Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Iran-Israel War Impact: ईरान युद्ध के कारण बढ़ सकते हैं पानी और कोल्ड ड्रिंक की बोतलों के दाम; भारतीय... मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड का बड़ा फरमान: "मुसलमानों के लिए इस्लामी उत्तराधिकार कानून अनिवार्य"; संपत्ति... विकसित भारत 2047: हरियाणा बनेगा देश का 'ग्रोथ इंजन'! उद्योग और युवाओं के कौशल पर सरकार का बड़ा दांव;... दिल्ली-देहरादून हाईवे पर 'आपत्तिजनक नारा' लिखना पड़ा भारी! दो युवतियों समेत 3 गिरफ्तार; माहौल बिगाड़ने... सावधान! दिल्ली में 48 घंटे बाद बरसेगा पानी, यूपी-राजस्थान में 'तूफान' जैसी हवाओं का अलर्ट; IMD ने पह... आगरा में 'जहरीली गैस' का तांडव! कोल्ड स्टोरेज से रिसाव के बाद मची भगदड़, जान बचाने के लिए खेतों की त... Bus Fire News: जैसलमेर से अहमदाबाद जा रही स्लीपर बस में लगी भीषण आग, एक यात्री झुलसा; खिड़कियों से क... कश्मीर में VIP सुरक्षा पर 'सर्जिकल स्ट्राइक'! फारूक अब्दुल्ला पर हमले के बाद हिला प्रशासन; अब बुलेटप... ईरान की 'हिट लिस्ट' में Google, Apple और Microsoft? अब टेक कंपनियों को तबाह करेगा तेहरान; पूरी दुनिय... दिल्ली में 'Zero' बिजली बिल वालों की शामत! खाली पड़े घरों की सब्सिडी छीनने की तैयारी; क्या आपका भी बं...

कतर में 8 पूर्व नौसैनिकों की मौत की सजा पर रोक, मोदी सरकार की अपील पर मिली राहत

15

नई दिल्ली। कतर में गिरफ्तार आठ पूर्व नौसैनिकों की मौत की सजा पर रोक लगा दी गई है। पिछले साल गिरफ्तार हुए पूर्व नेवी अधिकारियों को कतर की एक कोर्ट ने मौत की सजा सुनाई थी। इस फैसले पर मोदी सरकार ने हैरानी जताई थी।

भारतीय विदेश मंत्रालय द्वारा जारी बयान में कहा गया कि दहरा ग्लोबल केस में अरेस्ट पूर्व नेवी अधिकारी को लेकर आज (गुरुवार) फैसले पर हमने गौर किया। जिसमें सजा कम कर दी गई हैं। कतर के कोर्ट ऑफ अपील के विस्तृत फैसले का इंतजार हैं। हमारा अगला कदम क्या होगा। इसके लिए हम कानूनी टीम और परिवार के सदस्यों के साथ संपर्क में बने हुए हैं।

जासूसी के आरोप में गिरफ्तार

भारतीय नौसेना के 8 पूर्व ऑफिसर पिछले साल अगस्त में कतर की जेल में बंद है। वह दोहा स्थित निजी रक्षा सेवा प्रदाता, दहरा ग्लोबल के कर्मचारी थे। उन्हें जासूसी के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।

22 अगस्त से जेल में बंद

इस मामले में 22 अगस्त को कमांडर पूर्णेंदु तिवारी, कमांडर सुगुनाकर पकाला, कमांडर अमित नागपाल, कमांडर संजीव गुप्ता, कैप्टन नवतेज सिंह गिल, कैप्टन बीरेंद्र कुमार वर्मा, कैप्टन सौरभ वशिष्ठ और नाविक रागेश गोपकुमार को अरेस्ट किया गया था। इस महीने की शुरुआत में विदेश मंत्रालय ने बताया था कि मामले में दो सुनवाई हो चुकी हैं। पहली सुनवाई 23 नवंबर और दूसरी 30 नवंबर को हुई थी।

इस मामले में पूर्व राजनयिक अनिल त्रिगुणायत ने कहा कि यह अच्छा है कि अदालत ने उनकी सजा कम कर दी है। मुझे पूरी उम्मीद है कि उन्हें रिहा कर दिया जाएगा। हमारे उत्कृष्ट द्विपक्षीय संबंधों को देखते हुए पूर्व नौसेना कर्मियों को स्वदेश लौटाया जाए।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.