Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Iran-Israel War Impact: ईरान युद्ध के कारण बढ़ सकते हैं पानी और कोल्ड ड्रिंक की बोतलों के दाम; भारतीय... मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड का बड़ा फरमान: "मुसलमानों के लिए इस्लामी उत्तराधिकार कानून अनिवार्य"; संपत्ति... विकसित भारत 2047: हरियाणा बनेगा देश का 'ग्रोथ इंजन'! उद्योग और युवाओं के कौशल पर सरकार का बड़ा दांव;... दिल्ली-देहरादून हाईवे पर 'आपत्तिजनक नारा' लिखना पड़ा भारी! दो युवतियों समेत 3 गिरफ्तार; माहौल बिगाड़ने... सावधान! दिल्ली में 48 घंटे बाद बरसेगा पानी, यूपी-राजस्थान में 'तूफान' जैसी हवाओं का अलर्ट; IMD ने पह... आगरा में 'जहरीली गैस' का तांडव! कोल्ड स्टोरेज से रिसाव के बाद मची भगदड़, जान बचाने के लिए खेतों की त... Bus Fire News: जैसलमेर से अहमदाबाद जा रही स्लीपर बस में लगी भीषण आग, एक यात्री झुलसा; खिड़कियों से क... कश्मीर में VIP सुरक्षा पर 'सर्जिकल स्ट्राइक'! फारूक अब्दुल्ला पर हमले के बाद हिला प्रशासन; अब बुलेटप... ईरान की 'हिट लिस्ट' में Google, Apple और Microsoft? अब टेक कंपनियों को तबाह करेगा तेहरान; पूरी दुनिय... दिल्ली में 'Zero' बिजली बिल वालों की शामत! खाली पड़े घरों की सब्सिडी छीनने की तैयारी; क्या आपका भी बं...

धन, ऐश्वर्य के साथ बुद्धि की होगी प्राप्ति, बुधवार को करें श्री गणेश कवच का पाठ

32

अग्रे किं कर्म कर्तेति न जाने मुनिसत्तम ।।1।।

दैत्या नानाविधा दुष्टा: साधुदेवद्रुह: खला: ।

अतोऽस्य कण्ठे किंचित्त्वं रक्षार्थं बद्धुमर्हसि ।।2।।

मुनिरुवाच

ध्यायेत्सिंहगतं विनायकममुं दिग्बाहुमाद्यं युगे त्रेतायां तु मयूरवाहनममुं षड्बाहुकं सिद्धिदम् ।

द्वापरे तु गजाननं युगभुजं रक्तांगरागं विभुं तुर्ये तु द्विभुजं सितांगरूचिरं सर्वार्थदं सर्वदा ।।3।।

विनायक: शिखां पातु परमात्मा परात्पर: ।

अतिसुंदरकायस्तु मस्तकं सुमहोत्कट: ।।4।।

ललाटं कश्यप: पातु भ्रूयुगं तु महोदर: ।

नयने भालचन्द्रस्तु गजास्यस्तवोष्ठपल्लवौ ।।5।।

जिह्वां पातु गणाक्रीडश्रिचबुकं गिरिजासुत: ।

पादं विनायक: पातु दन्तान् रक्षतु दुर्मुख: ।।6।।

श्रवणौ पाशपाणिस्तु नासिकां चिंतितार्थद: ।

गणेशस्तु मुखं कंठं पातु देवो गणञज्य: ।।7।।

स्कंधौ पातु गजस्कन्ध: स्तनौ विघ्नविनाशन: ।

ह्रदयं गणनाथस्तु हेरंबो जठरं महान् ।।8।।

धराधर: पातु पाश्र्वौ पृष्ठं विघ्नहर: शुभ: ।

लिंगं गुज्झं सदा पातु वक्रतुन्ड़ो महाबल: ।।9।।

गणाक्रीडो जानुजंघे ऊरू मंगलमूर्तिमान् ।

एकदंतो महाबुद्धि: पादौ गुल्फौ सदाऽवतु ।।10।।

क्षिप्रप्रसादनो बाहू पाणी आशाप्रपूरक: ।

अंगुलीश्च नखान्पातु पद्महस्तोऽरिनाशन ।।11।।

सर्वांगनि मयूरेशो विश्र्वव्यापी सदाऽवतु ।

अनुक्तमपि यत्स्थानं धूम्रकेतु: सदाऽवतु ।।12।।

आमोदस्त्वग्रत: पातु प्रमोद: पृष्ठतोऽवतु ।

प्राच्यां रक्षतु बुद्धीश आग्नेय्यां सिद्धिदायक: ।।13।।

दक्षिणस्यामुमापुत्रो नैर्ऋत्यां तु गणेश्वर: ।

प्रतीच्यां विघ्नहर्ताऽव्याद्वायव्यां गजगर्णक: ।।14।।

कौबेर्यां निधिप: पायादीशान्यामीशनन्दन: ।

दिवोऽव्यादेलनन्दस्तु रात्रौ संध्यासु विघ्नह्रत् ।।15।।

राक्षसासुरवेतालग्रहभूतपिशाचत: पाशांकुशधर: पातु रज:सत्त्वतम:स्मृति: ।।16।।

ज्ञानं धर्मं च लक्ष्मीं च लज्जां कीर्तिं तथा कुलम् ।

वपुर्धनं च धान्यश्र्च ग्रहदारान्सुतान्सखीन् ।।17।।

सर्वायुधधर: पौत्रान्मयूरेशोऽवतात्सदा ।

कपिलोऽजाबिकं पातु गजाश्रवान्विकटोऽवतु ।।18।।

भूर्जपत्रे लिखित्वेदं य: कण्ठेधारयेत्सुधी: ।

न भयं जायते तस्य यक्षरक्ष:पिशाचत: ।।19।।

त्रिसंध्यं जपते यस्तु वज्रसारतनुर्भवेत् ।

यात्राकाले पठेद्यस्तु निर्विघ्नेन फलं लभेत् ।।20।।

युद्धकाले पठेद्यस्तु विजयं चाप्नुयाद्ध्रुवम् ।

मारणोच्चटनाकर्षस्तंभमोहनकर्मणि ।।21।।

सप्तवारं जपेदेतद्दिननामेकविशतिम ।

तत्तत्फलमवाप्नोति साधको नात्र संशय: ।।22।।

एकविंशतिवारं च पठेत्तावद्दिनानि य: ।

काराग्रहगतं सद्यो राज्ञा वध्यं च मोचयेत् ।।23।।

राजदर्शनवेलायां पठेदेतत्तत्त्रिवारत: ।

स राजानं वशं नीत्वा प्रक्रतीश्र्च सभां जयेत् ।।24।।

इदं गणेशकवचं कश्यपेन समीरितम् ।

मुद्गलाय च तेनाथ मांडव्याय महर्षये ।।25।।

मज्झं स प्राह कृपया कवचं सर्वसिद्धिदम् ।

न देयं भक्तिहीनाय देयं श्रद्धावते शुभम् ।।26।।

अनेनास्य कृता रक्षा न बाधाऽस्य भवेत्कचित् ।

राक्षसासुरवेतालदैत्यदानवसंभवा ।।27।।

डिसक्लेमर

‘इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।’

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.