Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Ganga-Yamuna Expressway Link: यमुना एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा गंगा एक्सप्रेसवे, 16 गांवों की 740 एकड़ ज... Bilaspur Crime News: बिलासपुर में सराफा कारोबारी से बड़ी उठाईगिरी, बाइक सवार तीन लुटेरों ने दिनदहाड़... Devi Ahilyabai Holkar Airport News: इंदौर एयरपोर्ट का होगा कायाकल्प: 1 करोड़ यात्री क्षमता के लिए अप... Railway News Update: होली पर कंफर्म टिकट की टेंशन खत्म! रेलवे ने चलाई फेस्टिवल स्पेशल ट्रेनें, आज से... Gwalior News Update: सवर्ण समाज का ग्वालियर में शक्ति प्रदर्शन: आरक्षण और UGC के मुद्दों पर लामबंद ह... Shocking Incident: 5 दिनों तक मां की लाश के साथ रहा परिवार, पुलिस ने दरवाजा तोड़ा तो मंजर देख रह गई ... भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा प्रोजेक्ट! 2600 करोड़ की सड़क बनने से पहले ही धंसी, ओवरब्रिज की दीवारों पर आ... त्योहारों पर 'मौत' का सामान! गंदगी में बन रहे थे 1600 किलो गुलाब जामुन, प्रशासन की छापेमारी से मिलाव... Gwalior Board Exam 2026: ग्वालियर में 150 छात्रों को दिए गए गलत पेपर, परीक्षा केंद्र पर 2 घंटे तक चल... MP Road Accident News: मध्य प्रदेश में भीषण सड़क हादसा: नेशनल हाईवे 719 पर बस और वैन की जोरदार भिड़ं...

मध्‍य प्रदेश में हुक्का बार पर प्रतिबंध, संचालन किया तो इतने वर्ष के कारावास की होगी सजा

19

भोपाल । मध्‍य प्रदेश में कोई भी हुक्का बार का संचालन नहीं करेगा। इस प्रविधान का यदि उल्लंघन किया जाता है तो तीन वर्ष तक का कारावास और एक लाख रुपये तक का अर्थदंड लगाया जाएगा। हुक्का बार की सामग्री या वस्तु जब्त करने का अधिकार पुलिस उप निरीक्षक स्तर के अधिकारी को होगा।

इसके लिए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पाद (विज्ञापन का प्रतिषेध और व्यापार तथा वाणिज्य, उत्पादन, प्रदाय और वितरण का विनियमन) संशोधन अधिनियम 2023 को अनुमति दे दी है। विधि एवं विधायी विभाग ने राजपत्र में अधिसूचित कर इसके प्रविधान लागू कर दिए हैं। नवदुनिया ने अवैध रूप से संचालित हो रहे हुक्का बार पर प्रतिबंध को लेकर अभियान चलाया था।

श‍िवराज सरकार में हुआ था यह

शिवराज सरकार ने प्रदेश में अवैध रूप से चलाए जा रहे हुक्का बार को प्रतिबंधित करने के लिए सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पाद (विज्ञापन का प्रतिषेध और व्यापार तथा वाणिज्य, उत्पादन, प्रदाय और वितरण का विनियमन) अधिनियम में संशोधन का विधेयक प्रस्तुत किया था। दरअसल, हुक्का बार नशा और आपराधिक गतिविधियों के केंद्र बन रहे थे लेकिन इन्हें बंद करने का कोई स्पष्ट प्रविधान नहीं था।

न्‍यायालय चले जाते थे संचालक

इसके कारण जब भी पुलिस कार्रवाई करती थी तो संचालक न्यायालय चले जाते थे और उन्हें स्थगन भी मिल जाता था। इसे देखते हुए गृह विभाग ने गुजरात, महाराष्ट्र, राजस्थान और छत्तीसगढ़ के प्रविधानों का अध्ययन कर अधिनियम में संशोधन किया है, जिसे राष्ट्रपति की अनुमति मिलने के बाद लागू कर दिया है।

अब किया गया यह प्रविधान

इसमें प्रविधान किया गया है कि ऐसा स्थान जहां लोग सामुदायिक हुक्का या नारगिल से तंबाकू या अन्य समरूप उत्पादों से धूम्रपान करने के लिए एकल या संयुक्त रूप से उपलब्ध कराया जाता है, पूरी तरह प्रतिबंधित रहेंगे। न तो कोई व्यक्ति हुक्का बार खोलेगा और न ही संचालित करेगा। इसका उल्लंघन करने पर तीन वर्ष तक का कारावास और एक लाख रुपये तक का अर्थदंड लगाया जाएगा। कारावास की सजा एक साल से कम और अर्थदंड 50 हजार रुपये से कम नहीं होगा। हुक्का बार की सामग्री या वस्तु जब्त करने का अधिकार पुलिस उप निरीक्षक स्तर के अधिकारी को होगा।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.