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हल्द्वानी में हिंसा, बरेली तक पहुंची आंच… क्या है 700km दूर ज्ञानवापी से कनेक्शन?

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31 जनवरी को काशी के ज्ञानवापी पर फैसला आता है और हिंदू पक्ष को व्यास तहखाने में पूजा-पाठ की अनुमति मिल जाती है. रातों-रात तहखाने में पूजा-पाठ भी शुरू हो जाती है. ये बात एक धर्म विशेष को नागवार गुजरती है. धर्म विशेष के धार्मिक गुरुओं की तरफ से इसको लेकर जमकर बयानबाजी की जाती है. ज्ञानवापी फैसले के ठीक 8 दिन बाद काशी से करीब 700 किलोमीटर दूर उत्तराखंड के हल्द्वानी में पुलिस-प्रशासन एक मदरसे और नमाज स्थल पर बुलडोजर की कार्रवाई करता और यहीं पर धर्म विशेष का गुस्सा फूट पड़ता है.

लोग सड़कों पर उतर आते हैं. जमकर आगजनी और पत्थरबाजी होती है. थाने पर पेट्रोल बम से हमला किया जाता है, जिसमें पुलिस की कई गाड़ियां जलकर राख हो जाती हैं. रास्ते में खड़ी बस और बाइकों को आग के हवाले कर दिया जाता है. अराजकतत्व सड़कों पर जमकर उत्पात मचाते हैं, लेकिन हल्द्वानी पुलिस हालात को संभाल नहीं पाती है. यहां तक की पुलिस के जवानों को अपनी जान बचाने के लिए थाने में शरण लेनी पड़ती है. रातों-रात भारी संख्या में पुलिस, PAC और पैरामिलिट्री फोर्स की तैनाती की जाती है.

हल्द्वानी हिंसा में अब तक 5 लोगों की मौत

हल्द्वानी हिंसा में अब तक 5 लोगों की मौत हुई, जबकि 3 लोग जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रहे हैं. पूरे शहर में कर्फ्यू लगा दिया गया है. उपद्रवियों को देखते ही गोली मारने के आदेश दिए गए हैं. 100 पुलिसकर्मी सहित 139 लोग घायल हैं. सभी का अस्पताल में इलाज चल रहा है. 10 कंपनी पैरामिलिट्री और 6 कंपनी PAC फ्लैग मार्च कर रही है. खुद उत्तराखंड के ADG लॉ एंड ऑर्डर अंशुमान सिंह हल्द्वानी में कैंप कर रहे हैं. आज CM पुष्कर सिंह धामी ने भी हिंसा प्रभावित इलाकों में पहुंचकर हालात का जायजा लिया.

तौकीर रजा ने क्यों बंटवाए थे पर्चे?

हिंसा की ये आंच उत्तर प्रदेश के बरेली जिले तक भी पहुंची, लेकिन समय रहते पुलिस ने इसे काबू में कर लिया. दरअसल, धार्मिक गुरु मौलाना तौकीर रजा ने बीते दिनों पर्चे बंटवा कर 9 फरवरी को ‘जेल भरो आंदोलन’ का ऐलान किया था. पर्चों में लिखा गया था, “हमें ज्ञानवापी समेत अपनी मस्जिदों, मदरसों, मजारों और मुसलमानों को लिंचिंग से बचाना है.” तौकीर रजा के इस संदेश को पढ़ने के बाद शुक्रवार को नुमे की नमाज के बाद उनके समर्थक बरेली की आला हजरत मस्जिद पर इक्ट्ठा हो गए.

CM धामी को निशाने पर लिया

यहां मौलाना तौकीर रजा ने मस्जिद की छत से खूब जहर उगला और हल्द्वानी हिंसा पर भी बोला. तौकीर रजा ने अपने समर्थकों के बीच कहा कि अगर जुल्म, ज्यादती होता रहा तो मुल्क के हालत खराब हो सकते हैं. बहुत बड़ा ब्लास्ट हो सकता है. हुकूमत को हमारा साथ देना चाहिए. अगर वो दंगा चाहती है तो हम तैयार हैं. तौकीर रजा ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को भी निशाने पर लिया.

तौकीर रजा ने उगला जगह, आक्रोशित हो गए समर्थक

तौकीर रजा ने कहा कि अब छोटी मेढ़की भी उछलने लगा है. धामी के खिलाफ FIR होनी चाहिए. हल्द्वानी की घटना के लिए धामी जिम्मेदार है. खुद पुलिस-प्रशासन हिंदुत्व की राह पर चल पड़ा है. धामी अंधा हो गया है. उसे पता नहीं है कि वो जो करने जा रहा है, उसका क्या नतीजा हो सकता है? मैं अपने हिंदुस्तान को हल्द्वानी नहीं बनने दूंगा. तौकीर रजा जब मस्जिद पर चढ़कर अपने समर्थकों को संबोधित कर रहे थे, तब खूब नारेबाजी हो रही थी.

ज्ञानवापी भी ले लो, मथुरा भी ले लो- तौकीर रजा

मौलाना तौकीर रजा ने कहा कि हम पूरे देश में ‘जेल भरो आंदोलन’ चलाएंगे. इस दौरान तौकीर रजा ने एक और बड़ी बात कही. उन्होंने कहा कि आपको ज्ञानवापी लेना है ले लो, मथुरा लेना है ले लो, लेकिन सच तो ये है कि आपको किसी मंदिर में आस्था ही नहीं है, अगर मंदिर में आपकी आस्था है तो कैलाश मानसरोवर आजाद करवाओ?

बरेली में कैसे हो गया बवाल?

मस्जिद की छत से उतरने के बाद तौकीर रजा समर्थकों संग गिरफ्तारी देने के लिए इस्लामियां ग्राउंड की तरफ चल पड़े, लेकिन रास्ते में पुलिस ने उन्हें समझा-बुझाकर वापस भेज दिया. वापस लौटते समय उनके समर्थकों की कुछ अराजकतत्वों से झड़प हो गई. वाद-विवाद इतना बढ़ गया कि समर्थकों ने एक दुकान पर पथराव कर दिया. ये पथराव बारादरी थाना क्षेत्र श्यामतगंज बाजार में हुआ, जिसमें तीन लोग घायल हो गए. इसका वीडियो भी वायरल हो रहा है.

बरेली में दुकानों में तोड़फोड़, गाड़ियों पर पथराव

जानकारी के मुताबिक, उपद्रवियों ने रास्ते में खड़ी बाइक और स्कूटी में तोड़फोड़ की. फूल की कुछ दुकानों को भी तोड़ डाला. रास्ते में दुकान के फूल पड़े थे. हालात तनावपूर्ण होने के चलते पुलिस और पैरामेट्रिक फोर्स की तैनाती की गई है. पुलिस टीम फ्लैग मार्च कर रही है. वहीं तोड़फोड़ को लेकर हिंदू संगठन के लोगों ने विरोध जताया और उपद्रवियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की.

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