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हथियार लाइसेंस का आवेदन भी जल्द आनलाइन,चुनाव ने बढ़ाया रिन्युअल का लोड

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ग्वालियर। हथियार लाइसेंस के लिए आवेदन भी जल्द अब आनलाइन होगा। भारत सरकार की नेशनल डाटाबेस आफ आर्म लाइसेंस साइट के जरिए ही पूरी प्रक्रिया होगी जिससे हर प्रगति को मानीटर किया जा सकेगा। वहीं आवेदक को चक्कर लगाने की जरूरत नहीं होगी,आनलाइन ही वह अपना स्टेटस देख सकेगा। आनलाइन आवेदन के साथ ही एक प्रति आफलाइन भी ली जाएगी जिससे रिकार्ड मेंटेन किया जा सके। ग्वालियर में जल्द इसको लेकर प्रक्रिया की जाएगी। वहीं यहां विधानसभा चुनाव के कारण इस बार हथियार लाइसेंस रिन्युअल का लोड इतना बढ़ गया है कि नए आवेदन लेना मुश्किल हो गया है। सात हजार रिन्युअल होने हैं जिसमें दो हजार आवेदन आ भी चुके हैं। जिन्होने चुनाव से पहले रिन्युअल के लिए आवेदन कर दिया था उन्हें कोई पेनाल्टी नहीं देना होगी। इसके अलावा छह हजार नए आवेदनों की फाइलें कलेक्ट्रेट व एसपी आफिस में पेंडिंग पड़ीं हैं जिनका निराकरण होना है।

बता दें कि ग्वालियर चंबल अंचल में हथियार का शौक किसी से छिपा नहीं है। यही कारण है कि यहां लाइसेंसी हथियारों की संख्या सबसे ज्यादा है। ग्वालियर जिले में ही 36 हजार लाइसेंस जारी हो चुके हैं,यह संख्या काफी ज्यादा है। इसके अलावा भिंड व मुरैना में हथियार लाइसेंसों की संख्या कम नहीं है। 12 महीनों नए लाइसेंस बनवाने के लिए कलेक्ट्रेट की आर्म शाखा में भीड़ रहती है,नौबत यह हो जाती है कि पोस्टर लगाकर सूचना लगानी पड़ती है।

रिन्युअल की भीड़ इसलिए,दो माह चुनाव में चले गए

ग्वालियर में हथियार लाइसेंस रिन्युअल के लिए लोग सबसे ज्यादा परेशान हो रहे हैं। विधानसभा चुनाव की घोषणा के साथ ही आचार संहिता लग गई और नवंबर-दिसंबर में हर साल रिन्युअल की प्रक्रिया होती है तो इस बार आचार संहिता में दो माह का समय चला गया। दो माह का समय आचार संहिता में जाने के कारण रिन्युअल का काम ठप हो गया और चुनाव में स्टाफ लगा दिया गया। अब चुनाव खत्म होने के बाद रिन्युअल का लोड बढ़ गया और दो से तीन हजार आवेदन तो रिन्युअल के आ गए हैं जिनका काम जारी है। इसके अलावा इतने ही आवेदन अभी और हैं।

नए आवेदनों की हो रही जांच

विधानसभा चुनाव से पहले नए आवेदनों की भीड़ लगी थी जो अभी भी लंबित है। छह हजार के करीब आवेदन हैं जो अलग अलग स्तर पर पेंडिंग हैं। कोई आवेदन एसपी स्तर पर है तो कोई एसडीएम स्तर पर है। इसके साथ ही ऐसे आवेदनों का ढेर है जिनकी पुलिस रिपोर्ट को छह माह से ज्यादा का समय हो चुका है। इन आवेदनों को दोबारा पुलिस रिपोर्ट के लिए भेजा जा रहा है।

गृह विभाग का नया आदेश भी होगा पालन

गृह विभाग का नया आदेश भी आ चुका है जिसमें लिखा है कि जो आवेदन गृह विभाग से आदेश होकर जारी हो चुके हैं अगर उनमें छह माह से ज्यादा का समय हो गया है तो पुलिस रिपोर्ट दोबारा ली जाएगी। इसके अलावा ऐसे आवेदन जिलों से न भेजे जाएं जिनकी पुलिस रिपोर्ट पुरानी हो चुकी है।

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