Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Muslim Personal Law: शरिया कानून के नियमों पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार को नो... Bihar Mukhyamantri Mahila Rozgar Yojana: अब किश्तों में मिलेंगे 2 लाख रुपये, जानें क्या हैं नई शर्ते... Gurugram News: गुरुग्राम जा रही बैंककर्मी महिला की संदिग्ध मौत, 5 महीने पहले हुई थी शादी; पति ने पुल... Bajrang Punia News: बजरंग पूनिया ने हरियाणा सरकार को घेरा, बोले- घोषणा के बाद भी नहीं बना स्टेडियम Sohna-Tawru Rally: विकसित सोहना-तावडू महारैली में धर्मेंद्र तंवर ने किया मुख्यमंत्री का भव्य स्वागत Haryana Crime: महिला बैंककर्मी की हत्या का खुलासा, पति ही निकला कातिल, शक के चलते दी दर्दनाक मौत Faridabad News: फरीदाबाद में DTP का भारी एक्शन, अवैध बैंक्विट हॉल और गेम जोन पर चला 'पीला पंजा' Faridabad News: फरीदाबाद की केमिकल फैक्ट्री में भीषण ब्लास्ट, 48 से ज्यादा लोग झुलसे लुधियाना में एसिड Attack, महिला पर युवक ने फैंका तेजाब, चीखों से गूंजा इलाका! Punjab Drug Menace: सरेआम चिट्टे का खेल! इंजेक्शन लगाते युवकों का वीडियो वायरल, दावों की खुली पोल

दिल्ली में विश्वास न्यूज ने दिया फैक्ट चैकिंग और संदिग्ध सूचनाओं को पहचाने का प्रशिक्षण

37

नई दिल्ली। दिल्ली के मयूर विहार फेज-3 स्थित विद्या बाल भवन स्कूल में वरिष्ठ नागरिकों के लिए जागरण न्यू मीडिया की फैक्ट चेकिंग विंग विश्वास न्यूज ने सेमिनार का आयोजन किया। इसमें एक्सपर्ट ने बताया कि किस तरह से डीपफेक और एआई निर्मित फोटोज और वीडियोज की पहचान करें। साथ ही प्रशिक्षण दिया कि फैक्ट चेकिंग टूल्स से कैसे संदिग्ध सूचनाओं की जांच की जा सकती है।

मीडिया साक्षरता अभियान के तहत कार्यशाला

इस कार्यशाला में सीनियर एडिटर व फैक्ट चेकर उर्वशी कपूर ने सच, राय और झूठ में अंतर करना बताया। उन्होंने बताया कि किसी तरह से किसी सूचना का सोर्स चेक करना चाहिए। यूआरएल पर क्लिक करने से पहले ध्यान से देखें। उर्वशी ने बताया कि अक्सर फिशिंग लिंक्स के शब्दों में गलतियां होती हैं, जिन्हें आसानी से पकड़ा जा सकता है।

डिजिटल सेफ्टी की जानकारी दी गई

उन्होंने बताया कि यदि कंपनी स्कीम निकालती है, तो अपनी ऑफिशियल वेबसाइट और सोशल मीडिया हैंडल्स पर जानकारी देती है। कंपनी की वेबसाइट पर जानकारी न मिले तो वायरस मैसेज फर्जी होगा। उर्वशी कपूर ने कहा, मजबूत पासवर्ड के लिए कविता या गाने की लाइन का इस्तेमाल कर सकते हैं। एसोसिएट एडिटप आशीष महर्षि ने रश्मिका मंदाना और आलिया भट्ट के वायरल वीडियो का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि चेहरे के हाव भाव और आंखों के मूवमेंट से वीडियो को पहचाना जा सकता है। कार्यक्रम में दोनों एक्सपर्ट ने प्रतिभागियों के आशंकाओं का समाधान भी किया। साथ ही जागरूक मतदाता बनने के लिए प्रेरित किया गया।

इन राज्यों में हो चुके हैं आयोजन

उत्तर प्रदेश, बिहार, एमपी, छत्तीसगढ़, राजस्थान और तेलंगाना के लोगों के लिए सेमिनार और वेबिनार का आयोजन हो चुका है। गूगल न्यूज इनिशिएटिव (जीएनआई) की सहायता से संचालित हो रहे इस कार्यक्रम का अकादमिक भागीदार माइका (मुद्रा इंस्टीट्यूट ऑफ कम्युनिकेशंस, अहमदाबाद) है।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.