Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
ED Officers SC ST Act Case Ranchi: हाईकोर्ट ने जवाब दाखिल करने के लिए मांगा समय, 2 नवंबर को होगी अगल... Jharkhand Food Department Guidelines: अवैध एलपीजी उपयोग रोकने के लिए जिला प्रशासन और तेल कंपनियों मे... Charged for Impact Event Dhanbad: इंडस्ट्री और एकेडमिक सहयोग पर विशेष चर्चा, कई दिग्गज हुए शामिल 174 यात्रियों की जान बचाने वाले जांबाज कैप्टन: स्मित मछार को 'गुजरात गरिमा पुरस्कार' से नवाजेगी सरका... Ranchi News: नामकुम में स्वच्छता ही सेवा-2026 अभियान के तहत विशेष कार्यक्रम, मंत्री योगेंद्र प्रसाद ... चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका: संवैधानिक और कानूनी प्रक्रियाओं पर उठे... Dhamtari Snake Bite News: घर में सो रही मां और मासूम बेटी को करैत सांप ने डसा, डेढ़ साल की बच्ची की द... INDIA गठबंधन के साथ हैं, लेकिन राहुल गांधी की पीएम उम्मीदवारी पर साधी चुप्पी: मध्यावधि चुनाव के संके... CGPSC and UPSC Success Story: कैंसर को मात देकर अधिकारी बने संजय डहरिया की कहानी से युवाओं को मिली प... Chhattisgrah Politics Update: विकसित भारत के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही यात्रा, 7 अक्टूबर को पहुंचेगी...

रैगिंग मामले में बीयू प्रबंधन सख्त, कनिष्ठ व वरिष्ठ विद्यार्थियों को अलग-अलग छात्रावास में रखा जाएगा

45
भोपाल। राजधानी में स्थित बरकतउल्ला विश्वविद्यालय (बीयू) में आए दिन रैंगिंग के मामले सामने आ रहे हैं। इसे देखते हुए कुलपति एसके जैन ने कनिष्ठ व वरिष्ठ विद्यार्थियों को अलग-अलग छात्रावास में रखने के आदेश जारी किए हैं। प्रबंधन का मानना है कि एक साथ रहने से रैगिंग व मारपीट की घटनाएं बढ़ने लगती हैं। वहीं एक माह पहले छात्रावास के कनिष्ठ विद्यार्थियों ने वरिष्ठ विद्यार्थियों के विरुद्ध रैगिंग की शिकायत यूजीसी हेल्पलाइन पर की थी। इस मामले में विवि प्रबंधन ने बुधवार को रैंगिंग के मामले में छात्रावास के 12 विद्यार्थियों को छात्रावास से निष्कासित करने का नोटिस जारी किया था।

आरोपित छात्रों के खिलाफ बीयू प्रशासन की सख्ती

इस पर गुरुवार को कार्रवाई करते हुए विद्यार्थियों को छात्रावास खाली करने के लिए कहा गया है, हालांकि इससे पहले भी छात्रावास खाली करने को लेकर इससे पहले भी कई बार आदेश जारी किए गए, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। अब इस मामले में विवि प्रबंधन ने सख्ती बरतते हुए यह निर्देश जारी किए हैं कि अगर निष्कासित विद्यार्थी छात्रावास खाली करने में देरी करेंगे या नहीं करेंगे तो पुलिस उनसे खाली कराएगी। साथ ही 100 मीटर दायरे में भी दिखेंगे तो पुलिस में शिकायत की जाएगी। यह पहला मौका है कि बीयू प्रशासन ने ऐसे वरिष्ठ विद्यार्थियों के लिए छात्रावास के बाहर 100 मीटर के दायरे में आने-जाने पर रोक लगाई है।

कन्या छात्रावास में छात्राओं के हंगामे के बाद सुधरी व्यवस्था

उधर, बीयू परिसर में स्थित कन्या छात्रावास की छात्राओं द्वारा धरना-प्रदर्शन करने के बाद कुलपति ने तत्काल व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए। गुरुवार को कुलसचिव आइके मंसूरी ने इंदिरा छात्रावास का निरीक्षण कर खुद की निगरानी में वहां की व्यवस्थाओं को सुधरवाया। कमरों में पंखें खराब थे, जिन्हें सुधरवाया गया। साथ ही वाटर कूलर और बिजली व्यवस्था को सुधारा गया। भोजन के लिए मेस में दो रसोइयों को भेजा गया। छात्राओं की शिकायत थी कि मेस में कोई स्थायी रसोईया नहीं है। रसोईये का बार-बार ट्रांसफर कर दिया जाता है, जिससे भोजन की व्यवस्था प्रभावित होती है।

विवि में रैगिंग के मामले ना हों, इसके लिए कनिष्ठ व वरिष्ठ विद्यार्थियों को अलग-अलग छात्रावास में रखने का निर्णय लिया गया है। साथ ही अगर निष्कासित विद्यार्थी 100 मीटर तक नजर आएंगे तो पुलिस में शिकायत की जाएगी।

– एसके जैन, कुलपति, बीयू

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.