Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Chhattisgarh Politics News: भूपेश बघेल का तंज- 'पता नहीं कौन सी सजा मिली कि सत्ता से बाहर हुए, पर जन... Dhamtari News Today: पंखा चालू करने गया और सिर पर गिर पड़ी जर्जर छत; धमतरी विवेकानंद वार्ड की खबर Chhattisgarh Ganeshotsav 2026: 'हे विघ्नहर्ता दूर करो शिक्षा का भ्रष्टाचार'; रायपुर के भटगांव पंडाल ... Balrampur News: उफनती नदी पार कर 9 बच्चों को पढ़ाने पहुंचती हैं 2 महिला शिक्षिकाएं; कलेक्टर ने की जज... Raipur News Today: संवैधानिक आरक्षण बचाओ रैली में गरजे 'जेन जी' युवा; राज्यपाल के नाम सौंपा 20 सूत्र... Chhattisgarh Politics News: दीपक बैज, भूपेश बघेल और सिंहदेव ने पढ़ाया सियासी पाठ; रायपुर शिविर में प... Jamshedpur News Today: 'लाखों छात्रों का भविष्य खतरे में'; जमशेदपुर में हेमंत सरकार पर गरजे नेता प्र... Ranchi Weather News: 40-50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं, गिरेगा तापमान; मौसम विभाग ने जारी की... Central Silk Board Award: केंद्रीय रेशम बोर्ड के 77वें स्थापना दिवस पर चमके झारखंड के शंभूनाथ; बेंगल... Ranchi Police Action: पेट्रोल पंप के पास वारदात की फिराक में थे बदमाश; सिटी एसपी पारस राणा ने किया ब...

Margashirsha Amavasya 2023: अमावस्या के दिन जरूर करें इस खास स्तोत्र का पाठ, कभी नहीं होगी धन की कमी

74

जय जय हे मधुसूदन कामिनि आदिलक्ष्मि परिपालय माम्।

धान्य लक्ष्मी

अयिकलि कल्मष नाशिनि कामिनि वैदिक रूपिणि वेदमये।

क्षीर समुद्भव मङ्गल रुपिणि मन्त्रनिवासिनि मन्त्रनुते।

मङ्गलदायिनि अम्बुजवासिनि देवगणाश्रित पादयुते।

जय जय हे मधुसूदनकामिनि धान्यलक्ष्मि परिपालय माम्।

धैर्य लक्ष्मी

जयवरवर्षिणि वैष्णवि भार्गवि मन्त्र स्वरुपिणि मन्त्रमये।

सुरगण पूजित शीघ्र फलप्रद ज्ञान विकासिनि शास्त्रनुते।

भवभयहारिणि पापविमोचनि साधु जनाश्रित पादयुते।

जय जय हे मधुसूदन कामिनि धैर्यलक्ष्मि सदापालय माम्।

गज लक्ष्मी

जय जय दुर्गति नाशिनि कामिनि वैदिक रूपिणि वेदमये।

रधगज तुरगपदाति समावृत परिजन मंडित लोकनुते।

हरिहर ब्रम्ह सुपूजित सेवित ताप निवारिणि पादयुते।

जय जय हे मधुसूदन कामिनि गजलक्ष्मि रूपेण पालय माम्।

सन्तान लक्ष्मी

अयि खगवाहिनी मोहिनि चक्रिणि रागविवर्धिनि ज्ञानमये।

गुणगणवारिधि लोकहितैषिणि सप्तस्वर भूषित गाननुते।

सकल सुरासुर देव मुनीश्वर मानव वन्दित पादयुते।

जय जय हे मधुसूदन कामिनि सन्तानलक्ष्मि परिपालय माम्।

विजय लक्ष्मी

जय कमलासनि सद-गति दायिनि ज्ञानविकासिनि गानमये।

अनुदिन मर्चित कुङ्कुम धूसर भूषित वसित वाद्यनुते।

कनकधरास्तुति वैभव वन्दित शङ्करदेशिक मान्यपदे।

जय जय हे मधुसूदन कामिनि विजयक्ष्मि परिपालय माम्।

विद्या लक्ष्मी

प्रणत सुरेश्वरि भारति भार्गवि शोकविनाशिनि रत्नमये।

मणिमय भूषित कर्णविभूषण शान्ति समावृत हास्यमुखे।

नवनिद्धिदायिनी कलिमलहारिणि कामित फलप्रद हस्तयुते।

जय जय हे मधुसूदन कामिनि विद्यालक्ष्मि सदा पालय माम्।

धन लक्ष्मी

धिमिधिमि धिन्धिमि धिन्धिमि-दिन्धिमी दुन्धुभि नाद सुपूर्णमये।

घुमघुम घुङ्घुम घुङ्घुम घुङ्घुम शङ्ख निनाद सुवाद्यनुते।

वेद पुराणेतिहास सुपूजित वैदिक मार्ग प्रदर्शयुते।

जय जय हे कामिनि धनलक्ष्मी रूपेण पालय माम्।

अष्टलक्ष्मी नमस्तुभ्यं वरदे कामरूपिणि।

विष्णुवक्षःस्थलारूढे भक्तमोक्षप्रदायिनी।।

शङ्ख चक्र गदाहस्ते विश्वरूपिणिते जयः।

जगन्मात्रे च मोहिन्यै मंगलम शुभ मङ्गलम।

।इति श्री अष्टलक्ष्मी स्तोत्रम सम्पूर्णम।

डिसक्लेमर

‘इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।’

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.