Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Bhopal News Today: भोपाल में स्विगी इंस्टामार्ट, ब्लिंकिट और होटल शुभ इन पर खाद्य सुरक्षा टीम का छाप... Ram Mandir Donation Scam SIT: सुप्रीम कोर्ट में SIT का खुलासा; राम मंदिर काउंटिंग रूम से चोरी के 105... Delhi High Court PIL: डीटीसी बस हड़ताल से थमीं दिल्ली की रफ्तार; जनहित याचिका पर हाईकोर्ट की पीठ करे... Faridabad CM Flying Raid: तिगांव में अवैध बुलेटप्रूफ कार वर्कशॉप पर CM फ्लाइंग का छापा; 4 लग्जरी गाड... Gurugram MCG Action: भोंडसी में नगर निगम का बड़ा बुलडोजर एक्शन; 6 अवैध भवन सील, 4 ध्वस्त Gurugram Crime News: गुड़गांव की नाथूपुर सब्जी मंडी में हिताची ATM में लगी भीषण आग; मशीन में रखा कैश... Raipur News: रायपुर उत्तर में विधायक पुरन्दर मिश्रा की 8 दिवसीय पदयात्रा; सीएम साय करेंगे आगाज, राज्... Kanker Yuva Udaan Event: '2047 तक विकसित भारत का सपना युवाओं के कंधे पर'; कांकेर में बोले युवा आयोग ... Kanker BSF Camp News: माओवाद के साये से निकलकर वर्दी के सपने; कांकेर के तुमापाल में BSF कैंप में उमड... Raipur News: भाटागांव सब्जी बाजार विवाद में आयुक्त का आश्वासन; 7 दिनों में सामने आएंगे लॉटरी आवंटन क...

फर्जी पहचान से फर्जी रजिस्ट्री करवाकर ले लिया लोन, किराएदार को पांच वर्ष की सजा

59

इंदौर। अपना फर्जी नाम रखा, फर्जी पहचान बताई और मकान किराए पर लिया। मकान मालिक दूसरे शहर में था, इसका लाभ उठाकर मकान की रजिस्ट्री अपने फर्जी नाम से करवा ली। इस मकान पर बाद में बैंक से लाखों रुपये का लोन भी ले लिया। मकान मालिक की शिकायत और 11 साल की कानूनी लड़ाई के बाद फर्जीवाड़े के आरोपित को कोर्ट ने दोषी माना और पांच वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई।

जिला अभियोजन अधिकारी संजीव श्रीवास्तव के अनुसार, 29 नवंबर को अपर सत्र न्यायाधीश, विशेष न्यायालय ने अन्नपूर्णा क्षेत्र के अपराध क्रमांक 84/2011 में निर्णय पारित करते हुए आरोपित 48 वर्षीय प्रितेष बिंदल निवासी स्कीम 71 को धारा 420, 467, 468, 471 भादसं में पांच-पांच वर्ष का सश्रम कारावास तथा धारा 419 भादसं में तीन वर्ष का सश्रम कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 25000 रुपये के अर्थदण्ड से भी दंडित किया।

काम के सिलसिले में पुणे शिफ्ट हो गए मकान मालिक

फरियादी नवीन पिता महेशचन्द्र वैद्य ने पुलिस में शिकायत की थी कि उनका और मां मनोरमा के नाम से भूखण्ड क्रमांक 47 ग्रेटर वैशाली नगर अन्नपूर्णा में है, जो उन्होंने जून 2000 में खरीदा था। इस पर मकान बनवाकर वे कुछ समय रहे फिर काम के सिलसिले में पुणे शिफ्ट हो गए। उन्होंने मकान को रंजीत सलूजा को किराए पर दिया।सलूजा ने खुद को 17 लोहा मण्डी देवश्री टाकीज इंदौर के पास का स्थानीय निवासी और बेटमा जिला धार का स्थायी निवासी होना बताते हुए मकान लिया।

मकान मालिक की जगह दूसरे का फोटो लगा दिया

मार्च 2006 में किराएदार रंजीत सलूजा ने उक्त मकान की रजिस्ट्री अपने नाम से करवा ली, जबकि मकान मालिक ने उसे मकान बेचा ही नहीं था। किसी अन्य के फोटो मकान मालिक बताकर रजिस्ट्री में लगाए और फर्जी तरीके से रजिस्ट्री करवा ली। और तो और फरियादी के नाम से एक दस्तावेज गुम होने की फर्जी रिपोर्ट भी अन्नपूर्णा थाने में किराएदार ने कराई थी। एक तरफ किराएदार ने मकान की फर्जी रजिस्ट्री करवाई तो दूसरी तरफ मकान मालिक से किरादारी का एग्रीमेंट भी आगे बढ़वाता रहा। कूटरचित रजिस्ट्री द्वारा आरोपित ने फरियादी के नाम से उक्त बैंक से लगभग 10,25,000 रुपये का लोन भी ले लिया।

आरोपित ने नाम भी फर्जी रख लिया

मकान मालिक की शिकायत की जांच के बाद पुलिस ने आरोपित पर विभिन् धाराओं में प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। इस दौरान पता चला कि रंजीत सलूजा का मूल नाम प्रितेश पिता रमेश बिंदल था, जो फर्जी तरीके से रंजीत सलूजा बनकर फर्जीवाड़ा कर रहा था। जांच के बाद अभियोग पत्र न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया। इस पर से आरोपित को सजा सुनाई गई। अभियोजन की ओर से पैरवी अपर लोक अभियोजक अविसारिका जैन ने की।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.