Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
हैदराबाद से पैदल चलने के तनाव में बेकाबू हुआ था हाथी! इंदौर पुलिस की कार्रवाई, महावत गिरफ्तार ग्वालियर में MITS की बीटेक छात्रा ने हॉस्टल में लगाई फांसी, सहेली को वाट्सऐप पर भेजा "बाय" और लिखा म... मंडला में इंसानियत की दर्दनाक मिसाल: पालतू मुर्गे को बचाने 30 फीट गहरे कुएं में उतरे बुजुर्ग, डूबने ... प्रथम विश्व युद्ध में ब्रिटिश हुकूमत को दिया था ₹35 हजार का कर्ज! सीहोर के परिवार को ब्रिटेन सरकार न... इंदौर पुलिस में हड़कंप: फर्जी गवाह और विवेचना में लापरवाही पर पूर्व थाना प्रभारी दिनेश वर्मा का डिमो... मध्य प्रदेश: श्रीकृष्ण की 64 कलाओं और 14 विद्याओं से निखरेगी Gen Z प्रतिभा, ₹1 लाख छात्रवृत्ति पर छि... इंदौर में कलयुगी बेटी की करतूत: मां के खाते से उड़ाए मृत पिता के ₹80 लाख, कोर्ट के आदेश पर बेटी-दामा... वेस्टइंडीज का 26 साल पुराना सपना टूटा! Port of Spain टेस्ट में पाकिस्तान की धमाकेदार जीत, बाबर-शफीक ... राजपाल यादव की बढ़ीं मुश्किलें: शाहजहांपुर की दो संपत्तियां होंगी नीलाम, सेंट्रल बैंक का ₹16.61 करोड... पाकिस्तान में नेताओं के झूठे हलफनामे पर कसेगा शिकंजा: चुनाव आयोग बदलने जा रहा है 2017 के कड़े नियम

कानपुर से भागकर आए दो बालकों को बाल गृह भेजा

27

ग्वालियर । रेल सुरक्षा बल (आरपीएफ) के जवानों ने घरवालों को बिता बनाए कानपुर से भागकर आए दो बालकों को दीनदयाल नगर स्थित बाल गृह के सुपुर्द किया। इनमें से एक बालक स्टेशन के प्लेटफार्म क्रमांक दो पर घूमता हुआ पाया गया था, तो दूसरा बालक शान-ए-भोपाल एक्सप्रेस के स्लीपर कोच में परेशान हालत में मिला था।

घर से भाग कर आए थे नाबालिग

आरपीएफ से मिली जानकारी के मुताबिक शुक्रवार-शनिवार की दरमियानी रात 3:50 बजे झांसी स्थित कंट्रोल रूम से सूचना प्राप्त हुई कि भोपाल से हजरत निजामुद्दीन जा रही भोपाल एक्सप्रेस के कोच एस-1 में बर्थ नंबर 63 पर घर से भागकर आया एक नाबालिग सफर कर रहा है। ट्रेन को ग्वालियर में अटैंड कर बच्चे को उतारा गया। बातचीत में उसने अपने पिता का नाम जितेंद्र गौतम निवासी कानपुर स्टेशन के पास बताया। उसने बताया कि वह घरवालों को बिना बताए अपने दोस्तों के साथ भोपाल घूमने गया था। भोपाल में उसके दोस्त उसे छोड़कर चले गए। वह कानपुर जाने की ट्रेन में बैठना चाहता था, लेकिन गलती से भोपाल एक्सप्रेस में सवार हो गया। इसके बाद आरपीएफ के जवानों ने महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों को फोन लगाकर मामले से अवगत कराया और बालक को दीनदयाल नगर स्थित बाल गृह भेज दिया। दूसरी तरफ स्टेशन के प्लेटफार्म क्रमांक दो पर शनिवार शाम साढ़े पांच बजे के आसपास एक 11 वर्षीय बालक घूमता हुआ मिला। पूछताछ करने पर उसने बताया कि उसके माता-पिता कानपुर में मजदूरी करते हैं। वह अपने घर पर बिना बताए काम की तलाश में मुंबई जाना चाहता है। इसके बाद इस बालक को भी बाल गृह भेज दिया गया है। अब इन बालकों के परिवारों से संपर्क करने का प्रयास किया जा रहा है।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.