Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Kedarnath Route Landslide: चिरबासा के पास फंसे 1,500 तीर्थयात्रियों को SDRF और NDRF की टीमों ने सुरक... Muzaffarpur News: मनियारी थाना क्षेत्र में दलित नाबालिग छात्रा से छेड़छाड़, वार्ड सदस्य पर जबरन झाड़... MP Nagar Bhopal Incident: स्ट्रीट लाइट के खुले तार की चपेट में आए दिव्यऋषि तिवारी, ट्रैफिक पुलिस ने ... Manendragarh News: मनेंद्रगढ़ में 44 लाख की लागत से बन रही नाली बनी जी का जंजाल, दो महीने से अधूरा प... Sukhdev Bhagat Raipur Visit: बीजेपी सरकार के वादों और कार्यशैली पर कांग्रेस का कड़ा प्रहार, 2028 चुन... Dhamtari News: रुद्री रोड स्थित लॉज के कमरे में मिली कवर्धा की युवती की संदिग्ध लाश, बॉयफ्रेंड के मै... Jharkhand Politics: जमशेदपुर पुलिस की कार्रवाई पर भड़कीं सीता सोरेन और कांग्रेस नेता अजय कुमार, अमान... Lower Bazar Police Station Ranchi: एचबी रोड पर चेन स्नैचिंग की घटना से सुरक्षा पर उठे सवाल, आरोपियों... Dhanbad News: धनबाद में जापानी इंसेफ्लाइटिस (JE) से बच्चे की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, रांची... Prashant Kishor Delhi Visit: दिल्ली में जनसुराज के समर्थकों से मिले प्रशांत किशोर, राष्ट्रीय राजधानी...

MP में कैबिनेट का बड़ा फैसला, स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा विभाग का होगा विलय, जानिए क्या होगा फायदा..

39

भोपाल। मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक में एक बड़ा फैसला लिया गया है। कैबिनेट बैठक में बड़ा फैसला लेते हुए लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग और चिकित्सा शिक्षा विभाग का विलय करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है। चिकित्सा शिक्षा विभाग और लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग का विलय कर लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के रूप में पुनर्गठित किया जाएगा।

आपको बता दें कि अब प्रदेश के लोगों को इन दो विभागों के अलग-अलग चक्कर नहीं लगाने होंगे। संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने दोनों विभागों के विलय के संबंध में जानकारी दी है। कैलाश विजयवर्गीय ने बताया है कि इन दोनों विभागों को एक करने की अनुशंसा की जा चुकी थी। इस पर कैबिनेट में चर्चा होनी थी और चर्चा के बाद प्रस्ताव को पास कर दिया गया।

कैलाश विजयवर्गीय ने बताया कि इस विलय के साथ विभागों के कार्य करने की क्षमता भी बढ़ेगी। इस में मेडिकल कॉलेज जिला अस्पताल के बीच अब तक जो समन्वय की स्थिति नहीं रहती थी अब वह हो सकेगी जिस से निश्चित तौर पर प्रदेश की जनता को इसका लाभ मिल सकेगा।

मध्य प्रदेश सरकार के इस फैसले से मेडिकल कॉलेज रूटीन चिकित्सा सेवाएं देने के साथ-साथ अब क्रिटिकल कंडीशन वाले मरीज जटिल ऑपरेशन और मेडिकल एजुकेशन का काम कर सकेंगे, शिशु मृत्यु दर ,मातृ मृत्यु दर की प्रभावी निगरानी भी हो सकेगी।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.