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भगवान राम को शयन कराने ओरछा से रोज अयोध्या ले जाते हैं हनुमान

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ओरछा। मध्य प्रदेश की ओरछा नगरी जहां भगवान राम राजा के रूप में विराजमान हैं। यहां राजा राम सरकार को पुलिस द्वारा सलामी दी जाती है। मान्यता है कि भगवान राम के दो निवास हैं, वे दिन में ओरछा में राजा राम की रूप में रहते हैं और फिर शयन के लिए अयोध्या जाते हैं।

भगवान की संध्या आरती के बाद ज्योति को मंदिर के पास ही स्थित पाताली हनुमान मंदिर पर ले जाया जाता है। इसी ज्योति को भगवान राम का रूप माना जाता है, यहां से हनुमान जी उन्हें शयन के लिए अयोध्या ले जाते हैं।

रसोई में विराजे हैं राजा राम

ओरछा में भगवान राम राजा सरकार महारानी कुंवरि गणेश की रसोई में विराजमान है। इसको लेकर कहा जाता है कि जब महारानी उन्हें अयोध्या से ओरछा ला रहीं थी तब भगवान ने उनसे शर्त रखी थी कि वे जहां रहेंगे वहां उन्हें राजा के रूप में पूजा जाएगा, इसके साथ ही जहां उन्हें बैठाया जाएगा वहां से फिर नहीं उठेंगे। महारानी पुष्य नक्षत्र में चलते हुए उन्हें अयोध्या से ओरछा ले आईं।

राजा मधुकर शाह ने भगवान राम के लिए चतुर्भुज मंदिर का निर्माण कराया था, लेकिन तब तक रानी ने उन्हें अपनी रसोई में विराजित किया। उसके बाद भगवान यहां से नहीं उठे। आज भी चतुर्भुज मंदिर सूना है।

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