Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
बालाघाट में घर में घुसकर सो रही महिला को उठा ले गया बाघ: कान्हा बफर जोन में दिल नहला देने वाला हादसा... पन्ना में दर्दनाक हादसा: 9 माह की गर्भवती महिला और अजन्मे बच्चे की मौत, एनीमिया बनी वजह; पति पर लापर... इंदौर ने नम आंखों से दी वीर सपूत को अंतिम विदाई, मेजर हमजा आरिफ सैन्य सम्मान के साथ सुपुर्द-ए-खाक ग्वालियर में गुमशुदा तोते 'शकुंतला' के लिए 50 हजार का इनाम: ढोल-लाउडस्पीकर से तलाश में जुटा ओझा परिव... इंदौर में महज 7 दिन में टूटा शादी का बंधन, फैमिली कोर्ट ने तलाक की अर्जी को दी मंजूरी रतलाम में एग्रीमेंट वाली शादी का खौफनाक अंत: 3rd फ्लोर से रस्सी के सहारे भाग रही थी 23 साल की दुल्हन... छतरपुर में हॉस्टल की बड़ी लापरवाही! छत फांदकर एक साथ भागे 3 छात्र; मचा हड़कंप, परिजनों के उड़े होश गोरखपुर में दिल दहला देने वाली घटना, बहन से छेड़छाड़ का विरोध करने पर 9 वर्षीय मासूम की पीट-पीटकर हत... Vपप्पू यादव की प्रेस कॉन्फ्रेंस में हंगामा: चाकू लेकर पहुंचा युवक, समर्थकों ने दबोचा; सांसद बोले— 'म... Solar Eclipse 2027: 75 साल बाद सऊदी अरब में दिखेगा पूर्ण सूर्य ग्रहण, 21वीं सदी की सबसे बड़ी खगोलीय ...

भोपाल में टावर पर चढ़ा प्रत्याशी, बोला- चुनाव लड़ने के लिए नहीं बचा पैसा

66

भोपाल। नरेला विधानसभा के निर्दलीय प्रत्याशी अर्जुन आर्य उर्फ जज्जाल ने बुधवार शाम को राजधानी के चेतक ब्रिज के पास स्थित मोबाइल टावर पर चढ़कर खूब हंगामा किया। गोविंदपुरा पुलिस और नगर निगम की टीम मौके पर पहुंच गई। काफी मशक्कत के बाद प्रत्याशी को नीचे उतारा गया और स्वजन को बुलाने के बाद समझाइश देते हुए उसे छोड़ दिया गया।

चुनाव में प्रचार खर्चे रुपये

पूछताछ में यह बात सामने आई कि चुनाव में प्रचार-प्रसार में उसने काफी रुपये खर्च कर दिए थे और अब उसके पास रुपये नहीं बचे थे। पुलिस के अनुसार, अर्जुन आर्य उर्फ जज्जाल शाम करीब साढ़े पांच बजे के आसपास टावर पर चढ़ा और चश्मा लगाकर टावर पर बैठ गया। नीचे उतरने से आनाकानी करने लगा और कहने लगा कि मेरे पास चुनाव लड़ने के लिए रुपये नहीं है।

बता दें कि एक महीने पहले भी यह अर्जुन आर्य एमपी नगर क्षेत्र में के ज्योति सिनेमा के मोबाइल टावर पर चढ़ गया था। उस समय उसने मांगों को लेकर पर्चा भी छपवाया था और इसे ऊपर से फेंककर पुलिस से मांग पूरी करने को कहा था। अब एक फिर उसने वैसा ही कदम उठाया है। पुलिस उस पर कार्रवाई करती, लेकिन प्रत्याशी होने के कारण उसे समझाइश देकर छोड़ दिया गया।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.