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गर्भ में शिशु की मौत के बाद फटी बच्चेदानी, अधिक मात्रा में रक्तस्त्राव के बाद भी डाक्टर्स ने ऐसे बचाई प्रसूता की जान

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बुरहानपुर। जिला अस्पताल के डाक्टरों ने मौत के मुहाने पर खड़ी एक प्रसूता की जान बचाने में सफलता पाई है। आपरेशन करने वाली टीम का नेतृत्व करने वाली डा. पूनम सिंघाल ने बताया कि शनिवार शाम प्रसव पीड़ा होने पर नया मोहल्ला निवासी समीना कौसर को उसके पति वसीम ने अस्पताल में भर्ती कराया था। जांच में पता चला कि गर्भ में ही शिशु की मृत्यु हो चुकी है। साथ ही बच्चेदानी फट चुकी थी। जिससे खून का रिसाव शुरू हो गया था। इस स्थिति में यदि उसे खंडवा रेफर किया जाता तो रास्ते में जान का खतरा हो सकता था। लिहाजा समीना के पति व परिवार के अन्य सदस्यों से सहमति लेकर आपरेशन की तैयारी की गई।

डाक्टरों ने आपरेशन शुरू किया तो पेट से करीब तीन लीटर खून निकला। करीब दो घंटे तक आपरेशन कर डाक्टरों ने महिला की जान बचा ली। सोमवार को सिविल सर्जन डा. प्रदीप मोजेस ने प्रसूता वार्ड पहुंच कर महिला का हालचाल जाना। उन्होंने बताया कि महिला एकदम स्वस्थ है और अगले तीन से चार दिन में उसे छुट्टी दे दी जाएगी।

खून की भी थी कमी

डाक्टरों ने बताया कि प्रसूता के शरीर में खून भी बेहद कम था। आपरेशन के समय बहुत कम खून बचा था। लिहाजा आपरेशन से पहले उसके लिए तीन यूनिट रक्त की भी व्यवस्था की गई थी। आपरेशन करने में थोड़ी देर और होती तो महिला की जान बचा पाना मुश्किल हो जाता। समीना के पति वसीम सहित स्वजन ने जिला अस्पताल के डाक्टरों को धन्यवाद दिया है। उन्होंने बताया कि उनकी स्थिति निजी अस्पताल में इलाज कराने की नहीं थी।

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