Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
बालाघाट में घर में घुसकर सो रही महिला को उठा ले गया बाघ: कान्हा बफर जोन में दिल नहला देने वाला हादसा... पन्ना में दर्दनाक हादसा: 9 माह की गर्भवती महिला और अजन्मे बच्चे की मौत, एनीमिया बनी वजह; पति पर लापर... इंदौर ने नम आंखों से दी वीर सपूत को अंतिम विदाई, मेजर हमजा आरिफ सैन्य सम्मान के साथ सुपुर्द-ए-खाक ग्वालियर में गुमशुदा तोते 'शकुंतला' के लिए 50 हजार का इनाम: ढोल-लाउडस्पीकर से तलाश में जुटा ओझा परिव... इंदौर में महज 7 दिन में टूटा शादी का बंधन, फैमिली कोर्ट ने तलाक की अर्जी को दी मंजूरी रतलाम में एग्रीमेंट वाली शादी का खौफनाक अंत: 3rd फ्लोर से रस्सी के सहारे भाग रही थी 23 साल की दुल्हन... छतरपुर में हॉस्टल की बड़ी लापरवाही! छत फांदकर एक साथ भागे 3 छात्र; मचा हड़कंप, परिजनों के उड़े होश गोरखपुर में दिल दहला देने वाली घटना, बहन से छेड़छाड़ का विरोध करने पर 9 वर्षीय मासूम की पीट-पीटकर हत... Vपप्पू यादव की प्रेस कॉन्फ्रेंस में हंगामा: चाकू लेकर पहुंचा युवक, समर्थकों ने दबोचा; सांसद बोले— 'म... Solar Eclipse 2027: 75 साल बाद सऊदी अरब में दिखेगा पूर्ण सूर्य ग्रहण, 21वीं सदी की सबसे बड़ी खगोलीय ...

राम मंदिर के गर्भगृह में भक्त करेंगे श्यामवर्णीय रामलला के दर्शन, ट्रस्टियों ने गुप्त मतदान कर चुना

33

नई दिल्ली। अयोध्या के राम मंदिर के मूल गर्भग्रह में रामलला की जो मूर्ति रखी जाएगी वह श्याम वर्ण की होगी। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्यों ने इस मूर्ति को चुनने के लिए गुप्त मतदान की प्रक्रिया की थी। मतदान की इस प्रक्रिया के परिणाम को अभी मीडिया के सामने नहीं रखा गया है, लेकिन सूत्रों की मानें तो रामलला की जिस मूर्ति को अधिकतम सदस्यों ने पसंद किया है, वह अरुण योगीराज ने कर्नाटक की श्याम शिला से बनाया है।

राम मंदिर के लिए रामलला की तीन मूर्तियों को बनाया गया था। इन मूर्तियों को अरुण योगीराज, गणेश भट्ट और सत्यनारायण पांडेय ने बनाया है। इन मूर्तियों की लंबाई 51-51 इंच रखी गई है। इन मूर्तियों को रखने वाला आधार आठ फीट ऊंचा होगा। पहले यह तय किया गया था कि इन मूर्तियों में कोई एक ही मूर्ति मंदिर में रखी जाएगी। दो बची मूर्तियों को किसी भक्त को दे दिया जाएगा, लेकिन अब यह तया किया है कि तीनों मूर्तियों को मंदिर में रखा जाएगा।

ट्रस्ट के अध्यक्ष के पास फैसला सुरक्षित

शुक्रवार को ट्रस्ट के सदस्यों ने तीनों मूर्तियों को देखा। उसके बाद यह तय हुआ कि इनमें से किसी एक मूर्ति को चुनने के लिए गुप्त मतदान किया जाए। उसके बाद गुप्त मतदान कर मूर्ति को चुन लिया गया। इस निर्णय को ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपालदास के पास सुरक्षित रख दिया है।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.