Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Iran-Israel War Impact: ईरान युद्ध के कारण बढ़ सकते हैं पानी और कोल्ड ड्रिंक की बोतलों के दाम; भारतीय... मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड का बड़ा फरमान: "मुसलमानों के लिए इस्लामी उत्तराधिकार कानून अनिवार्य"; संपत्ति... विकसित भारत 2047: हरियाणा बनेगा देश का 'ग्रोथ इंजन'! उद्योग और युवाओं के कौशल पर सरकार का बड़ा दांव;... दिल्ली-देहरादून हाईवे पर 'आपत्तिजनक नारा' लिखना पड़ा भारी! दो युवतियों समेत 3 गिरफ्तार; माहौल बिगाड़ने... सावधान! दिल्ली में 48 घंटे बाद बरसेगा पानी, यूपी-राजस्थान में 'तूफान' जैसी हवाओं का अलर्ट; IMD ने पह... आगरा में 'जहरीली गैस' का तांडव! कोल्ड स्टोरेज से रिसाव के बाद मची भगदड़, जान बचाने के लिए खेतों की त... Bus Fire News: जैसलमेर से अहमदाबाद जा रही स्लीपर बस में लगी भीषण आग, एक यात्री झुलसा; खिड़कियों से क... कश्मीर में VIP सुरक्षा पर 'सर्जिकल स्ट्राइक'! फारूक अब्दुल्ला पर हमले के बाद हिला प्रशासन; अब बुलेटप... ईरान की 'हिट लिस्ट' में Google, Apple और Microsoft? अब टेक कंपनियों को तबाह करेगा तेहरान; पूरी दुनिय... दिल्ली में 'Zero' बिजली बिल वालों की शामत! खाली पड़े घरों की सब्सिडी छीनने की तैयारी; क्या आपका भी बं...

Makar Sankranti 2024: राष्ट्र की सुख-समृद्धि के लिए शुभ है इस बार की मकर संक्रांति

38

उज्जैन। पंचांगीय गणना के अनुसार इस बार 14 जनवरी की मध्य रात्रि 3 बजे सूर्य का मकर राशि में प्रवेश होगा। इस दृष्टि से मकर संक्रांति का पर्व काल 15 जनवरी को मनाया जाएगा। धर्मशास्त्र में मकर संक्रांति की स्थिति की गणना करें तो इस बार की मकर संक्रांति राष्ट्र की सुख समृद्धि के लिए शुभ है।

विश्व में भारतीय विचारधारा का प्रभाव बढ़ेगा। युवाओं में आध्यात्मिक दृष्टिकोण नजर आएगा। सनातन धर्म के प्रभाव को पुष्ट करने में भी यह विशेष लाभकारी रहेगी। ज्योतिषाचार्य पं.अमर डब्बावाला के अनुसार भारतीय ज्योतिष शास्त्र में 27 योगों का उल्लेख दिया गया है, इनमें से वारियान योग विशेष महत्वपूर्ण है।

इस योग में मकर संक्रांति का पुण्यकाल इसलिए भी विशेष माना जाता है क्योंकि संक्रांति का पर्व दक्षिणायन से उत्तरायण की ओर होता है। अर्थात धनु राशि को छोड़कर सूर्य का मकर राशि में प्रवेश है। इस बार वारियान योग की साक्षी में सूर्य का मकर राशि में प्रवेश होगा। इसका विशेष लाभ राष्ट्र को प्राप्त होगा। आर्थिक प्रगति के द्वार खुलेंगे। क्योंकि वरियान योग का अधिपति कुबेर है, इस दृष्टिकोण से धान्य संपदा, पशु संपदा और परिश्रम का विशिष्ट लाभ दिखाई देगा।

संक्रांति के समय वार का नाम घोरा रहेगा

इसका यह अर्थ है की संक्रांति के 30 दिन पर्यंत विशेष परिश्रम के माध्यम से शासन में परिवर्तन दिखाई देंगे। कई प्रकार की योजनाएं धरातल पर आने की संभावना है, जो अलग-अलग प्रकार के क्षेत्र में दिखाई देगी। जिसका लाभ जनता को प्राप्त होगा।

बैठी हुई अवस्था में आएगी संक्रांति

संक्रांति की अलग-अलग प्रकार की अवस्थाएं होती हैं। संक्रांति यदि खड़ी होती तो उसका फल अलग होता है। बैठी हुई होती है तो उसका फल अलग होता है। इस बार संक्रांति की जो अवस्था है वह बैठी हुई अवस्था है। इसका फल राष्ट्र में संतुलन तथा प्रशासन व राजनेताओं में सामंजस्य की स्थिति पैदा करेगा।

वाहन अश्व व उपवाहन सिंह

इस बार संक्रांति का वाहन अश्व उपवाहन सिंह रहेगा। वाहन अश्व होने से गति बढ़ेगी तथा उपवाहन सिंह होने से विशेष प्रभाव दिखेगा। इन दोनों वाहन स्थिति की गणना करें, तो संपूर्ण विश्व में भारतीय राष्ट्रीय विचारधारा का प्रभाव दिखाई देगा। नई जनरेशन के मध्य आध्यात्मिक दृष्टिकोण दिखाई देंगे। यह एक अच्छी स्थिति है, जिसका लाभ आने वाले समय में दिखाई देगा।

दक्षिण दिशा की ओर गमन

यह स्थिति एक विशिष्ट स्थिति के योग दर्शाती है कि भारत का अल्प विकसित राष्ट्रों के मध्य दबदबा बढ़ेगा। वहीं विकसित राष्ट्रों से समान स्थिति पर वार्तालाप के साथ में सफलता की प्राप्ति का भी योग बनेगा।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.