदड़, जान बचाने के लिए खेतों की त... Bus Fire News: जैसलमेर से अहमदाबाद जा रही स्लीपर बस में लगी भीषण आग, एक यात्री झुलसा; खिड़कियों से क... कश्मीर में VIP सुरक्षा पर 'सर्जिकल स्ट्राइक'! फारूक अब्दुल्ला पर हमले के बाद हिला प्रशासन; अब बुलेटप... ईरान की 'हिट लिस्ट' में Google, Apple और Microsoft? अब टेक कंपनियों को तबाह करेगा तेहरान; पूरी दुनिय... दिल्ली में 'Zero' बिजली बिल वालों की शामत! खाली पड़े घरों की सब्सिडी छीनने की तैयारी; क्या आपका भी बं...

लठमार होली से लड्डूमार.. मथुरा में 40 दिन तक कैसे मनाते हैं रंगों का त्योहार

40

होली हिंदुओं का प्रमुख त्योहार माना जाता है. पूरे भारत में यह पर्व धूमधाम के साथ मनाया जाता है, लेकिन कान्हा की नगरी मथुरा में इसका अलग ही उमंग देखने को मिलती है. भगवान श्री कृष्ण की नगरी मथुरा में ये रंगोत्सव पूरे 40 दिनों तक चलता है, जिसकी शुरुआत वसंत ऋतु के प्रवेश यानी बसंत पंचमी के दिन से हो जाती है.

बसंत पंचमी के दिन से मथुरा में 40 दिन का होली उत्सव शुरू हो गया है. वृंदावन के बांके बिहारी के पुजारियों ने पहले भगवान के गालों पर गुलाल लगाया और फिर प्रसाद के रूप में इस गुलाल को भक्तों पर डालकर बृज की होली का शुभारंभ किया. वृंदावन में हर साल इस होली में शामिल होने के लिए मंदिर में भक्तों की सैलाब उमड़ता है.

यह है वृंदावन की होली का शेड्यूल

यह गुलाल उत्सव पूरे 40 दिनों तक चलता है और रंगनाथ मंदिर की होली से इसका समापन होता है. 17 मार्च को फाग आमंत्रण नंदगांव और बरसाना में लड्डू होली खेली जाएगी. वहीं, 18 मार्च को बरसाना में लठमार होली होगी और 19 मार्च को नंदगांव में लठमार होली खेली जाएगी. 20 मार्च को रंगभरनी एकादशी पर श्रीकृष्ण जन्मस्थान, द्वारिकाधीश और वृंदावन में बांके बिहारी मंदिर में होली के रंग दिखेंगे. 24 मार्च को होलिका दहन होगा, 27 मार्च को दाऊजी का हुरंगा, 2 अप्रैल को वृंदावन के रंगजी मंदिर में होली उत्सव का आयोजन होगा.

अनूठी है ब्रज की होली

इस 40 दिन के उत्सव के दौरान दूर दराज से अपने आराध्य के दर्शनों के लिए श्रद्धालु आते हैं. अपनी अनूठी परंपराओं को लेकर देश और दुनिया में विशेष पहचान रखने वाली ब्रज की होली में होली गीत, पद-गायन की प्राचीन पंरपरा है, जिसे समाज गायन भी कहा जाता है. ब्रज की अनोखी होली सात समंदर पार से विदेशी श्रद्धालु और पर्यटकों को भी आकर्षित करती है. इस पर्व पर ब्रज में आने के लिए विदेशी भी सालभर इंतजार करते हैं. बसंत पंचमी से शुरू हुई ब्रज की अनूठी होली के कार्यक्रमों को देखने और इसमें शामिल होने के लिए श्रद्धालुओं का ब्रज में आगमन शुरू हो रहा है.

रंग पंचमी के दिन होता है ब्रज में रंगोत्सव का समापन

परंपरा के अनुसार बसंत पंचमी के दिन बांके बिहारी मंदिर में सुबह की आरती के बाद सबसे पहले मंदिर के पुजारी भगवान बांके बिहारी को गुलाल का टीका लगाकर होली के इस पर्व का शुभारम्भ करते हैं और फिर मंदिर में श्रद्धालुओं पर भी जमकर गुलाल उड़ाया जाता है. इसके बाद रंग पंचमी वाले दिन इस रंगोत्सव का समापन हो जाता है.

ब्रज की लठमार और लड्डूमार होली

बसंत का आगमन होते ही ब्रज में स्थित बांके बिहारी के मंदिर को पीले फूलों से सजाया जाता है. फुलेरा दूज से मथुरा में होली की शुरुआत होती है और इस दिन ब्रज में श्रीकृष्ण के साथ फूलों के संग होली खेली जाती है. इसके अलावा यहां लड्डू मार और लट्ठमार होली का अलग ही उत्साह देखने को मिलता है. लट्ठमार होली के दिन लोग लट्ठ की मार खाकर भी खुद को धन्य मानते हैं.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.