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Accident on Hhighway: 11 माह में हाइवे पर 157 मौत, कोहरे में हर साल बढ़ते हैं हादसे, आवारा मवेशी यहां भी बने जानलेवा

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ग्वालियर। सर्दी केे मौसम में अब कोहरे की शुरुआत हो गई है। शहर के आउटर प्वाइंट से लेकर हाइवे तक कोहरे की शुरुआत हो चुकी है। अब धीरे-धीरे कोहरा बढ़ेगा, ऐसे में दृश्यता कम होगी और इसी समय सड़क हादसे तेजी से बढ़ेंगे। हर साल हाइवे पर हादसे और इनमें मरने वालों की संख्या इस समय बढ़ती है, लेकिन जिम्मेदारों ने अब तक इसे लेकर कोई प्लानिंग ही नहीं की है। जिस तरह शहर के अंदर आवारा मवेशी मुसीबत बने हुए हैं, उसी तरह शहर के आउटर से लेकर हाइवे तक पर आवारा मवेशी ही जानलेवा बन रहे हैं। कोहरे में भी यही फिर हादसे की वजह बनेंगे। जनवरी से लेकर नवंबर माह तक 11 माह में आउटर और हाइवे पर जो सड़क हादसे हुए, उनमें 157 लोगों ने अपनी जान गंवाई। हादसे रोकने के लिए हाइवे पर ही इंतजाम नाकाफी हैं।

  • इस साल जनवरी से नवंबर के बीच 11 माह में 1896 सड़क हादसे हुए हैं। इसमें 218 लोगों की जान गई। 1749 लोग सड़क हादसे में घायल हुए हैं। 2022 में जनवरी से दिसंबर के बीच 2057 सड़क हादसे हुए थे, इसमें 353 लोगों की मौत हुई थी। जबकि 2021 में यह आंकड़ा 1830 का रहा और 359 लोगों ने जान गंवाई। 2021 में 1799 सड़क हादसे हुए इसमें 316 लोगों की मौत हुई।
  • इस साल जनवरी से नवंबर के बीच हुए सड़क हादसों में 157 लोगों की मौत हाइवे पर हुई। अधिकांश हादसे सर्दी के मौसम में ही हुए।

यह हैं वजह…जिनकी वजह से कोहरे में बढ़ते हैं हादसे

  • कनेक्टिंग रोड: हाइवे और आउटर प्वाइंट पर ऐसी सड़क जो आसपास के गांव से जुड़ी होती हैं। यह सड़क से नीची होती हैं। यहां स्पीड ब्रेकर नहीं हाेते। यहां संकेतक नहीं हैं। ऐसे में कनेक्टिंग रोड से तेज रफ्तार में वाहन आते हैं और हाइवे से आ रहे वाहन चालकों को यह वाहन नजर नहीं आते। इसलिए हादसे होते हैं। ग्वालियर में कल्याणी चौराहा, नैनागिर चौराहा इसी तरह बने हुए हैं।
  • आवारा मवेशी: आवारा मवेशी हाइवे पर बैठे रहते हैं। अचानक रेलिंग, झाड़ी, खेत में से निकलर सड़क पर आ जाते हैं। अचानक वाहन चालक ब्रेक लगाते हैं और हादसे का शिकार हो जाते हैं। इस तरह कई हादसे होते हैं।
  • रफ्तार पर ब्रेक नहीं: आउटर पर रफ्तार पर ब्रेक नहीं है। तेज रफ्तार में यहां से वाहन निकलते हैं। इन पर ट्रैफिक पुलिस कार्रवाई ही नहीं करती।
  • रिफ्लेक्टर और रेडियम टेप: एनएचएआइ की जिम्मेदारी है- हाइवे पर ऐसे इलाके जहां कोहरे की वजह से सर्दियों में हादसे बढ़ते हैं, वहां रिफ्लेक्टर, संकेतक, मवेशियों के सींग पर रेडियम टेप लगाये जाएं। अभी तक यह व्यवस्था नहीं की गई है।

हाइवे पर सड़क हादसे रोकने के लिए नगर निगम, एनएचएआइ के साथ समन्वयय कर प्लानिंग की जाएगी। यहां मवेशी और अंधे मोड़ पर हादसे होते हैं। इसे लेकर प्लानिंग की जाएगी।

ऋषिकेष मीणा, एएसपी, ट्रैफिक

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