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‘कांग्रेस ने मुसलमानों को वोट बैंक के रुप में इस्तेमाल किया’, KCR ने पूछा- किसकी निगरानी में बाबरी मस्जिद ढहाई गई?

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कांग्रेस पर मुसलमानों को केवल ‘वोट बैंक’ के रूप में इस्तेमाल करने का आरोप लगाते हुए भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के अध्यक्ष एवं तेलंगाना के मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव ने बुधवार को पूछा कि बाबरी मस्जिद का विध्वंस किसकी निगरानी में हुआ था। निजामाबाद में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए राव ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की ‘मोहब्बत की दुकान’ वाली टिप्पणी का परोक्ष संदर्भ देते हुए यह बात कही। राव ने कहा कि अगर कोई धर्मनिरपेक्ष है, तो यह उसके काम में प्रतिबिंबित भी होना चाहिए।

बाबरी मस्जिद का विध्वंस किसकी निगरानी में हुआ?
बीआरएस प्रमुख ने दावा किया, ‘‘हम (बीआरएस) धर्म और समुदाय की परवाह किए बिना सभी के साथ समान व्यवहार करते हैं। कांग्रेस ने आपको (मुसलमानों को) केवल वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल किया। आज भी, कांग्रेस नाटक करती है। वे कहते हैं कि हम ‘नफरत की दुकान’ बंद कर देंगे। मैं पूछ रहा हूं कि बाबरी मस्जिद का विध्वंस किसकी निगरानी में हुआ? इसे किसने करवाया? इसे समझने की जरूरत है।”

2014 के बाद कोई सांप्रदायिक दंगा नहीं हुआ
राव ने कहा कि तेलंगाना के गठन से पहले अविभाजित आंध्र प्रदेश में कांग्रेस शासन के 10 वर्षों के दौरान अल्पसंख्यकों के कल्याण पर केवल 2,000 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे, जबकि बीआरएस सरकार ने इस पर 12,000 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। उन्होंने दावा किया कि राज्य में 2014 के बाद से बीआरएस शासन के दौरान कोई सांप्रदायिक दंगा नहीं हुआ है, जबकि कांग्रेस सरकार के दौरान ऐसे दंगे और कर्फ्यू आम बात थी। केसीआर ने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा सांप्रदायिक आधार पर लोगों के बीच दुश्मनी पैदा करती है।

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