Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड ने जारी किया 10वीं-12वीं परीक्षा 2027 का शेड्यूल: जानें फॉर्म भरने और फीस ज... Sonari Police Station Case: पूनम अरोड़ा, सन्नी और सक्षम अरोड़ा के खिलाफ प्राथमिकी, व्हाट्सएप चैट और ... Singrauli Collector Initiative: एलन और आदित्य बिड़ला ग्रुप के सहयोग से छात्रों को मिलेगी सौगात, दूरद... Rahul Gandhi vs ECI: वोट चोरी के मुद्दे पर चुनाव आयोग जाने से रोके गए राहुल गांधी, पुलिस ने कई नेताओ... Prayagraj Poster Politics: दलित-पिछड़ा साथ चलेगा और फिर बनेगी योगी-मोदी की सरकार, चुनाव से पहले शहर ... Moradabad Police Action: आरोपी अरबाज खान गिरफ्तार और जेल भेजा गया, युवती को गांव के बाहर छोड़कर हुआ ... Allahabad HC Verdict: मां के साथ नहीं रहना चाहती थी बेटी, कोर्ट ने बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका को किया... Ruchi Vira on Yogi Adityanath: अखिलेश यादव के विकास कार्यों पर मांगे जाएंगे वोट, ओवैसी और संजय निषाद... Vikram Patna Crime Update: आपसी नोकझोंक के बाद सनसनीखेज वारदात, एफएसएल टीम ने घटनास्थल से जुटाए साक्... Rajasthan Crime Update: पाली में ट्रांसपोर्ट नगर के पास ढाबे पर खूनी संघर्ष, कर्मचारियों से मारपीट क...

पैरों की मसाज के लिए किया मजबूर, साथ ही की छात्रा से पिटाई, सरकारी हॉस्टल का है यह हाल

42

महाराष्ट्र के ठाणे जिले में सरकारी कन्या हॉस्टल (आश्रय स्थल) में रहने वाली एक लड़की से मारपीट करने और अन्य लड़कियों के साथ दुर्व्यवहार करने के आरोप में दो महिला कर्मियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। एक अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी। पुलिस ने जिला महिला एवं बाल कल्याण विभाग के अधिकारियों को प्राप्त एक वीडियो के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की।

पुलिस अधिकारी ने प्राथमिकी के हवाले से बताया कि शिकायत के अनुसार, उल्हासनगर स्थित हॉस्टल में रहने वाली 16 वर्षीय लड़की पर एक महिला कर्मी ने हमला किया जबकि उसकी सहकर्मी ने एक अन्य लड़की को उसके पैरों की मालिश करने के लिए मजबूर किया। उन्होंने बताया कि लड़कियों ने आरोप लगाया कि महिला कर्मियों ने उनकी बात नहीं मानने पर लड़कियों को भिवंडी सुधार गृह भेजने की धमकी दी।

अधिकारी ने बताया कि मामले में अब तक किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया है और जांच जारी है। ठाणे पुलिस ने इस संबंध में 12 जनवरी को भारतीय दंड संहिता की धारा 323 (स्वेच्छा से चोट पहुंचाने के लिए सजा) और 506 (आपराधिक जांच के लिए सजा) और किशोर न्याय (बच्चों की देखभाल और संरक्षण) अधिनियम 2015 के तहत मामला दर्ज किया था।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.