Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Iran-Israel War Impact: ईरान युद्ध के कारण बढ़ सकते हैं पानी और कोल्ड ड्रिंक की बोतलों के दाम; भारतीय... मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड का बड़ा फरमान: "मुसलमानों के लिए इस्लामी उत्तराधिकार कानून अनिवार्य"; संपत्ति... विकसित भारत 2047: हरियाणा बनेगा देश का 'ग्रोथ इंजन'! उद्योग और युवाओं के कौशल पर सरकार का बड़ा दांव;... दिल्ली-देहरादून हाईवे पर 'आपत्तिजनक नारा' लिखना पड़ा भारी! दो युवतियों समेत 3 गिरफ्तार; माहौल बिगाड़ने... सावधान! दिल्ली में 48 घंटे बाद बरसेगा पानी, यूपी-राजस्थान में 'तूफान' जैसी हवाओं का अलर्ट; IMD ने पह... आगरा में 'जहरीली गैस' का तांडव! कोल्ड स्टोरेज से रिसाव के बाद मची भगदड़, जान बचाने के लिए खेतों की त... Bus Fire News: जैसलमेर से अहमदाबाद जा रही स्लीपर बस में लगी भीषण आग, एक यात्री झुलसा; खिड़कियों से क... कश्मीर में VIP सुरक्षा पर 'सर्जिकल स्ट्राइक'! फारूक अब्दुल्ला पर हमले के बाद हिला प्रशासन; अब बुलेटप... ईरान की 'हिट लिस्ट' में Google, Apple और Microsoft? अब टेक कंपनियों को तबाह करेगा तेहरान; पूरी दुनिय... दिल्ली में 'Zero' बिजली बिल वालों की शामत! खाली पड़े घरों की सब्सिडी छीनने की तैयारी; क्या आपका भी बं...

Maa Annapurna Vrat 2023: मां अन्नपूर्णा का व्रत रखने से कुछ दिनों में ही होगा धन लाभ, जानें तिथि और महत्व

37

इंदौर। हिंदू धर्म में मान्यता है कि अन्नपूर्णा मां की पूजा करने से घर में सुख शांति का वास होता है। वह आशीर्वाद देती हैं तो घर में धन-धान्य की कभी भी कमी नहीं रहती है। घर में हमेशा अन्न के भंडार भरे रहते हैं। हर साल हिंदू धर्म में मां अन्नपूर्णा पर समर्पित एक व्रत भी है। व्रत का नाम अन्नपूर्णा व्रत है। ऐसे में ज्योतिषाचार्य राधाकांत वत्स ने विस्तार से व्रत के बारे में बताया है कि यह कितना लाभकारी है। इस व्रत को करने से कुछ ही दिनों में लाभ प्राप्त हो जाता है।

कब है मां अन्नपूर्णा व्रत 2023?

मां अन्नपूर्णा का व्रत मार्गशीष माह के कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि पर पड़ता है। यह इस साल 2 दिसंबर (शनिवार) को होगा। मां अन्नपूर्णा के व्रत का समापन 17 दिनों के बाद 18 दिसंबर, दिन सोमवार को होगा।

क्या है मां अन्नपूर्णा व्रत 2023 का महत्व?

मां अन्नपूर्णा के व्रत के दौरान काशी में स्थित माता अन्नपूर्णा देवी के मंदिर में भक्तों का जमावड़ा लगना शुरू हो जाता है। व्रत के पहले दिन भक्त मां अन्नपूर्णा के दर्शन करते हैं। उसके बाद मंदिर में 17 गांठ के धागे को बाजू पर बांध लेते हैं। यह उनके आशीर्वाद के रूप में लिया जाता है। अगर कोई भक्त मां अन्नपूर्णा के मंदिर में जाकर दर्शन नहीं कर पाता है, वह घर पर उनके फोटो के सामने पूजा कर सकते हैं। उसके बाद 17 गांठ वाला धागा बांध सकते हैं। इस व्रत का संकल्प 17 साल, 17 महीने या 17 दिनों तक का ले सकते हैं।

डिसक्लेमर

‘इस लेख में निहित किसी भी जानकारी/सामग्री/गणना की सटीकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। विभिन्न माध्यमों/जयोतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संग्रहित कर ये जानकारियां आप तक पहुंचाई गई हैं। हमारा उद्देंश्य महज सूचना पहुंचाना है, इसके उपयोगकर्ता इसे महज सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त, इसके किसी भी उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता की ही रहेगी’।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.