Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Maihar Golamath Temple: मैहर का वो अनोखा मंदिर जहाँ नहीं है एक भी जोड़, महाशिवरात्रि पर उमड़ा श्रद्ध... Viral Wedding: सोशल मीडिया पर परवान चढ़ा प्यार, 3.8 फीट की दुल्हन और 4.2 फीट के दूल्हे की बनी 'परफेक्... Mahashivratri 2026: दूल्हा बनकर निकले पातालेश्वर महादेव, माता पार्वती संग रचाया ब्याह; बारात में जमक... Indian Currency Update: अब भारतीय सिक्के पर दिखेगी 'वंदे भारत' ट्रेन, सरकार ने जारी किया 100 रुपये क... Mahakaleshwar Temple Decoration: 4 देशों के फूलों से महका महाकाल का दरबार, बेंगलुरु के 200 कलाकारों ... Ujjain Mahakal Darshan: महाशिवरात्रि पर 44 घंटे खुले रहेंगे बाबा महाकाल के पट, भस्म आरती में दिखा अद... Indian Navy Rescue: भारतीय नौसेना ने बीच समंदर में जापानी नाविक को किया एयरलिफ्ट, 200 किमी दूर से ऐस... Delhi EOL Vehicle News: दिल्ली में पुरानी गाड़ियों पर 'सर्जिकल स्ट्राइक', अब बिना नोटिस सीधे स्क्रैप... UP Politics: पूर्व मंत्री अनीस खान समेत 100 से ज्यादा दिग्गज आज थामेंगे सपा का दामन, अखिलेश यादव की ... Ghaziabad Crime News: गाजियाबाद में रिश्तों का कत्ल, ढाई साल की बेटी से अश्लील हरकत करते पिता को मां...

हाई कोर्ट ने कांग्रेस नेता उमंग सिंघार के विरुद्ध FIR की निरस्त, वाहन में शराब मिलने का मामला

13

जबलपुर। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति संजय द्विवेदी की एकलपीठ ने कांग्रेस नेता उमंग सिंघार के विरुद्ध दर्ज एफआइआर निरस्त कर दी है। मामला चुनाव प्रचार वाहन में शराब मिलने से संबंधित था। हाई कोर्ट ने अपने आदेश में साफ किया कि पुलिस मेमोरेंडम में याचिकाकर्ता के नाम का खुलासा नहीं किया गया था। इसके अलावा गवाहों ने भी याचिकाकर्ता का नाम नहीं लिया।

ये है पूरा मामला

दरअसल, पूर्व मंत्री सिंघार गंधवानी विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस प्रत्याशी हैं। उनके अनुमति प्राप्त प्रचार वाहन से शराब जब्त हुई थी। गंधवानी पुलिस ने उमंग सिंघार सहित सीताराम केशरिया व सचिन मूलेवा के विरुद्ध आबकारी अधिनियम सहित लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम धारा 120 बी, 188 तथा 171 के तहत प्रकरण दर्ज किया था। मामले में आरोपित बनाए जाने के विरुद्ध उमंग सिंघार ने हाई कोर्ट की शरण ली थी। प्रारंभिक सुनवाई के बाद हाई कोर्ट ने अंतरिम आदेश के जरिये याचिकाकर्ता के विरुद्ध कार्रवाई पर रोक लगा दी थी।

छवि धूमिल करने का आरोप

सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से बताया गया कि जिस वाहन में शराब जब्त हुई थी, वह उनके चुनाव प्रचार में लगा हुआ था। वाहन में शराब रखे होने की उन्हें कोई जानकारी नहीं थी। वह प्रत्याशी हैं और उनकी छवि धूमिल करने के लिए उनके विरुद्ध षड्यंत्र के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। वाहन से जब शराब जब्त हुई तो वह उपस्थित नहीं थे। इसके बावजूद भी प्रकरण में उन्हें आरोपित बनाया गया है। मामले में शासन की ओर से याचिकाकर्ता को मिली राहत बरकरार रखते हुए समय प्रदान करने का आग्रह किया गया।

इंदौर खंडपीठ के आधिकार क्षेत्र

वहीं आवेदक की ओर से कहा गया कि मतगणना तीन दिसंबर को होनी है, इसके पहले याचिका पर सुनवाई की जाए। इस बात की प्रबल संभावना है कि प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनने पर वह कैबिनेट मंत्री बनाए जाएंगे। वहीं शासन की ओर से कहा गया कि याचिकाकर्ता को हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ में याचिका दायर करना चाहिए थी। अपराध जिला स्थान में घटित हुआ वह इंदौर खंडपीठ के आधिकार क्षेत्र में आता है। जिस पर याचिकाकर्ता की ओर से बताया गया कि सांसद और विधायक के लिए मुख्य न्यायाधीश ने कोर्ट का निर्धारण किया है।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.